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यूपी पंचायत चुनाव पर आज आ सकता है बड़ा मोड़: इलाहाबाद हाईकोर्ट में फिर सुनवाई, क्या मिलेगा इलेक्शन का ग्रीन सिग्नल?

UP Panchayat Election: यूपी में पंचायत चुनाव कराने और आरक्षण व्यवस्था से जुड़ी याचिकाओं पर आज फिर इलाहाबाद हाईकोर्ट में अहम सुनवाई होने जा रही है. इससे पहले बुधवार को कोर्ट में करीब डेढ़ घंटे तक सुनवाई चली थी. सुनवाई के दौरान पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट को लेकर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई थी. माना जा रहा है कि आज इस मामले पर फैसला आ सकता है.

यूपी पंचायत चुनाव पर आज आ सकता है बड़ा मोड़: इलाहाबाद हाईकोर्ट में फिर सुनवाई, क्या मिलेगा इलेक्शन का ग्रीन सिग्नल?

UP Panchayat Election/ मो. गुफरान: यूपी में पंचायत चुनाव की राह देख रहे गांव वालों और जनप्रतिनिधियों की नजरें एक बार फिर इलाहाबाद हाईकोर्ट पर टिक गई हैं. ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद समय पर चुनाव न कराए जाने को लेकर दाखिल याचिकाओं पर हाईकोर्ट में दोपहर 12 बजे से दोबारा अहम सुनवाई होगी. अधिवक्ता इम्तियाज हुसैन और दशरथ समेत अन्य याचिकाओं में जल्द से जल्द चुनाव कराने और ग्राम प्रधानों की जगह प्रशासक नियुक्त करने के फैसले को चुनौती दी गई है.

आयोग की ढिलाई पर जताई नाराजगी
इससे पहले बुधवार को सुनवाई हुई. इस दौरान करीब डेढ़ घंटे तक अदालत में चुनाव की टाइमलाइन, अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आयोग की रिपोर्ट और आरक्षण के मुद्दों पर तीखी बहस हुई. सुनवाई के दौरान अदालत ने आयोग की रिपोर्ट में हो रही देरी को लेकर नाराजगी जाहिर की. 

हट सकता है चुनाव की राह से सबसे बड़ा रोड़ा
कोर्ट ने पूछा कि अगर रिपोर्ट तैयार होने में लंबा समय लग रहा है, तो चुनाव प्रक्रिया को रोककर रखने के बजाय क्या इसे शुरू करके रिपोर्ट की प्रक्रिया को साथ-साथ आगे जारी रखने पर विचार नहीं किया जा सकता? जानकारों का मानना है कि अगर यह टिप्पणी आधिकारिक ऑर्डर-शीट में दर्ज होती है, तो यह चुनाव की राह से सबसे बड़ा रोड़ा हटा सकती है.

मई में पूरा हो चुका है कार्यकाल
आपको बता दें, 2021 में यूपी में पिछला पंचायत चुनाव हुआ था और त्रिस्तरीय पंचायतों का 5 साल का संवैधानिक कार्यकाल मई 2026 में ही पूरा हो चुका है. जून और अगस्त में भी इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच स्पष्ट कर चुकी है कि पंचायतों का कार्यकाल अनिश्चितकाल के लिए आगे नहीं बढ़ाया जा सकता और अधिसूचना की तारीख से 6 महीने के भीतर चुनाव कराने की संवैधानिक बाध्यता है, जिसकी समयसीमा नवंबर 2026 में खत्म हो रही है.

आज की सुनवाई पर टिकीं सबकी निगाहें 
बुधवार की तीखी बहस के बाद आज  होने वाली सुनवाई को निर्णायक माना जा रहा है. सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि क्या हाईकोर्ट यूपी सरकार और चुनाव आयोग को तत्काल चुनाव कार्यक्रम जारी करने का निर्देश देता है या फिर OBC रिपोर्ट के लिए और मोहलत मिलती है. 

बहरहाल, जब तक राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की जाती, तब तक किसी तारीख का ऐलान होना संभव नहीं है. हालांकि, आज आने वाला अदालती रुख यह तय कर देगा कि यूपी में पंचायत चुनावों का बिगुल कब बजेगा?

 

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Pooja Singh

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पूजा सिंह डिजिटल पत्रकार हैं और ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड (Zee UP-UK) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली से ताल्लुक रखने वाली पूजा को मीडिया जगत में 5 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है. वे उत्तर प्रदेश की हाइपर-लोकल खबरों, क्राइम, प्रशासनिक गतिविधियों, राजनीतिक उठापटक और खेल जगत के मुद्दों पर पैनी नजर रखते हैं. खबरों की गहराई, ग्राउंड रियलिटी और तथ्य-आधारित डिजिटल कवरेज के लिए वे जाने जाते हैं.पूजा के पास डेस्क एडिटिंग का व्यावहारिक अनुभव है.  स्थानीय प्रशासन, जनसमस्याओं और राजनीतिक हलचलों की बेहतर समझ उन्हें ज़मीनी वास्तविकताओं को सटीक रूप से प्रस्तुत करने में मदद करती है. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने भारत के लिडिंग हिंदी न्यूज़ चैनल टीवी 9 डिजिटल और न्यूज नेशन में काम करने का अनुभव है. पूजा ने भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है.पूजा सिंह से आप pooja.singh@india.com पर सीधे ईमेल कर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप पूजा से एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर कनेक्ट कर सकते हैं.
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