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Vrindavan Premanand Maharaj Ashram Controversy/ कन्हैया लाल शर्मा: धर्म नगरी वृंदावन का माहौल अचानक से एक बहुत बड़े वित्तीय विवाद के मुहाने पर आ खड़ा हुआ है. संत प्रेमानंद महाराज के 'केली कुंज आश्रम' के भीतर चल रही खींचतान अब बंद कमरों से निकलकर सड़कों और सोशल मीडिया के मंच पर आ गई है, लेकिन इस जुबानी जंग में नया भूचाल तब आया, जब फलाहारी महाराज ने भारतीय क्रिकेट के 'किंग' विराट कोहली का नाम सीधे इस विवाद में घसीट लिया.
5 करोड़ की रहस्यमयी डील
फलाहारी महाराज ने एक ऐसा संगीन आरोप जड़ दिया है, जिसने संत समाज से लेकर कोहली के फैंस तक के होश उड़ा दिए हैं. फलाहारी महाराज का आरोप है कि आश्रम में सक्रिय प्रॉपर्टी गुट और तथाकथित नकली साधुओं ने अपने अलग-अलग बैंक खातों के माध्यम से विराट कोहली को 2 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए थे. जबकि, 3 करोड़ रुपये की नगद राशि उनके दिल्ली वाले आवास पर पहुंचाई गई थी.
महाराज का दावा है कि जब बाद में विराट कोहली के मन में सच्ची भक्ति जागी, तो वे दोबारा वृंदावन आए और उन्होंने ली गई राशि से कई गुना अधिक धन आश्रम को वापस लौटाया, जिसे अब सेवा कार्यों में लगाया गया है.
लगभग 10 प्रतिशत नकली साधु जाएंगे जेल
अपने दावों को सच बताते हुए फलाहारी महाराज ने कहा कि वे सालों से अन्न त्याग कर तपस्या कर रहे हैं और कभी झूठ नहीं बोलते. उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर विराट कोहली की कंपनी और संबंधित साधुओं के बैंक खातों की निष्पक्ष जांच कराई जाए, तो दूध का दूध और पानी का पानी साफ हो जाएगा. उनका यह भी कहना है कि अगर मामले में सीबीआई जांच होती है, तो आश्रम में मौजूद लगभग 10 प्रतिशत नकली साधु सीधे जेल जाएंगे.
इससे पहले भी फलाहारी महाराज आश्रम परिसर में सक्रिय पीआर ग्रुप और प्रॉपर्टी से जुड़े लोगों की शिकायतें दर्ज करा चुके हैं.
1 करोड़ का मानहानि नोटिस
जैसे ही यह बयान सामने आया, केली कुंज आश्रम के सेवादारों और श्रद्धालुओं के सब्र का बांध टूट गया. केली कुंज के सेवादारों ने फलाहारी महाराज के इन आरोपों को पूरी तरह से निराधार और भ्रामक बताते हुए उन्हें 1 करोड़ रुपये का मानहानि (Defamation) का लीगल नोटिस थमा दिया है.
आश्रम से जुड़े लोगों का कहना है कि विराट कोहली और अनुष्का शर्मा केवल संत दर्शन और व्यक्तिगत श्रद्धा के कारण केली कुंज आते हैं. फिलहाल फलाहारी महाराज के इन नए दावों पर विराट कोहली की टीम या किसी प्रशासनिक एजेंसी की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है.