12 साल बाद हत्थे चढ़ा 50 हजार का इनामी: वाराणसी STF ने असम से दबोचा, बलिया में दर्ज हैं हत्या समेत कई संगीन मुकदमे
वाराणसी STF ने असम के गुवाहाटी से 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी राजकुमार वर्मा उर्फ प्रदीप वर्मा को गिरफ्तार किया है. आरोपी बलिया में वर्ष 2012 में दर्ज हत्या के मामले में फरार चल रहा था और STF के मुताबिक, शुरुआती पूछताछ में उसके प्रतिबंधित नक्सली संगठन CPI से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है.
जयपाल/वाराणसी: वाराणसी STF की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए असम के गुवाहाटी से 50 हजार रुपये के इनामी अपराधी को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपी की पहचान बलिया निवासी राजकुमार वर्मा उर्फ प्रदीप वर्मा के रूप में हुई है. आरोपी बलिया में दर्ज हत्या के एक मामले में वर्ष 2012 से फरार चल रहा था.
12 साल से फरार, कई थानों में कई संगीन आपराधिक मामले दर्ज
STF के मुताबिक, आरोपी पिछले करीब 12 सालों से लगातार अपने ठिकाने बदलकर पुलिस से बचता हुआ फिर रहा था. इस दौरान उसने देश के अलग-अलग हिस्सों में ठिकाने बनाए हुए थे. आरोपी राजकुमार के खिलाफ बलिया के सहतवार समेत अन्य थानों में कई संगीन आपराधिक मामले दर्ज बताए गए हैं.
गुवाहाटी में घेराबंदी कर गिरफ्तारी
STF को मुखबिर के जरिए आरोपी के गुवाहाटी में छिपे होने की गोपनीय सूचना मिली थी. फिर इसके बाद टीम ने असम पुलिस के सहयोग से वशिष्ठ थाना क्षेत्र के बजरा पाड़ा रोड पर घेराबंदी की और आरोपी को दबोच लिया.
आरोपी के पास से बरामदगी
गिरफ्तारी के समय उसके पास से आधार कार्ड और 2,400 रुपये नकद बरामद किए गए हैं. STF अब उसके आपराधिक नेटवर्क और पिछले 12 सालों के दौरान उसके ठिकानों की जानकारी जुटा रही है. बरामद सामान को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है. आरोपी की पहचान और उसके पिछले आपराधिक रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारियों की भी जांच की जा रही है.
नक्सली संगठन से कनेक्शन की जांच
STF के अनुसार, शुरुआती पूछताछ में आरोपी के तार प्रतिबंधित नक्सली संगठन CPI से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है. हालांकि, इस कनेक्शन से जुड़े तथ्यों की विस्तृत जांच अभी की जा रही है. उत्तर प्रदेश लाए जाने के बाद बलिया पुलिस और संबंधित सुरक्षा एजेंसियां आरोपी से उसके कथित नक्सली नेटवर्क और आपराधिक गतिविधियों को लेकर पूछताछ करेंगी.
गुवाहाटी कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड की कार्रवाई
आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया गया है. एसटीएफ की ओर से उसे उत्तर प्रदेश लाने के लिए ट्रांजिट रिमांड की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इसके बाद उसे बलिया पुलिस के सुपुर्द किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया इसलिए महत्वपूर्ण होती है क्योंकि किसी दूसरे राज्य से गिरफ्तार किए गए आरोपी को संबंधित राज्य में लाने के लिए न्यायालय की अनुमति आवश्यक होती है. इसी प्रक्रिया के तहत एसटीएफ आरोपी को असम से उत्तर प्रदेश लाने की तैयारी कर रही है.