UPEIDA Mega Digital Plan: सफर में नहीं कटेगा फोन, नहीं रुकेगा इंटरनेट, यूपी के एक्सप्रेसवे किनारे बिछेगा ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क
UP Expressways High Speed Internet: उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (UPEIDA) यूपी के सभी निर्माणाधीन, प्रस्तावित और मौजूदा एक्सप्रेसवे पर हाईस्पीड इंटरनेट और डेटा नेटवर्क उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है. एक्सप्रेसवे के किनारों पर करीब 995 किलोमीटर लंबा ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) नेटवर्क विकसित किया जाएगा. इसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत तैयार करने के लिए टेलीकॉम कंपनियों से प्रस्ताव मांगे गए हैं.
UP Expressways High Speed Internet/ मयूर शुक्ला:उत्तर प्रदेश में अब एक्सप्रेसवे का सफर न सिर्फ सुगम और रफ्तार से भरा होगा, बल्कि डिजिटल कनेक्टिविटी के लिहाज से भी सुपरफास्ट बनने जा रहा है. प्रदेश में निर्माणाधीन और संचालित सभी प्रमुख एक्सप्रेसवे के साथ-साथ लिंक एक्सप्रेसवे पर यात्रियों को बिना रुकावट हाई-स्पीड इंटरनेट और मोबाइल कनेक्टिविटी मिलेगी. इसके साथ ही एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित हो रहे इंडास्ट्रियल कॉरिडोर्स को भी इस हाई-स्पीड इंटरनेट नेटवर्क से जोड़ा जाएगा.
यूपीडा ने टेलीकॉम कंपनियों से मांगे प्रस्ताव
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (UPEIDA) ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर (टीएसपी) कंपनियों से प्रस्ताव मांगे हैं. इस योजना के तहत गंगा एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे समेत प्रस्तावित 9 एक्सप्रेसवे और लिंक एक्सप्रेसवे शामिल हैं. करीब 985.53 से 995 किलोमीटर के पूरे दायरे में ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) का एक मजबूत नेटवर्क तैयार किया जाएगा.
पीपीपी मॉडल पर विकसित होगा इंफ्रास्ट्रक्चर
जानकारी के मुताबिक, डिजिटल संचार इंफ्रास्ट्रक्चर को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत विकसित करने की तैयारी है. इसके तहत सभी एक्सप्रेसवे पर बिना किसी बाधा के 5G और डेटा सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. इस नेटवर्क का इस्तेमाल सिर्फ आम यात्रियों के इंटरनेट इस्तेमाल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सरकारी एप्लीकेशन्स और इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम (ITS) को संचालित करने में भी किया जाएगा. इससे एक्सप्रेसवे पर एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) को मजबूत करने, दुर्घटनाओं पर नजर रखने और तुरंत मदद पहुंचाने में बड़ी आसानी होगी.
इंडस्ट्रियल क्लस्टरों को मिलेगा बड़ा बूस्ट
यूपीडा की इस योजना से एक्सप्रेसवे के किनारे बन रहे मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स क्लस्टरों को सीधा लाभ पहुंचेगा. औद्योगिक क्षेत्रों में निर्बाध और तेज इंटरनेट कनेक्टिविटी मिलने से डिजिटल सेवाओं, ऑटोमेशन और संचार व्यवस्था को पंख लगेंगे. कंपनियों को अपने कामकाज के संचालन के लिए मजबूत डिजिटल नेटवर्क मिलेगा, जिससे प्रदेश में निवेश को और बढ़ावा मिलेगा.
डिजिटल कनेक्टिविटी से मजबूत होगा कवरेज
एक्सप्रेसवे कॉरिडोर पर ऑप्टिकल फाइबर बिछने से टेलीकॉम कंपनियों को अपने नेटवर्क कवरेज को सुदूर इलाकों तक मजबूत करने का मौका मिलेगा. अक्सर लंबी दूरी के सफर के दौरान नेटवर्क गायब होने की समस्या से यात्रियों को जूझना पड़ता था, लेकिन इस पहल के बाद सफर के दौरान हाई-स्पीड डेटा और एचडी कॉलिंग की सुविधा बिना किसी बाधा के मिलती रहेगी.
यूपीडा की यह पहल प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में एक नया अध्याय जोड़ेगी. एक्सप्रेसवे पर ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क बिछने से न केवल आम यात्रियों को सफर के दौरान बिना किसी रुकावट के हाई-स्पीड 5G इंटरनेट और निर्बाध कॉलिंग की सुविधा मिलेगी, बल्कि एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) के जरिए हादसों पर भी लगाम लगाई जा सकेगी.
इसके अलावा, औद्योगिक गलियारों को डिजिटल रूप से सशक्त करने से यूपी को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के संकल्प को भी एक नई रफ्तार मिलेगी. कुल मिलाकर, यह परियोजना उत्तर प्रदेश के एक्सप्रेसवे को आधुनिकता और डिजिटल क्रांति का नया ग्लोबल मॉडल बनाएगी.