AI का सियासी मैजिक: ब्रजेश पाठक से स्वतंत्रदेव तक का 'Retro Look' वायरल, जानिए बीजेपी नेताओं के इस नए अवतार का सियासी राज
UP BJP Leaders AI Photos Viral: इंस्टाग्राम पर 1980 के दशक की 'रेट्रो' तस्वीरों का ट्रेंड तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें यूपी बीजेपी प्रभारी विनोद तावड़े, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और जल शक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह जैसे वरिष्ठ नेताओं की एआई जनरेटेड तस्वीरें छाई हुई हैं. बीजेपी के इस नए डिजिटल अवतार के पीछे की पूरी इनसाइड स्टोरी जानिए...
UP BJP Leaders AI Photos Viral/ विशाल रघुवंशी: सोशल मीडिया के दौर में जनता से जुड़ने का सियासी अंदाज पूरी तरह बदल चुका है. पिछले कुछ दिनों से इंस्टाग्राम पर तैरती कुछ खास तस्वीरों ने आम लोगों से लेकर राजनीतिक गलियारों तक सबका ध्यान अपनी ओर खींचा है. इन तस्वीरों में चेहरे तो बेहद जाने-पहचाने हैं, लेकिन उनका लुक 1980 के दशक का दिखाई दे रहा है. दिलचस्प बात यह है कि यह सारे चेहरे उत्तर प्रदेश और केंद्र की राजनीति के बड़े दिग्गजों के हैं.
दिग्गजों से लेकर युवा नेताओं तक छाया खुमार
इंस्टाग्राम पर वायरल हो रहे इस 'रेट्रो लुक' ट्रेंड में बीजेपी के कई बड़े दिग्गज शामिल दिखाई दिए. इनमें यूपी बीजेपी प्रभारी विनोद तावड़े, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और जल शक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह जैसे कद्दावर चेहरे भी शामिल हैं. नेताओं के इस 80s वाले लुक ने यूजर्स का खूब मनोरंजन किया. यह खुमार इस हद तक बढ़ा कि पार्टी के ऐसे कई युवा नेताओं ने भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और चैटजीपीटी (ChatGPT) की मदद से अपनी अस्सी के दशक की तस्वीरें बना डालीं, जिनका उस दौर में जन्म तक नहीं हुआ था. एआई के जरिए तैयार की गई इन तस्वीरों की मानो इंस्टाग्राम पर आंधी सी आ गई.
पीएम नरेंद्र मोदी की अपील
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि बीजेपी नेताओं का यह नया अवतार यूं ही नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक ठोस सियासी रणनीति है. हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी कैबिनेट और पार्टी नेताओं से इंस्टाग्राम पर सक्रिय होने और अकाउंट बनाने की अपील की थी. इसके बाद से ही यूपी बीजेपी के तमाम जनप्रतिनिधियों और युवा विंग के नेताओं ने सोशल मीडिया पर अपनी मौजूदगी तेजी से बढ़ानी शुरू कर दी.
Gen-Z को साधने की रणनीति
दरअसल, देश और प्रदेश में युवाओं (Gen-Z) के बढ़ते सियासी प्रभाव और हालिया आंदोलनों ने राजनीति के समीकरण बदल दिए हैं. आज का युवा पारंपरिक भाषणों के बजाय डिजिटल प्लेटफॉर्म और ट्रेंडी कंटेंट से ज्यादा जुड़ता है. ऐसे में बीजेपी नेताओं ने एआई जनरेटेड पुरानी तस्वीरों का यह ट्रेंड अपनाकर सीधे तौर पर नई पीढ़ी के मतदाताओं (Gen-Z) को अपनी ओर आकर्षित किया है. इतना ही नहीं, बीजेपी नेताओं का यह कदम Gen-Z वोटर्स से संवाद करने की एक बड़ी कवायद के रूप में देखा जा रहा है.
बहरहाल, एआई की मदद से 80 के दशक में पहुंचे इन दिग्गज नेताओं का यह 'रेट्रो अवतार' इंस्टाग्राम पर युवाओं को खूब लुभा रहा है. अब देखना दिलचस्प होगा कि सोशल मीडिया का यह ट्रेंड केवल लाइक्स और शेयर्स तक सीमित रहता है या फिर बीजेपी इस 'डिजिटल कनेक्ट' को आने वाले चुनावों में वोटों में भी बदल पाती है.