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UP State Rural Livelihood Mission 2026: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने महिलाओं को स्वावलंबी और उद्यमी बनाने के लिए एक बड़ा ऐतिहासिक कदम उठाया है. उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) से जुड़ी प्रदेश की 1 करोड़ महिलाओं को अपना व्यवसाय (बिजनेस) शुरू करने के लिए सरकार ₹1 लाख तक का ब्याज मुक्त ऋण (Interest-free Loan) मुहैया कराएगी. महिलाओं को यह वित्तीय सहायता तीन किस्तों में सीधे उनके खाते में ट्रांसफर की जाएगी और इसके लिए स्वयं सहायता समूहों (Self Help Groups) से जुड़ी महिलाओं को एक विशेष क्रेडिट कार्ड जारी किया जाएगा.
महिलाओं होंगी आर्थिक रूप से सशक्त-डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य
इस योजना के बारे में यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि बीजेपी की डबल इंजन सरकार लगातार महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए काम कर रही है. पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी के नेतृत्व में इस पर लगातार काम चल रहा है. ऐसे में ये योजना एक करोड़ दीदियों को आर्थिक रूप से और सशक्त करने के लिए लागू की जा रही है. इस धनराशि का उपयोग महिलाएं अपने छोटे व्यापार को शुरू करने करने या पहले से चल रहे व्यवसाय को विस्तार देने में काम करेगी.
1 करोड़ महिलाओं को सीधा लाभ
उत्तर प्रदेश राज्य आजीविका मिशन से जुड़े स्वयं सहायता समूहों की 1 करोड़ महिलाओं को इस योजना के दायरे में लाया गया है.
₹1 लाख का ब्याज मुक्त लोन
महिलाओं को नया रोजगार/व्यवसाय शुरू करने के लिए बिना किसी ब्याज के 1 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी.
तीन किस्तों में मिलेगी रकम
पहली किस्त (दिसंबर 2026): ₹20,000 की शुरुआती राशि जारी होगी.
दूसरी किस्त: ₹30,000 दिए जाएंगे.
तीसरी किस्त: ₹50,000 की अंतिम किस्त ट्रांसफर की जाएगी.
विशेष क्रेडिट कार्ड
समूहों से जुड़ी हर लाभार्थी महिला को योजना का लाभ पारदर्शी तरीके से देने के लिए एक 'स्पेशल क्रेडिट कार्ड' दिया जाएगा.
3 साल की समय सीमा
यह पूरी महत्वाकांक्षी योजना अगले 3 वर्षों के लिए प्रभावी रूप से लागू की जाएगी.
यूपी चुनाव 2027 से पहले महिला वोट बैंक पर सरकार का फोकस
विधानसभा चुनाव से पहले सरकार की यह प्रस्तावित योजना महिला वोट बैंक को साधने की बड़ी रणनीति के तौर पर देखी जा रही है. योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी करीब 1 करोड़ महिलाओं को छोटे कारोबार शुरू करने या पहले से चल रहे उद्यम का विस्तार करने के लिए ब्याजमुक्त ऋण देने की तैयारी है. माना जा रहा है कि इस पहल के जरिए सरकार सीधे तौर पर महिलाओं के साथ-साथ उनके परिवारों तक पहुंच बनाकर 3 से 4 करोड़ लोगों को प्रभावित करने की कोशिश करेगी. हालांकि, योजना की पात्रता, वितरण प्रक्रिया और अंतिम स्वरूप को लेकर आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है. इसके साथ ही डिजिटल आईडी कार्ड, महिला शक्ति केंद्र और ई-रिक्शा जैसी योजनाओं के जरिए महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर जोर दिया जा रहा है, जिसके 2027 विधानसभा चुनाव से पहले अहम राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं.