SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

बदलेगी काशी की सूरत! 119 पार्कों का होगा कायाकल्प, पुरानी गलियों को मिलेगा नया लुक

Varanasi News: वाराणसी विकास प्राधिकरण और भारत पेट्रोलियम निगम लिमिटेड (बीपीसीएल) के बीच एक समझौता हुआ है. इसमें 69.21 करोड़ रुपये से काशी के 119 पार्कों का जीर्णोद्धार किया जाएगा.

Written By Amitesh Pandey
Published: Sep 07, 2026, 10:15 PM IST | Updated: Sep 07, 2026, 10:26 PM IST
Image Credit: AI image
Join

जयपाल/वाराणसी: काशी के शहरी ढांचे को आधुनिक बनाने और इसकी समृद्ध सांस्कृतिक व आध्यात्मिक विरासत को सहेजने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है. भारत पेट्रोलियम निगम लिमिटेड (बीपीसीएल) ने अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) फंड के तहत वाराणसी में 69.21 करोड़ रुपये की दो बड़ी और महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के लिए समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं. 

महापौर और मंडलायुक्त माैजूद रहे
ताज होटल में आयोजित एक भव्य समारोह में महापौर अशोक कुमार तिवारी, मंडलायुक्त एस. राजलिंगम और बीपीसीएल के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक संजय खन्ना की उपस्थिति में इन करारों को अंतिम रूप दिया गया. इस अवसर पर वाराणसी विकास प्राधिकरण, बीपीसीएल और जिला प्रशासन के कई शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे.

119 पार्कों का जीर्णोद्धार और आधुनिक फूड स्ट्रीट हब
पहले एमओयू के तहत बीपीसीएल 48 करोड़ रुपये का योगदान दे रहा है. इस बजट से काशी के 119 सार्वजनिक उद्यानों का कायाकल्प और सौंदर्यीकरण किया जाएगा. पार्कों में लैंडस्केपिंग, पैदल मार्ग (वॉकिंग पाथवे), ओपन जिम, बच्चों के लिए आधुनिक खेल उपकरण, जल निकासी व्यवस्था, स्वचालित प्रकाश व्यवस्था और बागवानी जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की जाएंगी. 

आधुनिक फूड स्ट्रीट हब विकसित किए जाएंगे
इसके साथ ही सारनाथ और मैदागिन में व्यवस्थित वेंडिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, पीने के पानी, स्वच्छता, सीसीटीवी निगरानी और सौर प्रकाश व्यवस्था से लैस दो आधुनिक फूड स्ट्रीट हब विकसित किए जाएंगे. यह काम बीपीसीएल, केआईपीआरएफ और वाराणसी स्मार्ट सिटी लिमिटेड की संयुक्त साझेदारी से पूरा होगा.

21.21 करोड़ से संवरेंगे विरासत गलियारे
वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) के साथ हस्ताक्षरित 21.21 करोड़ रुपये के दूसरे एमओयू का उद्देश्य काशी की प्राचीन गलियों और ऐतिहासिक मार्गों का कायाकल्प करना है. इसके तहत ठठेरी हेरिटेज गली से काल भैरव मंदिर तक का विरासत गलियारा संवारा जाएगा. 

मणिकर्णिका घाट जाने वाली गली की सूरत बदलेगी
इसके अलावा गोदौलिया चौराहा से मैदागिन चौराहा तक के अग्रभाग (फसाद) का सौंदर्यीकरण होगा तथा मणिकर्णिका घाट पर मणिकर्णिकेश्वर मंदिर जाने वाली गली का पुनर्विकास किया जाएगा. इन गलियों में पत्थरों की पक्की सड़कें, हेरिटेज लाइट्स, एक समान साइनबोर्ड, स्ट्रीट फर्नीचर, आकर्षक भित्ति चित्र (म्यूरल) और सार्वजनिक कलाकृतियां लगाई जाएंगी.

स्थानीय रोजगार और पर्यटन को गति
36 महीने की अवधि में पूरी होने वाली इन परियोजनाओं से काशी के नागरिक ढांचे, शहरी सौंदर्य और पर्यावरण में अभूतपूर्व सुधार देखने को मिलेगा, जहां एक तरफ देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्ट्रीट वेंडरों और व्यापारियों के लिए आजीविका के नए और सुरक्षित अवसर पैदा होंगे. 

Add Zee News as a Preferred Source

About the Author

अमितेश कुमार पांडेय डिजिटल पत्रकार हैं और ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड (Zee UP-UK) की डिजिटल टीम में सीनियर सब-एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से ताल्लुक रखने वाले अमितेश को मीडिया जगत में 8 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है. वे उत्तर प्रदेश की हाइपर-लोकल खबरों, क्राइम, प्रशासनिक गतिविधियों, राजनीतिक उठापटक और खेल जगत के मुद्दों पर पैनी नजर रखते हैं. खबरों की गहराई, ग्राउंड रियलिटी और तथ्य-आधारित डिजिटल कवरेज के लिए वे जाने जाते हैं.अमितेश के पास डेस्क एडिटिंग के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों से ग्राउंड रिपोर्टिंग का भी व्यावहारिक अनुभव है. अमितेश ने उत्तर प्रदेश के तीन प्रमुख शहरों- लखनऊ, प्रयागराज और गाज़ियाबाद में जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग की है. स्थानीय प्रशासन, जनसमस्याओं और राजनीतिक हलचलों की बेहतर समझ उन्हें ज़मीनी वास्तविकताओं को सटीक रूप से प्रस्तुत करने में मदद करती है. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने भारत के लिडिंग हिंदी न्यूज़ पेपर अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान में काम करने का अनुभव है. अमितेश ने पत्रकारिता की पढ़ाई प्रयागराज से की है.अमितेश पांडेय से आप amitesh.pandey@india.com पर सीधे ईमेल कर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप अमितेश से एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर कनेक्ट कर सकते हैं.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES