व्रत के खाने में मिलावट का जहर: मडुआ के आटे ने बिगाड़ी दर्जनों महिलाओं की तबीयत, बलिया के तीन गांवों में हड़कंप
Ballia Madua Flour Food Poisoning: जीवित्पुत्रिका व्रत के पहले मडुआ के आटे से बनी रोटी खाने से बलिया में 30 से ज्यादा महिलाएं बीमार पड़ गई. महिलाओं के पेट में दर्द और बेहोशी जैसी हालत होने पर गांव में हड़कंप मच गया. इन महिलाओं को इलाज के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है.
Ballia Madua Flour Food Poisoning/ मनोज कुमार: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है, जहां जीवित्पुत्रिका (जीतिया) व्रत की तैयारियों के बीच एक बड़े हादसे से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. व्रत के नियम का पालन करते हुए नहाए-खाए को मडुआ के आटे की रोटी खाना दर्जनों महिलाओं के लिए आफत का सबब बन गया. मिलावटी मडुआ के आटे से बनी रोटी खाने से 30 से 40 महिलाएं बीमार हो गईं, जिन्हें आनन-फानन में इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
एक ही दुकान से खरीदा गया था आटा
यह घटना बांसडीह रोड थाना क्षेत्र के आसचौरा, चौकन और चौंकानी गांवों की है. ज़ी मीडिया की टीम जब ग्राउंड जीरो पर पहुंची तो चौंकाने वाली बातें सामने आईं. ग्रामीणों ने बताया कि सभी महिलाओं ने आसचौरा गांव की एक ही किराने की दुकान से मडुआ का आटा खरीदा था.
व्रत के पहले जैसे ही महिलाओं ने इस आटे से बनी रोटियां खाईं, कुछ ही देर में उन्हें पेट दर्द, उल्टी, घबराहट और बेहोशी जैसी शिकायतें होने लगीं. देखते ही देखते तीन गांवों में चीख-पुकार मच गई. हैरान करने वाली बात यह भी रही कि जिस दुकानदार ने यह आटा बेचा था, उसके अपने परिवार की भी दो महिलाएं इसे खाने के बाद बीमार पड़ गईं.
जिला अस्पताल में भर्ती 25 से अधिक महिलाएं
घटना की खबर मिलते ही जिला प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई. सभी बीमार महिलाओं को तुरंत बलिया जिला अस्पताल पहुंचाया गया. अस्पताल पहुंचे जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने बताया कि फिलहाल 25 से अधिक महिलाएं भर्ती हैं, जिनमें से एक महिला की हालत गंभीर बनी हुई है. जबकि, अन्य महिलाएं सुरक्षित बताई जा रही हैं. हालांकि, बीमार महिलाओं की संख्या बढ़ सकती है.
DM ने दिए सख्त एक्शन के आदेश
डीएम ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि संबंधित दुकानदार को चिह्नित कर लिया गया है और एडीएम के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की टीम मौके पर आटे का सैंपल लेने पहुंची है. उन्होंने स्पष्ट किया कि मिलावटखोरों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और पूरे जनपद में जांच अभियान चलाया जाएगा.
जीवित्पुत्रिका जैसे पवित्र व्रत से ठीक पहले हुए इस हादसे ने एक बार फिर त्यौहारों के दौरान बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. फिलहाल प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और केवल ताजा व प्रामाणिक सामग्री ही इस्तेमाल करने की अपील की है, ताकि श्रद्धा का यह पर्व किसी अनहोनी का कारण न बने.