विनोद साहनी के परिवार से मिलने जा रहे थे चंद्रशेखर आजाद, पुलिस ने बाराबंकी में रोका, धक्कामुक्की के बाद समर्थकों का प्रदर्शन
Vinod Sahni Murder Case: उत्तर प्रदेश के गोंडा में बर्तन कारोबारी विनोद कुमार साहनी हत्याकांड के बाद सियासी पारा बढ़ गया है. पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद को पुलिस ने बाराबंकी के रामनगर में रोक दिया, जिससे हंगामे की स्थिति बन गई. इसके विरोध में उन्नाव और जालौन में आजाद समाज पार्टी कार्यकर्ताओं ने उग्र प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा. पार्टी ने पूरी घटना की निष्पक्ष जांच न होने और पीड़ित को न्याय न मिलने पर 15 सितंबर को बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है.
Azad Samaj Party Barabanki High Drama: उत्तर प्रदेश के गोंडा के बर्तन कारोबारी विनोद कुमार साहनी हत्याकांड को लेकर रविवार को सियासी हलचल तेज हो गई. पीड़ित परिवार से मिलने गोंडा जा रहे आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद को बाराबंकी के रामनगर में पुलिस ने रोक दिया. उनके साथ भीम आर्मी के कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद थे. पुलिस के रोकने के बाद मौके पर काफी देर तक हंगामा चलता रहा.
रामनगर में पुलिस ने रोका काफिला
चंद्रशेखर आजाद के गोंडा जाने की सूचना मिलते ही बाराबंकी और गोंडा पुलिस के अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ रामनगर पहुंच गए. पुलिस ने उनका काफिला आगे जाने से रोक दिया. इस दौरान चंद्रशेखर आजाद और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई. समर्थकों और पुलिस के बीच धक्कामुक्की की भी बात सामने आई है. कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें जबरन रोकने की कोशिश की और लाठीचार्ज किया. हालांकि, पुलिस की ओर से इस कार्रवाई को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.
एसपी कार्यालय पहुंचे चंद्रशेखर
गोंडा जाने से रोके जाने के बाद चंद्रशेखर आजाद अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ बाराबंकी एसपी कार्यालय पहुंचे. यहां उनकी अपर पुलिस अधीक्षक से बातचीत हुई. चंद्रशेखर आजाद का कहना था कि वह किसी राजनीतिक कार्यक्रम के लिए नहीं, बल्कि हत्या के बाद दुखी परिवार से मिलने और उन्हें न्याय का भरोसा दिलाने जा रहे थे. उन्हें रास्ते में रोकने को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में नाराजगी दिखाई दी.
उन्नाव में अंबेडकर पार्क पर कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
घटना के विरोध में रविवार को उन्नाव में आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन किया. सिविल लाइन स्थित अंबेडकर पार्क में कार्यकर्ता जुटे और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि एक निर्वाचित सांसद को पीड़ित परिवार से मिलने से रोकना गलत है. उन्होंने चंद्रशेखर आजाद के साथ कथित अभद्र व्यवहार और उनके काफिले के साथ हुई घटना की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की.
जालौन में राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
उधर, जालौन के उरई में भी आजाद समाज पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने घटना के विरोध में प्रदर्शन किया. कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी समीर के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा. इसमें आरोप लगाया गया कि गोंडा जाते समय चंद्रशेखर आजाद के साथ प्रशासन की मौजूदगी में कुछ लोगों ने अभद्रता की। पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था और निर्वाचित जनप्रतिनिधि के सम्मान से जुड़ा मामला बताया.
15 सितंबर को बड़े आंदोलन की चेतावनी
पार्टी कार्यकर्ताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और कथित तौर पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलने तक पार्टी उनकी आवाज उठाती रहेगी. कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो 15 सितंबर को बड़े आंदोलन का आयोजन किया जाएगा. विनोद साहनी हत्याकांड के बाद अब चंद्रशेखर आजाद को रोके जाने का मामला राजनीतिक रूप से भी तूल पकड़ता जा रहा है.