वफादारी की मिसाल: मालकिन पर सियार ने किया हमला, तो ढाल बनकर भिड़ गए दो पिटबुल, उतारा मौत के घाट
Bahraich Pitbull Hero: बहराइच में पालतू कुत्ते की वफादारी का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां सियार के हमले से घायल महिला को बचाने के लिए उसके दो पिटबुल कुत्ते सियार पर टूट पड़े और उसे मार गिराया.
Bahraich Pitbull Hero/ राजीव शर्मा: उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से वफादारी और इंसानी साहस की एक अनोखी और रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है. जिले के दरगाह थाना क्षेत्र के असरौरा गांव में खेत में काम कर रही एक महिला पर जंगली सियार ने अचानक हमला कर दिया. इस जानलेवा हमले में महिला घायल हो गई, लेकिन महिला की हिम्मत और उनके दो पालतू पिटबुल कुत्तों की बहादुरी के चलते सियार को अपनी जान गंवानी पड़ी और महिला की जिंदगी बच गई.
खेत में काम करते वक्त अचानक हुआ हमला
जानकारी के अनुसार, असरौरा गांव की रहने वाली 50 वर्षीय सालिया पत्नी सिकंदर अहमद अपने खेत में रोजाना की तरह काम कर रही थीं. इसी दौरान झाड़ियों से निकलकर एक खूंखार सियार ने उन पर अचानक हमला बोल दिया. सियार ने महिला को अपने चंगुल में दबा लिया और उन्हें नोचने लगा. अचानक हुए इस हमले से बेखबर महिला संभल नहीं पाईं और घायल हो गईं.
महिला ने दिखाया साहस, मुंह दबोचा
चीख-पुकार और बदहवासी के बीच महिला ने हिम्मत नहीं हारी. अपनी जान बचाने के लिए सालिया ने साहस दिखाया और सियार का मुंह अपने हाथों से मजबूती से जकड़ लिया. महिला और सियार के बीच संघर्ष चल ही रहा था कि उनकी चीख-पुकार सुनकर पास ही मौजूद उनके दो पालतू 'पिटबुल' नस्ल के कुत्ते मौके पर दौड़ पड़े.
पालतू कुत्तों ने सियार को उतारा मौत के घाट
अपनी मालकिन को खतरे में देखकर दोनों पिटबुल कुत्ते पलक झपकते ही सियार पर टूट पड़े. वफादार कुत्तों ने सियार को चारों तरफ से घेर लिया और उसे नोच-नोचकर मौके पर ही ढेर कर दिया. कुत्तों के इस आक्रामक रूप के आगे सियार पस्त हो गया और कुछ ही देर में उसकी जान चली गई. कुत्तों की इस त्वरित कार्रवाई ने महिला को सियार के चंगुल से छुड़ा लिया.
अस्पताल में भर्ती, स्थिति खतरे से बाहर
घटना के तुरंत बाद मौके पर पहुंचे परिजनों ने लहूलुहान अवस्था में घायल महिला को आनन-फानन में मेडिकल कॉलेज बहराइच में भर्ती कराया. डॉक्टरों की टीम महिला का इलाज कर रही है. डॉक्टरों का कहना है कि महिला के शरीर पर जख्म जरूर हैं, लेकिन उनकी हालत अब पूरी तरह से स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं.
गांव में वफादार कुत्तों की बहादुरी की चर्चा
इस घटना के बाद पूरे असरौरा गांव और आसपास के इलाकों में दोनों पालतू पिटबुल कुत्तों की स्वामिभक्ति और दिलेरी की खूब चर्चा हो रही है. ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते कुत्ते मौके पर न पहुंचते और हमला न करते, तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी. वफादार बेजुबानों ने सही मायनों में अपनी मालकिन के रक्षक का फर्ज निभाया है.