कांग्रेस-सपा साथ लड़ेंगे यूपी चुनाव: प्रियंका गांधी संग बैठक में बना मास्टरप्लान, जानिए कब आएगी नई कार्यकारिणी?
दिल्ली में महारैली के बाद कांग्रेस ने यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज कर दी हैं. प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ प्रदेश कांग्रेस के नेताओं की बैठक में चुनावी तैयारियों पर मंथन किया गया. इस दौरान प्रदेश कार्यकारिणी के गठन पर भी चर्चा हुई.
1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस ने महारैली की, जिसके ठीक बाद पार्टी ने यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी तैयारियों को धरातल पर उतारना शुरू कर दिया है. चुनावी रणनीति और सांगठनिक मजबूती को धार देने के लिए दिल्ली में बैठकों का दौर जारी है. इसी क्रम में कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा संग उत्तर प्रदेश कांग्रेस के नेताओं की एक अहम बैठक हुई.
इस बैठक में पार्टी के सांगठनिक ढांचे के पुनर्गठन, चुनावी घोषणा पत्र और चुनाव प्रचार सहित अन्य कमेटियों के गठन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई.
बैठक के बाद क्या बोलीं आराधना मिश्रा?
प्रियंका गांधी से मुलाकात के बाद आराधना मिश्रा ने बताया कि यह पहली बैठक थी, जिसमें हमने चुनाव के लिए आवश्यक विभिन्न समितियों पर चर्चा की. वहीं, यूपी कांग्रेस प्रभारी राजेन्द्र पाल गौतम ने कहा कि हमने राज्य कार्यसमिति के गठन और पूरे अभियान को कैसे आगे बढ़ाया जाए, इस पर विचार-विमर्श किया. कुछ नामों को अंतिम रूप दिया गया. आधिकारिक रूप से पुष्टि के बाद घोषणा हो जाएगी.
कांग्रेस और सपा मिलकर लड़ेगे चुनाव
इसके साथ ही यूपी कांग्रेस प्रभारी ने यह भी बताया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी मिलकर चुनाव लड़ेंगे और अभियान का नेतृत्व करेंगे. दोनों पार्टी गठबंधन में छोटे, समान विचारधारा वाले दलों को शामिल करने पर संयुक्त रूप से फैसला करेंगे. जिससे 403 सदस्यीय विधानसभा में मौजूदा सरकार के खिलाफ एक एकजुट मोर्चा बनेगा.
प्राथमिकता वाली सीटों पर खास फोकस
बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश की मजबूत सीटों पर भी चर्चा हुई. पार्टी नेतृत्व ने यह तय किया है कि कांग्रेस उन सीटों को अपनी प्राथमिकता में रखेगी, जहां 2022 और लोकसभा चुनाव 2024 में पार्टी को बेहतर वोट मिला है.
इसके साथ ही, चुनावी घोषणा पत्र के मुद्दों पर चर्चा हुई. पार्टी ने फैसला किया है कि उसका मेनिफेस्टो युवाओं, महिलाओं, पिछड़े, दलितों और अल्पसंख्यकों से जुड़े मुद्दों पर पूरी तरह केंद्रित होगा. उत्तर प्रदेश में संभावित राजनीतिक गठबंधनों के स्वरूप और दिशा को लेकर भी बैठक में मंथन हुआ.
दिवाली के बाद होगी प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा
बैठक में लंबे समय से लंबित प्रदेश कार्यकारिणी के पुनर्गठन पर भी चर्चा हुई. दरअसल, कांग्रेस ने 5 दिसंबर 2024 को उत्तर प्रदेश की प्रदेश कार्यकारिणी को भंग कर दिया था, जिसके बाद से नई टीम का गठन नहीं हो सका था.अब दिवाली के बाद नई प्रदेश कार्यकारिणी की आधिकारिक घोषणा होने की उम्मीद है. इसके अलावा चुनाव प्रचार, घोषणा पत्र समिति, और प्रबंधन से जुड़ी विभिन्न कमेटियों की लिस्ट को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है.
(लखनऊ से विशाल रघुवंशी की रिपोर्ट)