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उत्तर प्रदेश के मेरठ के नीले ड्रम मर्डर केस में आखिरकार 18 महीने बाद एक बड़ा मोड़ आया है. ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के इंदिरा नगर में बने उस खौफनाक मकान का ताला आखिरकार खोल दिया गया, जहां सौरभ और मुस्कान कभी अपने परिवार के साथ रहते थे. वारदात के बाद से पुलिस ने इस मकान को सील कर दिया था, लेकिन अब इस घर के दरवाजे खुलने के साथ ही एक बार फिर पुरानी खौफनाक यादें ताजा हो गईं.
कमरे में कदम रखते ही रो पड़ी मां
ब्रह्मपुरी पुलिस की मौजूदगी में जब मेन गेट और अंदर के दरवाजों के ताले ईंटों से तोड़े गए, तो वहां मौजूद हर शख्स का कलेजा कांप उठा. सौरभ की मां रेणू देवी, बड़े भाई राहुल उर्फ बबलू और मकान मालिक ओमपाल सिंह की मौके पर मौजूद रहे. इस दौरान पुलिस ने घर की तलाशी ली. जैसे ही परिवार के लोग अंदर दाखिल हुए, मार्च 2025 से बंद पड़े उस मकान से तेज दुर्गंध आई. पलंग के बॉक्स से भी बदबू आ रही थी. जिस कमरे में सौरभ की बेरहमी से हत्या की गई थी, वहां कदम रखते ही मां रेणू और भाई राहुल फूट-फूटकर रो पड़े.
पीहू की पेंटिंग देख सबकी आंखें नम
सीलिंग और अंधेरे के बीच जब सामान समेटने की प्रक्रिया शुरू हुई, तो घर के अंदर मासूम पीहू की एक पेंटिंग देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं. लंबे समय तक घर बंद रहने की वजह से कपड़े, जूते, बर्तन और अन्य घरेलू सामान बिखरा हुआ था. ज्यादातर सामान तो पूरी तरह खराब हो चुका था. बिजली का कनेक्शन कट चुका था, जिसे बाद में जोड़कर आगे का काम किया गया.
नया ताला जड़ मकान मालिक लौटा गांव
पुलिस ने सामान की लिस्ट तैयार कर सौरभ का सामान उसके भाई राहुल को सौंप दिया. परिवार ने सौरभ के कपड़े, फर्नीचर, बर्तन और इलेक्ट्रॉनिक सामान अपने कब्जे में ले लिया, जबकि पीहू और मुस्कान के कुछ कपड़े और खिलौने वहीं छोड़ दिए गए. सारा सामान एक टेंपो में भरकर रवाना कर दिया गया, जिसके बाद मकान मालिक ओमपाल सिंह अपने गांव लौट गए और घर पर नया ताला जड़ दिया.
अब मकान बेचने की जुगत
इस खौफनाक घटना के चलते इस मकान में अब कोई भी नया किराएदार आने को तैयार नहीं है. यही वजह है कि हताश मकान मालिक अब इस मकान को बेचने की जुगत में लगा हुआ है.
मुस्कान और साहिल को हुई है फांसी की सजा
आपको बता दें, बेरहम पत्नी मुस्कान ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति सौरभ की हत्या कर दी थी और उसके शव को नीले ड्रम में छिपा दिया था. इस वारदात को अंजाम देने वाली कातिल पत्नी और उसके प्रेमी को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है. अभी मुस्कान जिला कारागार की महिला बैरक में बंद है. हाल ही में करवा चौथ के मौके पर जेल में निरुद्ध बंदियों ने व्रत रखा, लेकिन फांसी की सजा पा चुकी मुस्कान और रविता ने इससे दूरी बनाए रखी. अब चर्चा है कि मुस्कान और रविता अपने बच्चों की सलामती के लिए अहोई अष्टमी का व्रत रखने की तैयारी कर रही हैं.
(मेरठ से पारस गोयल की रिपोर्ट)