BSP All India Meeting 2026: अगले साल होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारियों और रणनीति को लेकर लखनऊ में बसपा की अहम बैठक हुई. बसपा की बैठक में ईशान आनंद को बड़ी जिम्मेदारी मिली है. मायावती ने उन्हें नेशनल कोऑर्डिनेटर बना दिया है. आकाश आनंद और अन्य पारिवारिक सदस्यों के साइडलाइन होने के बाद मायावती ने स्पष्ट कर दिया है कि आनंद कुमार के परिवार से अब केवल ईशान आनंद को ही पार्टी में जिम्मेदारी दी जाएगी.
ईशान आनंद ने पैर छूकर लिया आशीर्वाद
बैठक से पहले ईशान आनंद ने बसपा सुप्रीमो मायावती के पैर छूकर आशीर्वाद लिया. जिसके बाद ईशान को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई. बुधवार को राजधानी लखनऊ के पार्टी मुख्यालय में बसपा सुप्रीमो मायावती की अध्यक्षता में देश भर के बड़े पदाधिकारियों, केंद्रीय प्रभारियों और राज्य अध्यक्षों की एक बेहद अहम ऑल इंडिया बैठक आयोजित की गई. इस उच्चस्तरीय बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनंद कुमार और उनके छोटे बेटे ईशान आनंद भी भी मौजूद रहे.
बदला-बदला नजर आया मंच, समता का दिया संदेश
पार्टी की इस समीक्षा बैठक में सबसे ज्यादा ध्यान मंच और सीटिंग अरेंजमेंट ने खींचा. बसपा की बैठकों के इतिहास में पहली बार सीटिंग अरेंजमेंट पूरी तरह बदला हुआ नजर आया. पार्टी के अंदर इसे एक बड़े और रणनीतिक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है. संदेश साफ दिया गया कि बसपा में अब कोई छोटा-बड़ा नहीं है, बल्कि सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता एक समान हैं. आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मायावती इस कदम के जरिए संगठन के भीतर नई ऊर्जा, अनुशासन और पूर्ण एकजुटता का संदेश देना चाहती हैं.
तीन राज्यों के चुनाव पर मंथन, नए सेक्टर प्रभारियों पर निगाहें
बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब की चुनावी रणनीति पर मंथन हुआ. मायावती ने हाल ही में पुरानी व्यवस्था को खत्म करते हुए संगठन में केवल तीन प्रमुख सेक्टर बनाने का फैसला किया था. नई व्यवस्था के तहत उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड का प्रभार मायावती ने खुद अपने पास रखा है, जबकि बाकी राज्यों के लिए अभी प्रभारी घोषित होना बाकी है.
ऐसे में माना जा रहा है कि खाली पड़े इन पदों पर मायावती जल्द ही नए चेहरों के नामों का ऐलान कर सकती हैं. बैठक की शुरुआत होते ही कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर संगठन में हो रहे इन नए बदलावों का उत्साहपूर्वक स्वागत किया.
बहरहाल, इस ऑल इंडिया बैठक के जरिए मायावती ने 2027 के चुनावी रण का शंखनाद कर दिया है. ईशान आनंद की ताजपोशी और संगठन के ढांचे में आए इस बड़े बदलाव के बाद बसपा कार्यकर्ताओं में नए उत्साह की लहर है, जो आने वाले दिनों में जमीनी स्तर पर पार्टी की दशा और दिशा तय करेगी.