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UP News: AI तकनीक से लैस होगी UP Vidhansabha, कैमरे खुद पहचानेंगे आग और धुआं; बनेगी देश की पहली हाईटेक विधानसभा

UP Assembly AI Security: उत्तर प्रदेश विधानसभा की सुरक्षा व्यवस्था एआई आधारित तकनीक से लैस होने जा रही है. गैलरी और पुस्तकालय की पांच मंजिलों में हाईटेक फायर सेफ्टी सिस्टम लगाया जाएगा.

Edited By Preeti Chauhan
Published: Sep 22, 2026, 09:59 AM IST | Updated: Sep 22, 2026, 10:06 AM IST
Image Credit: UP Assembly AI Security
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UP Vidhan Sabha/लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित राज्य विधानसभा की सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिकता का एक नया आयाम मिलने जा रहा है. यूपी विधानसभा अब देश की पहली ऐसी विधानसभा बनने जा रही है, जो पूरी तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सुरक्षा और हाईटेक फायर सेफ्टी सिस्टम से लैस होगी.  विधानसभा सचिवालय ने इस पूरी महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारने के लिए 60 दिनों की समय-सीमा तय की है। इसके तहत जल्द ही एक योग्य टेक कंपनी का चयन कर काम शुरू कराया जाएगा.

5 मंजिलों में लगेगा अत्याधुनिक AI आधारित फायर सेफ्टी सिस्टम
विधानसभा परिसर की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के उद्देश्य से गैलरी और पुस्तकालय (लाइब्रेरी) की सभी पांचों मंजिलों पर नया और बेहद आधुनिक फायर सेफ्टी सिस्टम स्थापित किया जाएगा. इस सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत इसका आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक पर आधारित होना है. इसके लागू होने के बाद परिसर में किसी भी तरह के अग्निकांड या आपात स्थिति से निपटने के लिए किसी सुरक्षाकर्मी या कर्मचारी के देखने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा.

इंटेलिजेंट वीडियो एनालिटिक्स: कैमरे खुद पहचानेंगे खतरा
परिसर में लगाए जाने वाले विशेष कैमरों में इंटेलिजेंट वीडियो एनालिटिक्स (Intelligent Video Analytics) सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जाएगा. ये कैमरे लगातार फुटेज का विश्लेषण करते रहेंगे. यदि विधानसभा परिसर के किसी भी कोने में हल्का सा धुआं भी उठता है या आग की चिंगारी दिखाई देती है, तो सिस्टम का एआई एल्गोरिदम उसे तुरंत भांप लेगा. खतरे का पता चलते ही बिना किसी देरी के कंट्रोल रूम को तुरंत ऑटोमैटिक अलर्ट चला जाएगा. इसके साथ ही, फायर कंट्रोल सिस्टम सीधे स्क्रीन पर खतरे की सटीक लोकेशन (स्थान) को हाइलाइट कर देगा, जिससे सुरक्षा टीम बिना समय गंवाए सीधे प्रभावित हिस्से में पहुंचकर तुरंत कार्रवाई कर सकेगी.

स्मार्ट इमरजेंसी लाइटिंग और क्लीन एजेंट फायर सप्रेशन
सुरक्षा के इस नए मॉडल में केवल अलर्ट ही नहीं, बल्कि आग पर तुरंत काबू पाने की तकनीक भी शामिल है. इसके लिए सिस्टम में 'क्लीन एजेंट फायर सप्रेशन' (Clean Agent Fire Suppression) तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा. यह एक ऐसी आधुनिक व्यवस्था होती है जो बिना पानी या किसी नुकसानदायक केमिकल के, विशेष गैस के जरिए आग को तुरंत बुझा देती है. इससे पुस्तकालय में रखीं बहुमूल्य पुस्तकें, महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे.

अपने आप चालू हो जाएगी इमरजेंसी लाइट
इसके अलावा, आपातकालीन स्थिति में पूरे परिसर में स्मार्ट इमरजेंसी लाइटिंग अपने आप चालू हो जाएगी, जिससे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के रास्ते साफ दिखाई देंगे। इस पूरे ढांचे की रियल-टाइम वेब निगरानी (Web Monitoring) भी की जाएगी, जिससे वरिष्ठ अधिकारी किसी भी जगह से स्थिति पर नजर रख सकेंगे.

60 दिन में पूरा होगा काम, देश में स्थापित होगा नया मानक
विधानसभा सचिवालय के अधिकारियों के अनुसार, टेंडर प्रक्रिया के जरिए जल्द ही कंपनी का चयन किया जाएगा और अगले दो महीनों (60 दिन) के भीतर इस पूरे हाईटेक सिस्टम को इंस्टॉल कर शुरू कर दिया जाएगा. इस अत्याधुनिक तकनीक के लगने के साथ ही उत्तर प्रदेश विधानसभा, सुरक्षा और अग्नि सुरक्षा के क्षेत्र में एआई तकनीक का प्रयोग करने वाली देश की पहली ऐतिहासिक विधानसभा का गौरव हासिल करेगी.

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About the Author

प्रीति चौहान जीन्यूज में पत्रकार हैं, उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड डिजीटल टीम में  ब्रेकिंग, हाइपरलोकल, क्राइम, और अन्य मुद्दों को लेकर खबरें लिखती हैं. 
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