2027 के रण में बसपा की बड़ी तैयारी: यूपी में टिकट फाइनल करने में आगे निकली पार्टी, 15 नवंबर तक 250 से अधिक उम्मीदवार होंगे तय
UP Election 2027: यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बसपा ने प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया तेज कर दी है। पार्टी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, करीब 100 सीटों पर नाम तय किए जा चुके हैं और 15 नवंबर तक 250 से अधिक उम्मीदवारों के नाम फाइनल करने की तैयारी है.
विशाल रघुवंशी/BSP Candidate List 2027: उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में साल 2027 के विधानसभा चुनावों की सुगबुगाहट तेज हो गई है. राज्य में अपने राजनीतिक वजूद और सियासी जमीन को मजबूत करने के लिए जुटी बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने इस बार चुनाव से काफी पहले ही अपनी चालें चलनी शुरू कर दी हैं. अन्य दलों की तुलना में प्रत्याशी चयन के मामले में बसपा फिलहाल आगे नजर आ रही है.
100 सीटों पर प्रत्याशियों के नाम तय करने का दावा
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव में अभी समय है, लेकिन बसपा ने प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया तेज कर दी है. पार्टी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, करीब 100 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम तय किए जा चुके हैं। अब इन नामों को संगठनात्मक स्तर पर आगे बढ़ाने की प्रक्रिया चल रही है।
मायावती खुद परख रही हैं दावेदारी
बसपा सुप्रीमो मायावती खुद इस पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग कर रही हैं. वह लगातार लखनऊ स्थित अपने आवास पर टिकट के दावेदारों से मिल रही हैं और उनकी राजनीतिक क्षमता को परखने के बाद संबंधित जिलों में कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित करने का निर्देश दे रही हैं. पार्टी की परंपरा के अनुसार, पहले चयनित नेताओं को विधानसभा प्रभारी बनाया जाता है और चुनाव की अधिसूचना के बाद उन्हें आधिकारिक प्रत्याशी घोषित किया जाता है, लेकिन वर्तमान में जिला सम्मेलनों के माध्यम से जनता और कार्यकर्ताओं के बीच उनके नाम घोषित किए जा रहे हैं.
लखनऊ समेत कई जिलों में होंगे कार्यकर्ता सम्मेलन
बसपा के प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल 27 अक्टूबर तक लगातार विभिन्न जिलों के दौरे पर हैं. रविवार को उन्होंने बाराबंकी में एक विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित किया. बसपा की ओर से लखनऊ और आसपास के जिलों में भी संगठनात्मक गतिविधियां तेज की जा रही हैं. निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक, 17 अक्टूबर को बख्शी का तालाब और 26 अक्टूबर को मलिहाबाद में कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया जाना है. इसके अलावा सुल्तानपुर, अमेठी, अयोध्या, रायबरेली, अंबेडकरनगर, हरदोई, लखीमपुर खीरी, सीतापुर और उन्नाव के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में भी संगठनात्मक कार्यक्रम प्रस्तावित हैं. अन्य मंडलों में पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी सम्मेलनों की अध्यक्षता करेंगे.
राजनीतिक उतार-चढ़ाव के बावजूद मायावती ने खुद को एक मजबूत राजनीतिक ताकत के रूप में बनाए रखा है. चुनाव से काफी पहले संगठन और प्रत्याशी चयन पर काम शुरू करना इस बात का संकेत है कि बसपा इस चुनाव को हल्के में नहीं ले रही. 2027 का चुनाव को लेकर बसपा ने उत्तर प्रदेश से चुनावी शतरंज बिछानी शुरू कर दी है. अब देखना होगा कि शुरुआती तैयारी और संभावित रणनीति का फायदा पार्टी को कितना मिलता है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इतनी शुरुआती तैयारी और रणनीतिक शुरुआत यह दर्शाती है कि बसपा इस बार के चुनाव को लेकर बेहद गंभीर है.