सीएम योगी के खिलाफ FIR कराने वाला परवेज परवाज कौन था? गोरखपुर जेल में तबीयत बिगड़ने के बाद तोड़ा दम
Gorakhpur News: गोरखपुर में योगी आदित्यनाथ के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा चर्चा में आया परवेज परवाज की अचानक तबीयत बिगड़ गई. जेल से उसे अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी मौत हो गई.
नागेन्द्र मणि त्रिपाठी/गोरखपुर: गोरखपुर में साल 2007 में तत्कालीन सांसद योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने को लेकर चर्चा में आए परवेज परवाज की मौत हो गई है. सामूहिक दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 72 वर्षीय परवेज ने देर रात जिला अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. वह 26 सितंबर 2018 से गोरखपुर जिला कारागार में बंद था. जेल की अस्पताल बैरक में अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया था, जहां उसकी मौत हो गई.
2007 में आया था सुर्खियों में
जेल प्रशासन के मुताबिक, परवेज ब्लड प्रेशर, शुगर और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित था. उसके परिवार को सूचना दे दी गई है. मौत के बाद पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी औपचारिकताओं की प्रक्रिया की जानी थी. गोरखपुर के तुर्कमानपुर निवासी परवेज परवाज का नाम वर्ष 2007 में उस वक्त सुर्खियों में आया था, जब उसने तत्कालीन सांसद योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था. इस मामले को लेकर उस समय काफी राजनीतिक और कानूनी विवाद हुआ था.
देर रात अचानक बिगड़ी तबीयत
वहीं, परवेज परवाज को सामूहिक दुष्कर्म के एक मामले में 28 जुलाई 2020 को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. इसके अलावा सेवन सीएलए और पायरेटेड सीडी से जुड़े मामलों में भी उसका नाम सामने आया था. जेल अधीक्षक दिलीप पांडेय के मुताबिक, देर रात परवेज की तबीयत बिगड़ी. जेल के चिकित्सक ने गंभीर हालत देखते हुए उसे जिला अस्पताल भेजा, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई. परवेज की मौत के बाद वर्ष 2007 के मुकदमे समेत उसके पुराने कानूनी मामलों को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है.
गोरखपुर में दो बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत, पिता की मौत
वहीं, गोरखपुर में बेलीपार थाना क्षेत्र में गोरखपुर-वाराणसी मार्ग पर दो बाइकों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई. हादसे में पिता-पुत्री समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. सभी घायलों को एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया गया. यहां से गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज रेफर किए गए 47 वर्षीय प्रमोद सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई. वहीं, उनकी 19 वर्षीय बेटी महक गंभीर रूप से घायल है और उसका इलाज चल रहा है. पिता की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया.
शातिर पिता-पुत्र गिरफ्तार
गोरखपुर में रेलवे कॉलोनियों को निशाना बनाने वाले शातिर चोरों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. दिनदहाड़े घरों में घुसकर चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर पुलिस ने छह चोरी की घटनाओं का खुलासा किया है. आरोपियों के कब्जे से बरामद सोने-चांदी के जेवरात और नकदी की कीमत करीब 50 लाख रुपये आंकी गई है. बरामदगी में 415 ग्राम सोने के आभूषण, एक किलो 648 ग्राम चांदी के जेवरात और 90 हजार 500 रुपये नकद शामिल हैं. शाहपुर पुलिस, एंटी थेफ्ट सेल और सर्विलांस सेल की संयुक्त कार्रवाई से रेलवे कॉलोनियों में चोरी की घटनाओं को लेकर चल रही जांच को बड़ी सफलता मिली है.