कौशांबी में वोटर लिस्ट बनी कॉमेडी की स्क्रिप्ट: अंग्रेजी के फेर में 'रामहित' बने 'राम ने मारा', पिता के नाम की जगह छप गया 'B.Com'
इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक एमएलसी चुनाव की वोटिंग तो खत्म हो गई, लेकिन वोटर लिस्ट चर्चा का विषय बनी हुई है. वोटर लिस्ट में नामों की ऐसी-ऐसी अजीबोगरीब ट्रांसलेशन मिस्टेक्स सामने आई हैं कि लोग हैरान होने के साथ-साथ अपनी हंसी भी नहीं रोक पा रहे हैं.
कौशांबी, अली मुक्ता: उत्तर प्रदेश एलएलसी चुनाव के लिए शुक्रवार को वोटिंग हो गई है. वोटिंग तो हो गई, लेकिन इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक एमएलसी चुनाव की वोटर लिस्ट में नामों की ऐसी गड़बड़ियां सामने आई हैं, जिन्हें देखकर आप भी कहेंगे भाई साहब, ये चुनाव की लिस्ट है या कॉमेडी की स्क्रिप्ट.
नाम का अर्थ बन गया अनर्थ
गड़बड़ी का सबसे मजेदार और हास्यास्पद मामला सरसावा ब्लॉक के पूरब शरीरा गांव से सामने आया. यहां के रवि शर्मा के पिता का नाम रामहित शर्मा है. ऑनलाइन फॉर्म में अंग्रेजी में उनका नाम Ramhit लिखा जाना था, लेकिन डेटा एंट्री की स्पेलिंग मिस्टेक के कारण वह Ram hit Sharma दर्ज हो गया. अब जब इसका हिंदी में मतलब निकालिए, तो 'रामहित' की जगह कहानी ही बदल जाती है. रामहित की जगह अर्थ निकलकर आया 'राम ने मारा'.
पत्रकारों पर भड़क गए एसडीएम
इसी तरह सूची में एक अन्य मतदाता के पिता के नाम के आगे किसी व्यक्ति का नाम होने के बजाय 'B.Com' दर्ज कर दिया गया. अब मतदाता परेशान हैं कि वह वोटर लिस्ट में अपना नाम ढूंढें या फिर अंग्रेजी की डिक्शनरी खोलकर बैठें. हद तो तब हो गई, जब इस लापरवाही पर मंझनपुर के एसडीएम से सवाल पूछा गया, तो वह जवाब देने के बजाय पत्रकारों पर भड़क गए और वहां से दूरी बनाते नजर आए.
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मुख्य निर्वाचन अधिकारी की सफाई
वोटर लिस्ट में हुई इस गड़बड़ी पर मामला गरमाने के बाद यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने सफाई दी है. आयोग ने बताया कि विधान परिषद चुनाव की मतदाता सूची में पहली बार ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा शुरू की गई थी. इसी दौरान अंग्रेजी में लिखे नामों को हिंदी में बदलने की प्रक्रिया में कुछ गलतियां सामने आईं.
ऑपरेटर बर्खास्त, अधिकारियों पर गिरी गाज
आयोग के मुताबिक, प्रदेश भर की लगभग 14 लाख प्रविष्टियों में से 158 एंट्रीज में गलतियां हुई हैं. आयोग ने स्पष्ट किया कि पीलीभीत में 10,470 वोटर एंट्री में अनियमितताएं मिलने पर दो अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए और कंप्यूटर ऑपरेटर को बर्खास्त कर दिया गया.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के सख्त निर्देश
कौशांबी का यह मामला इस बात का जीता-जागता सबूत है कि सिर्फ तकनीक के भरोसे मशीन पर काम छोड़ देना कितना भारी पड़ सकता है. मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि इन गलतियों की वजह से किसी मतदाता को परेशानी न हो और आवश्यक सुधार सुनिश्चित किए जाएं.
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