आकाश आनंद को 4 बार निकालने की खबर पर मायावती की सफाई, बोलीं- ‘पार्टी से कभी नहीं निकाला’
Mayawati Statement Akash Anand: आकाश आनंद को दोबारा BSP का राष्ट्रीय संयोजक बनाए जाने के बाद मायावती ने उनकी पार्टी से निकाले जाने को लेकर चल रही खबरों पर सफाई दी है. मायावती ने कहा कि आकाश को शादी से पहले पार्टी से कभी नहीं निकाला गया, बाद में सुधार के लिए उन्हें कई बार अलग करना पड़ा.
विशाल सिंह/लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी में वापस लेकर पुनः राष्ट्रीय संयोजक बनाए जाने के बाद मीडिया में चल रही खबरों पर कड़ा एतराज जताया है. मायावती ने सिलसिलेवार पोस्ट साझा कर मीडिया द्वारा 'चार बार निकाले जाने' के दावों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने वाला करार दिया और पूरे घटनाक्रम की असल वजह बताई है.
'शादी से पहले कभी नहीं निकाला गया'
बसपा प्रमुख मायावती ने स्पष्ट किया कि आकाश आनंद अपनी शादी से पहले भी पार्टी में बेहद सक्रिय भूमिका निभा रहे थे और उस दौरान उन्हें कभी भी पार्टी से बाहर नहीं किया गया था. उन्होंने कहा कि शादी से पहले आकाश ने पार्टी को शिकायत का कोई मौका नहीं दिया था.
अशोक सिद्धार्थ के प्रभाव और सुधार का जिक्र
मायावती ने सीधा हमला बोलते हुए कहा कि अशोक सिद्धार्थ से रिश्ता बनने के बाद, उन्होंने अपने व्यक्तिगत स्वार्थों में आकाश आनंद की छवि को काफी नुकसान पहुंचाने की कोशिश की.
मायावती के अनुसार, इसी वजह से आकाश आनंद के आचरण में सुधार लाने के खास उद्देश्य से ही पार्टी से अलग करने और गलती का अहसास होने के बाद वापस लेने जैसे कड़े कदम उठाने पड़े थे.
संन्यास के बाद अब आगे बढ़ने की उम्मीद
पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने का जिक्र करते हुए मायावती ने उम्मीद जताई कि अब पार्टी के सामने ऐसी कोई नौबत नहीं आएगी कि आकाश आनंद को दोबारा अलग करना पड़े.उन्होंने कहा कि अशोक सिद्धार्थ के पूरी तरह अलग होने के बाद अब आकाश आनंद बिना किसी अड़चन के बसपा की राजनीति में आगे बढ़ेंगे. मायावती ने मीडिया से अपील की है कि वे इस सच्चाई और सही तथ्यों को उजागर करते हुए ही अपनी रिपोर्टिंग करें.
मायावती का यह बयान न केवल मीडिया की रिपोर्टिंग पर एक सीधा पलटवार है, बल्कि बीएसपी के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान और भविष्य के नेतृत्व की तस्वीर को भी पूरी तरह साफ करता है.अशोक सिद्धार्थ के संन्यास के बाद आकाश आनंद के रास्ते के सभी राजनीतिक रोड़े हटने की बात कहकर मायावती ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बहुजन समाज पार्टी में भविष्य की कमान पूरी तरह से आकाश आनंद के हाथों में ही रहेगी. 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले अपने सबसे भरोसेमंद युवा चेहरे को संगठन की धुरी बनाना बसपा की कैडर आधारित रणनीति को फिर से धार देने की एक बड़ी कोशिश माना जा रहा है.
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