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राम मंदिर परिसर में जगमगाएंगे 1 लाख दीप, दीपोत्सव के लिए 5 जोन में बंटा श्रीराम जन्मभूमि क्षेत्र, 1000 कार्यकर्ता संभालेंगे कमान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या में दीपोत्सव के एक दशक पूरे होने पर भव्य आयोजन की तैयारी की जा रही है. इस बार श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र परिसर में एक लाख दीप जलाए जाएंगे. इसके लिए पूरे परिसर को पांच जोन में बांटा गया है.

Edited By Rupak Kumar
Published: Nov 05, 2026, 02:25 PM IST | Updated: Nov 05, 2026, 02:40 PM IST
Image Credit: प्रतिकात्मक तस्वीर (AI Photo)
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राम की नगरी अयोध्या में दीपोत्सव के एक दशक का सफर इस वर्ष भव्यता और दिव्यता के नए अध्याय के साथ आगे बढ़ने जा रहा है. योगी सरकार के संकल्प के अनुरूप अयोध्या की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को विश्व स्तर पर नई उंचाई देने वाले इस आयोजन में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र परिसर एक लाख दीपों की रोशनी से जगमगाएगा. दीप जलाने के लिए मंदिर परिसर में लगभग एक हजार कार्यकर्ता सेवा देंगे. इसके लिए पूरे परिसर को पांच जोन में बांटकर प्रत्येक जोन के प्रभारी और उनकी टीम की जिम्मेदारी दे दी गई है. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से मिली जानकारी के अनुसार, यात्री सुविधा केंद्र (पीएफसी) के सभागार में हुई बैठक में दीपोत्सव की कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया गया है. बैठक में आयोजन की विभिन्न व्यवस्थाओं का दायित्व संभाल रहे प्रमुख कार्यकर्ता शामिल हुए. ट्रस्ट के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र (सेवानिवृत्त), सचिव जगदीश आफले और श्री जगन्नाथ गुलवे ने पूरी कार्ययोजना विस्तार से समझाई. श्रीरामलला विराजमान मंदिर का विशेष अलंकरण किया गया है. अब अगले पांच दिनों में परिसर के अन्य हिस्सों के अलंकरण और दीप प्रज्ज्वलन की तैयारियों को भी आगे बढ़ाया जा रहा है.

पांच जोनों में बंटी दीप जलाने की जिम्मेदारी

दीपोत्सव के भव्य आयोजन को व्यवस्थित रूप देने के लिए श्रीराम जन्मभूमि परिसर को पांच जोन में विभाजित किया गया है. प्रत्येक जोन में दीप जलाने की जिम्मेदारी अलग-अलग टीमों को सौंपी गई है.

जोन-1, श्रीरामलला मंदिर: इस जोन की जिम्मेदारी अर्चक प्रमुख आचार्य केशव जी को सौंपी गई है. मंदिर प्रांगण, परकोटा, ग्रीन हाउस और यज्ञशाला क्षेत्र समेत 30 हजार से अधिक दीप जलाए जाएंगे.

जोन-2, कुबेर टीला एवं सप्तमंडप: कुबेर टीला, सप्तमंडप, शेषावतार मंदिर, हुतात्मा स्मारक और पंचवटी सहित अन्य स्थान इस जोन में शामिल हैं. यहां दीप जलाने का दायित्व चन्द्रन क्षितिज और उनकी टीम को सौंपा गया है. इस जोन में भी 30 हजार से अधिक दीप जलाए जाएंगे.

जोन-3, वापसी दर्शन मार्ग एवं पीएफसी: वापसी दर्शन मार्ग, यात्री सुविधा केंद्र, पीएफसी प्लाजा और नल टीला इस जोन का हिस्सा होंगे. पीपी मिश्रा के नेतृत्व में यहां 14 हजार से अधिक दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे.

जोन-4, यात्री सेवा केंद्र एवं अंगद टीला: इस जोन की जिम्मेदारी कैप्टन जे.पी. द्विवेदी (सेवानिवृत्त) और उनकी टीम को दी गई है. यात्री सेवा केंद्र, अंगद टीला, सीता रसोई और रामानंदाचार्य द्वार सहित अन्य स्थानों पर 13 हजार से अधिक दीप जलाए जाएंगे.

जोन-5, श्रीराम जन्मभूमि पथ एवं दर्शन मार्ग: श्रीराम जन्मभूमि पथ, दर्शन मार्ग, सिंह द्वार और चरण पादुका इस जोन में शामिल हैं. नरेन्द्र कुमार के नेतृत्व में यहां 13 हजार दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे. इस टीम को उत्तर प्रदेश पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल का भी सहयोग मिलेगा.

दीपोत्सव से वैश्विक पहचान बनाएगी अयोध्या

सुभाष ट्रस्ट के समाचार प्रबंधक सुभाष चंद्र सिंह ने बताया कि दीपोत्सव की सभी तैयारियां निर्धारित समय पर पूरी कर ली जाएंगी. उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि सरकार की ओर से अयोध्या को विश्व पटल पर स्थापित करने के प्रयासों को भी मजबूती प्रदान करेगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में दीपोत्सव अयोध्या की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को नई ऊंचाई देने का माध्यम बन रहा है.

ये भी पढ़ें: दीपोत्सव की कवरेज के लिए योगी सरकार की खास तैयारी: अयोध्या में हाईटेक मीडिया सेंटर तैयार, नोडल अधिकारी भी रहेंगे तैनात

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रुपक कुमार मिश्रा zee bihar Jharkhand की डिजिटल टीम में बतौर Sub-editor के तौर पर कार्यरत है. वे राजनीति, क्राइम, यूटिलिटी और रुटीन खबरों पर काम करते हैं. इसके अलावा, टेक्नोसिस मीडिया में इन्हें एक साल काम करने का अनुभव है. शिक्षा की बात करें तो राजर्षि टंडन ओपन यूनिवर्सिटी से इन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की है.
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