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Pallavi Patel: कौशांबी की सिराथू विधानसभा सीट को लेकर यूपी की सियासत गरमाने लगी है. अपना दल कमेरवादी की नेता एवं विधायक पल्लवी पटेल के 2027 के सियासी संग्राम में सिराथू विधानसभा सीट से उतरने को लेकर अब संशय के बादल मंडराने लगे हैं.
पल्लवी पटेल का सियासी कदम क्या होगा?
दरअसल, समाजवादी पार्टी ने सिराथू विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने के इच्छुक दावेदारों की सूची मांगी है. तीन संभावित दावेदारों के नाम भी प्रदेश कार्यालय भेजा जा चुका है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या सपा सिराथू में पल्लवी पटेल का विकल्प तलाश रही है? सवाल ये भी है कि क्या लोकसभा और राज्यसभा चुनाव के दौरान अखिलेश यादव और पल्लवी पटेल के बीच जो तल्खियां देखने को मिली थीं, समाजवादी पार्टी अब 2027 के चुनाव में पल्लवी पटेल से उसका बदला लेना चाहती है. सवाल ये भी है कि क्या पल्लवी पटेल के लिए समाजवादी पार्टी के दरवाज़े बंद हो चुकें हैं.
केशव को हराकर बनीं थीं विधायक
बता दें कि कौशांबी की सिराथू विधानसभा सीट से पल्लवी पटेल ने 2022 के विधानसभा चुनाव में यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को हराकर यूपी की सियासत में अपनी मजबूत पहचान बनाई थी, लेकिन अब इसी सीट पर समाजवादी पार्टी की सक्रियता और संभावित दावेदारों के नामों की तलाश ने सियासी चर्चाओं को तेज कर दिया है. सपा की सिराथू विधानसभा सीट पर संभावित दावेदारों की तलाश के बाद सबसे बड़ा सवाल पल्लवी पटेल को लेकर है. क्या पल्लवी पटेल इस बार भी सिराथू विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगी? या फिर सपा ने इस सीट पर नए चेहरे की तलाश शुरू कर दी है?
राज्यसभा चुनाव में सपा से हुई थी तकरार
पल्लवी पटेल और समाजवादी पार्टी के बीच राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशी को लेकर तल्खियां देखने को मिली थीं. बाद में पल्लवी पटेल ने असदुद्दीन ओवैसी के साथ मिलकर पीडीएम न्याय मोर्चा बनाकर लोकसभा का चुनाव लड़ा था. सीधे तौर पर कहें तो लोकसभा और राज्यसभा चुनाव के दौरान पल्लवी पटेल और अखिलेश यादव के बीच सियासी मतभेद खुलकर सामने आए थे. अब सिराथू में सपा के दावेदारों की सूची मांगे जाने के बाद सियासी गलियारों में चर्चा है कि क्या समाजवादी पार्टी पल्लवी पटेल के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है? अगर सपा अपना उम्मीदवार पल्लवी पटेल के खिलाफ उतारती है, तो मुकाबला सिर्फ एक विधानसभा सीट का नहीं होगा. बल्कि इसे पल्लवी पटेल और समाजवादी पार्टी के बीच पुराने सियासी मतभेदों की अगली कड़ी के तौर पर भी देखा जा सकता है.
दावेदारों की सूची मांगे जाने पर खड़े हुए सवाल
हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि पल्लवी पटेल सिराथू विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगी या नहीं, लेकिन सपा की ओर से दावेदारों की सूची मांगे जाने से यह सवाल जरूर खड़ा हो गया है कि क्या समाजवादी पार्टी ने सिराथू को लेकर अपनी रणनीति बदल दी है? सवाल ये भी है कि अगर पल्लवी पटेल चुनाव मैदान में उतरती हैं, तो क्या सपा उनके खिलाफ अपना मजबूत प्रत्याशी उतारेगी? कौशांबी की राजनीति को समझने वाले वरिष्ठ पत्रकार अनंत राम कुशवाहा का कहना है कि पल्लवी पटेल और सपा के बीच तल्खियां राज्यसभा चुनाव के दौरान दिखीं थीं और 2027 के चुनाव से पहले सपा अगर सिराथू सीट पर दावेदारों की सूची तैयार कर रही है तो यह साफ़ है कि वह पल्लवी पटेल का विकल्प भी सिराथू सीट पर तलाश रही है. अनंत राम कुशवाहा का कहना है कि पल्लवी पटेल अगर सपा से अलग होकर 2027 का चुनाव लड़ेंगी तो उसका नुकसान सपा को पूर्वांचल की कई सीटों पर होगा, लेकिन पल्लवी पटेल की भी विधानसभा पहुंचने की राहें आसान नहीं होने वाली हैं.