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शिवा शर्मा मेरा बंदा था: श्रद्धा दुबे फिर सामने आई, हत्या के आरोपों पर फिर किया बड़ा दावा

शिवा शर्मा केस में पहला एक्शन देखने को मिला है. लापरवाही बरतने पर हजरतगंज के एसएचओ पर गाज गिरी है. वहीं, श्रद्धा दुबे ने मीडिया को इंटरव्यू दिया है.

Written By Amitesh Pandey
Published: Oct 18, 2026, 08:28 PM IST | Updated: Oct 18, 2026, 11:32 PM IST
Image Credit: Shiva Sharma Case
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हैरानी होगी यह जानकर कि शिवा शर्मा केस में जिस आरोपी श्रद्धा दुबे को पुलिस नेपाल तक खोज रही है, वह मीडिया को इंटरव्यू देते फिर रही है. अब तक फुर्ती दिखाने वाले यूपी पुलिस श्रद्धा दुबे को पकड़ने में क्यों सुस्ती दिखा रही है. एक बार फिर श्रद्धा दुबे मीडिया के सामने आईं और हत्या के आरोपों को खारिज कर दिया है. वह बार बार शिवा शर्मा केस को सुसाइड बता रही हैं. फिलहाल मामले में लापरवाही बरतने पर हजरतगंज एसएचओ विक्रम सिंह पर गाज गिरी है. उन्हें हटा दिया गया है. वहीं, लखनऊ मध्य के डीसीपी विक्रांत वीर को भी हटाकर डीजीपी मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है.

हत्या के आरोपों को बेबुनियाद बताया 
न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में श्रद्धा दुबे ने कहा कि सारे आरोप बेबुनिया है. हमने हत्या नहीं की है, वह सुसाइड था. वह मेरी ही बिल्डिंग की चौथी मंजिल से कूद गया. श्रद्धा दुबे कह रही है ​मेरी बिल्डिंग की सीसीटीवी फुटेज जांच करने पर पता चल जाएगा. श्रद्धा ने कहा कि वह शिवा शर्मा को पिछले चार महीने से ही जानती हैं. उन्होंने कहा कि मेरी कॉल डिटेल निकालने पर पता चल जाएगा. उनकी मां के आरोप गलत हैं. उनकी मां को मैं बिल्कुल पसंद नहीं थी.

कर्ज में डूबा था शिवा शर्मा 
श्रद्धा ने कहा कि शिवा शर्मा पर करीब 16 या 17 लाख रुपये का कर्जा था. कुछ दिन पहले ही शिवा ने मुझे बताया कि मुझ पर कर्जा बहुत हो गया है. कर्जदारों का फोन आता है. मैं बहुत परेशान हो गया हूं. इतना ही नहीं शिवा ने मुझसे भी कुछ पैसे मांग रखे थे. एक महीने पहले ही शिवा ने मेरे घर से 5 से 6 लाख रुपये के गहने उठा लिया था. वह मेरा पर्सनल मैटर था, उसको राइट था, वह ले सकता था, वह मेरा बंदा था.

घबराकर वहां से भाग गई 
खुद के भागने के सवाल पर श्रद्धा दुबे ने कहा कि मैं वहां रहकर डंटकर सामना करना चाहती थी. लेकिन मुझे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी, मैं सदमे में थी, इसलिए मुझे वहां से निकलना पड़ा. मेरे ड्राइवर से बिना जाने मारपीट करने लगे और हत्या का आरोप लगा दिया. कोई भी होगा घबरा कर वहां से चला जाएगा. वहीं, वीआईपी लोगों से कनेक्शन पर श्रद्धा ने कहा कि ऐसा कुछ भी नहीं है. मेरा किसी से कनेक्शन नहीं है. फोटो तो कोई भी किसी के साथ ले सकता है. उन्होंने पुलिस और न्याय पालिका से निष्पक्ष की जांच की मांग की है. वहीं, डायरी को लेकर कहा कि कोई डायरी नहीं है. मेरी बहन को भी फंसाया जा रहा है. 

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About the Author

अमितेश कुमार पांडेय डिजिटल पत्रकार हैं और ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड (Zee UP-UK) की डिजिटल टीम में सीनियर सब-एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से ताल्लुक रखने वाले अमितेश को मीडिया जगत में 8 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है. वे उत्तर प्रदेश की हाइपर-लोकल खबरों, क्राइम, प्रशासनिक गतिविधियों, राजनीतिक उठापटक और खेल जगत के मुद्दों पर पैनी नजर रखते हैं. खबरों की गहराई, ग्राउंड रियलिटी और तथ्य-आधारित डिजिटल कवरेज के लिए वे जाने जाते हैं.अमितेश के पास डेस्क एडिटिंग के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों से ग्राउंड रिपोर्टिंग का भी व्यावहारिक अनुभव है. अमितेश ने उत्तर प्रदेश के तीन प्रमुख शहरों- लखनऊ, प्रयागराज और गाज़ियाबाद में जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग की है. स्थानीय प्रशासन, जनसमस्याओं और राजनीतिक हलचलों की बेहतर समझ उन्हें ज़मीनी वास्तविकताओं को सटीक रूप से प्रस्तुत करने में मदद करती है. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने भारत के लिडिंग हिंदी न्यूज़ पेपर अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान में काम करने का अनुभव है. अमितेश ने पत्रकारिता की पढ़ाई प्रयागराज से की है.अमितेश पांडेय से आप amitesh.pandey@india.com पर सीधे ईमेल कर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप अमितेश से एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर कनेक्ट कर सकते हैं.
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