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विशाल सिंह रघुवंशी/लखनऊ: 2027 के रण से पहले भाजपा ने यूपी में बड़ा दांव चलने की तैयारी कर ली है. खबर है कि 20 नवंबर के बाद प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का ताबड़तोड़ दौरा शुरू होगा. प्रधानमंत्री हर कमिश्नरी में चुनावी रैलियां करेंगे तो गृहमंत्री भी प्रदेशभर में चुनावी सभाएं करेंगे. 20 नवंबर के बाद शुरू हो रहा नेताओं की रैलियों का यह सिलसिला पूरे प्रदेश के राजनीतिक पारे को बढ़ाने वाला साबित होगा.
उत्तर प्रदेश के राजनीतिक महत्व को देखते हुए पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैलियों का खाका खींच लिया है. पार्टी की रणनीति के मुताबिक, PM मोदी यूपी की सभी 18 कमिश्नरियों में बड़ी रैलियां करेंगे. जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी प्रदेश की हर कमिश्नरी (मंडल) स्तर पर कम से कम एक विशाल चुनावी रैली को संबोधित करेंगे. हर रैली में 3-4 जिलों को कवर किया जाएगा, ताकि चुनाव से पहले ही पूरे प्रदेश में माहौल बनाया जा सके. इन रैलियों के जरिए भाजपा सीधे जनता तक अपनी केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों का रिपोर्ट कार्ड पहुंचाएगी.
दूसरी ओर, गृह मंत्री अमित शाह अभियान के पहले चरण में क्षेत्रवार बड़ी जनसभाएं और बूथ सम्मेलनों का आयोजन करेंगे. अमित शाह का मुख्य फोकस बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा फूंकना और संगठन को सबसे निचले स्तर तक मजबूत करना होगा. सीधे बूथ अध्यक्षों और पन्ना प्रमुखों से संवाद होगा. संगठन को बूथ स्तर तक चार्ज करने की जिम्मेदारी शाह के पास रहेगी.
मोदी-शाह के अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी यूपी में मोर्चा संभालेंगे. राजनाथ सिंह अवध और ब्रज क्षेत्र में, जबकि नितिन नवीन संगठनात्मक बैठकों में सक्रिय रहेंगे. हालांकि अभी रैलियों की फाइनल डेट और वेन्यू जारी नहीं हुआ है, लेकिन भाजपा सूत्रों का कहना है कि नवंबर के आखिरी हफ्ते से दिसंबर तक यूपी में बड़े नेताओं का मेला लगने वाला है.