मुंबई में मर्डर, प्रयागराज में ली पनाह: महाराष्ट्र में शिवसेना नेता की हत्या में दो शूटर गिरफ्तार
Prayagraj News: मुंबई में 29 सितंबर को शिवसेना नेता प्रदीप बाला की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. मुंबई क्राइम ब्रांच ने प्रयागराज से 2 शूटरों को गिरफ्तार किया है.
मोहम्मद गुफरान/प्रयागराज: मुंबई में शिवसेना नेता प्रदीप बाला की हत्या मामले में प्रयागराज कनेक्शन सामने आया है. मुंबई क्राइम ब्रांच और यूपी एसटीएफ ने संगम नगरी प्रयागराज से दो शूटर गिरफ्तार किए हैं. प्रदीप बाला की हत्या के बाद दोनों शूटर फरार चल रहे थे. क्राइम ब्रांच दोनों को मुंबई लेकर रवाना हो गई है.
29 सितंबर को शिवसेना नेता की हुई थी हत्या
दरअसल, मुंबई के कपूरबावड़ी थाना क्षेत्र में 29 सितंबर को शिवसेना नेता प्रदीप बाला पूर्ण्येकर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. बताया गया कि ठाणे में ब्लॉक प्रमुख और कॉरपोरेटर चुनाव की रंजिश में प्रदीप बाला की हत्या की गई. हत्याकांड के बाद ठाणे में हड़कंप मच गया था. कपूरबावड़ी थाने में हमलावरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी. मुंबई क्राइम ब्रांच पूरे मामले की जांच कर रही थी.
प्रयागराज में छिपे थे दोनों आरोपी
मुंबई क्राइम ब्रांच संगमनगरी प्रयागराज पहुंची. यहां यूपी एसटीएफ की मदद से नैनी थाना क्षेत्र के अरैल सेल्फी पॉइंट से दो शूटरों को गिरफ्तार कर लिया. इनकी पहचान संतोष कनौजिया और अमित सिंह पपलू के रूप में हुई है. दोनों शिवसेना नेता की हत्या के बाद से फरार चल रहे थे. बार बार अपना ठिकाना बदल रहे थे. मुंबई क्राइम ब्रांच को प्रयागराज में इनकी लोकेशन मिली थी.
पहले गोली मारी, फिर चापड़ से काट दी गर्दन
क्राइम ब्रांच पुलिस दोनों आरोपियों का ट्रांजिट रिमांड बनवाकर मुंबई लेकर रवाना हो गई. यूपी एसटीएफ के अधिकारी ने बताया कि संतोष कनौजिया और अमित सिंह प्रयागराज में छिपे होने की लोकेशन मिली. छापेमारी कर दोनों को 9 अक्टूबर को गिरफ्तार कर लिया गया. हत्या में तीन अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है. गिरफ्तारी से बचने के लिए संतोष और अमित अपनी लोकेशन बदल रहे थे. पूछताछ में आरोपियों ने तमंचे से फायरिंग करने और चापड़ से गर्दन पर वार करने की बात कबूल की है.
रायगढ़ से प्रयागराज आकर छिप गए थे
मुंबई क्राइम ब्रांच के मुताबिक, संतोष कनौजिया मुख्य आरोपी बताया जा रहा है. वह वाराणसी जनपद के गहनी गांव का रहने वाला है, फिलहाल वह ठाणे में दुर्गा नगर में रहता था. वहां लॉन्ड्री का काम करता था. शिवसेना नेता की हत्या में साजिश रचने का आरोप है. वहीं, दूसरा आरोपी अमित सिंह भी वाराणसी के बाबियाव गांव का रहने वाला है. वह ठाणे में मीरा भयंदर इलाके में रहता था. वहां आटो रिक्शा चलाता है. दोनों हत्या के बाद रायगढ़ भाग गए थे. पिछले कई दिनों से प्रयागराज में छिपे थे.