)
Hapur News: उत्तर प्रदेश के नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली में मकान और फ्लैट की बढ़ती कीमतों के बीच हापुड़ एनसीआर में घर खरीदने वालों के लिए नया विकल्प बनकर उभर रहा है. हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण (HPDA) शहर में 100 एकड़ में नई हाईटेक टाउनशिप बसाने की योजना पर काम कर रहा है. इस योजना के पहले चरण में हापुड़ और पिलखुवा क्षेत्र के 22 गांवों की जमीन शामिल की जाएगी. इसके लिए किसानों से सीधे जमीन खरीदने की तैयारी है.
22 गांवों की जमीन से तैयार होगा नया शहर
नई टाउनशिप के लिए हापुड़ नगर पालिका के आसपास के गांवों की जमीन लेने की तैयारी है. इनमें सादिकपुर, गिरधरपुर, तुमरैल, हाफिजपुर, अकड़ौली, नवादा, फाजिलपुर, भोवापुर, तिसौली, हावल, मदापुर, मुबारिकपुर, बदरखा, आजमपुर, अहमदपुर और कमालपुर समेत कई गांव शामिल हैं. बाकी छह गांवों के खसरा और राजस्व रिकॉर्ड का सत्यापन विकास प्राधिकरण, आवास विकास परिषद और जिला प्रशासन की ओर से किया जा रहा है.
प्राधिकरण किसानों से आपसी सहमति के आधार पर जमीन खरीदने की योजना बना रहा है. किसानों को उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से तय सर्किल रेट के अनुसार मुआवजा देने की तैयारी है. इससे जमीन खरीद की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने की कोशिश होगी.
सड़क से लेकर पार्क और अस्पताल तक की सुविधा
100 एकड़ में बनने वाली इस टाउनशिप में चौड़ी सड़कें, पार्क और ओपन जिम जैसी सुविधाएं होंगी. मुख्य सड़कें 45 से 60 फीट तक चौड़ी रखी जाएंगी. अलग-अलग आय वर्ग के लोगों के लिए EWS, LIG और HIG श्रेणी के आवासीय भूखंड उपलब्ध कराने की योजना है. इसके अलावा ग्रुप हाउसिंग की भी व्यवस्था होगी. टाउनशिप में स्कूल, अस्पताल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, कम्युनिटी सेंटर और बैंक जैसी जरूरी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी. बिजली की लाइन भूमिगत होगी. सीवेज के लिए ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाएगा और 24 घंटे पानी की आपूर्ति की व्यवस्था का भी प्रस्ताव है.
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से बढ़ी हापुड़ की कीमत
हापुड़ की सबसे बड़ी ताकत उसकी बेहतर कनेक्टिविटी है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे-9 से सीधी कनेक्टिविटी के कारण यहां रियल एस्टेट की मांग लगातार बढ़ रही है. दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के जरिए अक्षरधाम से हापुड़ पहुंचने में करीब 45 से 50 मिनट लग रहे हैं.
इसके अलावा सरकार गाजियाबाद-हापुड़ रूट पर रैपिड रेल चलाने की तैयारी कर रही है. अगर यह योजना आगे बढ़ती है तो हापुड़ से दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा की आवाजाही और आसान हो सकती है. यही वजह है कि रियल एस्टेट से जुड़े कारोबारियों की नजर भी हापुड़ पर है. जिले में रियल एस्टेट और हेल्थकेयर सेक्टर में 1300 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव आ चुके हैं. ऐसे में 100 एकड़ की नई टाउनशिप हापुड़ को एनसीआर में रहने के लिए एक नए और सुविधाजनक विकल्प के तौर पर मजबूत कर सकती है.