साक्षी महाराज ने बढ़ाई BJP की टेंशन: यूपी चुनाव से पहले बीजेपी सांसद का बड़ा अल्टीमेटम
Unnao News: बरेली से पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने बीजेपी छोड़कर सपा में जाने का ऐलान कर दिया है. वहीं, बीजेपी के एक और फायरब्रांड नेता ने चुनाव से पहले टेंशन बढ़ा दी है.
ज्ञानेंद्र प्रताप/उन्नाव: उन्नाव से बीजेपी सांसद साक्षी महाराज ने अपनी ही पार्टी के नेतृत्व के सामने लोधी समाज की राजनीतिक हिस्सेदारी का मुद्दा उठाते हुए बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि लोधी समाज को संगठन और सत्ता में सम्मानजनक हिस्सेदारी मिलनी चाहिए. साक्षी महाराज ने कहा कि लोधी समाज लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी का मजबूत आधार रहा है. उन्होंने समाजवादी पार्टी के यादव-मुस्लिम वोट बैंक का उदाहरण देते हुए कहा कि उसी तरह बीजेपी का सबसे मजबूत और भरोसेमंद वोट लोधी समाज का रहा है.
पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का जिक्र
साक्षी महाराज ने पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का जिक्र करते हुए कहा कि बीजेपी को उत्तर प्रदेश में गांव-गांव और चौराहे तक पहुंचाने में कल्याण सिंह और लोधी समाज की बड़ी भूमिका रही है. उन्होंने दावा किया कि कल्याण सिंह के योगदान के बिना उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनने की राह इतनी आसान नहीं होती. सांसद साक्षी महाराज ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व के सामने कई बार लोधी समाज की राजनीतिक भागीदारी का मुद्दा उठाया है. उनका कहना है कि समाज को संगठन में भी सम्मानजनक भागीदारी और सत्ता में भी उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए, जो नहीं मिल रही है.
साक्षी महाराज के बयान ने बढ़ाई टेंशन
साक्षी महाराज ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग व्यक्तिगत नहीं, बल्कि समाज की आवाज है. उन्होंने कहा कि वह अपने लिए कुछ नहीं मांग रहे, बल्कि जिस समाज से आते हैं, उसकी अपेक्षाओं को पार्टी नेतृत्व तक पहुंचाना उनका दायित्व है. यूपी 2027 विधानसभा चुनाव से पहले साक्षी महाराज के ये सवाल बीजेपी के सामने चुनौती खड़ी कर सकती है. बीजेपी के सामने चुनौती होगी कि वह कल्याण सिंह की विरासत से जुड़े लोधी समाज का भरोसा बनाए रखे और साथ ही दूसरे पिछड़े वर्गों के बीच भी अपनी पकड़ मजबूत रखे.
यूपी में लोधी वोटर कितना?
बता दें कि यूपी के पिछले विधानसभा की बात करें तो 2022 में बीजेपी के 15 और समाजवादी पार्टी के 3 लोधी विधायक चुनाव जीते थे. ये आंकड़े बताते हैं कि लोधी समाज की राजनीतिक हिस्सेदारी कितनी अहम है. यूपी के 20 से ज्यादा जिलों में लोधी समाज की मौजदूगी है. यूपी में 4 से 5 फीसदी के करीब लोधी वोटर हैं. 2024 के लोकसभा चुनाव में लोधी वोटर बीजेपी से छिटक गया था. हमीरपुर और एटा में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा था. ऐसे में यूपी विधानसभा चुनाव से पहले साक्षी महाराज के बयान ने सियासी सरगर्मी बढ़ा दी है.