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UP Poster War: यूपी में सियासी पोस्टर वॉर तेज, अतीक-मुख्तार से आजम खान तक के नाम; 50 जिलों में लगे पोस्टर

UP Poster War: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर पोस्टर वॉर छिड़ गया है। राजधानी लखनऊ समेत यूपी के 50 जिलों में समाजवादी पार्टी (सपा) की पूर्ववर्ती सरकार को निशाना बनाते हुए 'माफिया पोस्टर' लगाए गए हैं. इन पोस्टरों के जरिए सपा शासनकाल पर तीखा हमला बोला गया है.

Edited By Preeti Chauhan
Published: Sep 21, 2026, 10:15 AM IST | Updated: Sep 21, 2026, 10:33 AM IST
Image Credit: UP Poster War
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आकाश,मयूर/अतुल/लखनऊ: यूपी में सियासी पोस्टर वॉर ने अब माफियाओं के नाम तक दस्तक दे दी है. प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में लगाए गए पोस्टरों के जरिए सपा सरकार के कार्यकाल पर सीधे निशाना साधा गया है. अवध से लेकर पूर्वांचल, रुहेलखंड, ब्रज, बुंदेलखंड और पश्चिमी यूपी तक लगे इन पोस्टरों में अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी, आजम खान समेत कई चर्चित नामों का जिक्र करते हुए उन्हें कथित माफियाराज से जोड़ा गया है. पोस्टरों में अखिलेश यादव को भी निशाने पर लेते हुए सपा शासनकाल पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं. करीब 50 जिलों में पोस्टर लगाए जाने का दावा है. वहीं, मुरादाबाद में होर्डिंग सामने आने के बाद सपा कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए और पोस्टर फाड़ दिए, जिससे सियासी टकराव और तेज हो गया.

गोंड़ा में विवादित पोस्टर से हड़कंप
गोंडा जिले में भी एक बार फिर से सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी की पूर्व सरकार को लेकर की विवादित पोस्टर लगे हुए हैं. इन पोस्टरों को आज सोमवार तड़के सुबह 4 बजे करीब गोंडा लखनऊ हाईवे पर चौपाल सागर के पास लगाया गया है. विवादित पोस्टर के बाद सपा कार्यकर्ताओं में हड़कंप मचा हुआ है. इस विवादित पोस्टर में अतीक अहमद, आजम खान और मुख्तार अंसारी की फोटो के साथ-साथ अखिलेश यादव की फोटो भी लगी हुई है. पोस्टर में लिखा हुआ है आजम, अतीक और मुख्तार यही चलाते थे सरकार. अखिलेश के माफिया माफिया के अखिलेश इसके साथ ही साथ इस पोस्टर में अतीक अहमद, आजम खान और मुख्तार अंसारी की अलग-अलग एक-एक खबरों की कटिंग बीच में लगी हुई है.  एक तरीके से इस पोस्टर को लगा करके यह संदेश देने का काम किया गया कि सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी का संबंध माफियाओं से हैं और माफियाओं का संबंध समाजवादी पार्टी और अखिलेश से है. इस पोस्टर के लगे होने की सूचना मिलने के बाद समाजवादी लोहिया वाहिनी के प्रदेश सचिव लाल चंद्र गौतम जो लखनऊ जा रहे थे. उन्होंने आज सोमवार सुबह 8:00 बजे के करीब अपनी गाड़ी को रोका और स्थानीय लोगों को बुलाकर के किसी तरीके से लगे इन विवादित दोनों पोस्टर को फाड़ दिया है.

अलग-अलग क्षेत्रों के पोस्टरों में चर्चित नाम
अवध क्षेत्र के पोस्टर में अतीक अहमद, आजम खान, मुख्तार अंसारी, गुलशन यादव, मित्रसेन यादव और रिजवान जहीर जैसे नामों का जिक्र किया गया है. रुहेलखंड के पोस्टरों में वीरपाल सिंह यादव, आजम खान और सर्वेश यादव के नाम बताए गए हैं. वहीं, पोस्टरों में इरफान सोलंकी का भी जिक्र किया गया है. कैराना से जुड़े पलायन के मामले में मुकीम काला गिरोह का नाम लिखा गया है. पोस्टर में संजीव जीवा पर 1997 में पूर्व कैबिनेट मंत्री ब्रह्मदत्त द्विवेदी की हत्या का आरोप भी बताया गया है. आजमगढ़ के जहरीली शराब कांड को लेकर रमाकांत यादव का नाम भी पोस्टर में शामिल होने की बात कही गई है. इन पोस्टरों में आजम खान पर भैंस चोरी से जुड़े आरोप, नवाब सिंह पर लगे दुष्कर्म के आरोप और दीपनारायण यादव पर अपराधी को भगाने की कथित साजिश जैसे आरोपों का भी उल्लेख किया गया है। इन आरोपों को पोस्टर में किए गए दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए.

मुरादाबाद में पोस्टर पर सियासी टकराव
इसी कड़ी में मुरादाबाद-दिल्ली हाईवे पर साईं हॉस्पिटल के सामने बड़े होर्डिंग लगाए गए हैं. इनमें अखिलेश यादव के साथ आजम खान, वीरपाल सिंह यादव और सर्वेश यादव की तस्वीरें लगाई गईं. होर्डिंग पर “माफियाराज और अखिलेश ने लूट लिया था पूरा प्रदेश” और “अखिलेश के माफिया, माफिया के अखिलेश” जैसे नारे लिखे गए. एक अन्य स्थान पर लगाए गए होर्डिंग में अतीक अहमद, आजम खान और मुख्तार अंसारी की तस्वीरों के साथ “अतीक, आजम और मुख्तार यही चलाते थे सरकार” लिखा गया.

होर्डिंग लगाए जाने की जानकारी मिलने के बाद सपा के जिला अध्यक्ष जयवीर यादव कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे. कार्यकर्ताओं ने पोल पर चढ़कर होर्डिंग फाड़ दिया और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. सपा जिलाध्यक्ष ने होर्डिंग लगाने का आरोप भाजपा नेताओं पर लगाया और कहा कि इस मामले को लेकर जल्द बैठक कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी.

इस तरह पूरे मामले में एक तरफ क्षेत्रवार पोस्टरों के जरिए सपा शासनकाल और कथित माफियाराज को लेकर आरोप लगाए गए हैं, तो दूसरी तरफ पोस्टर हटाने को लेकर सपा कार्यकर्ताओं और भाजपा के बीच सियासी टकराव सामने आया है.

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About the Author

प्रीति चौहान जीन्यूज में पत्रकार हैं, उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड डिजीटल टीम में  ब्रेकिंग, हाइपरलोकल, क्राइम, और अन्य मुद्दों को लेकर खबरें लिखती हैं. 
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