'अधिकारियों की खान' से निकला एक और हीरा: परिवार में 10 लोग पहले से हैं अफसर, अब इस होनहार बेटी ने भी गाड़े झंडे!
Muskan Solanki Success Story: देशभर में प्रशासनिक सेवाओं में अपनी पहचान बनाने वाले माधोपट्टी गांव की एक और बेटी ने जिले का नाम रोशन किया है. गांव की मुस्कान सोलंकी ने हरियाणा पीसीएस परीक्षा में सफलता हासिल की है. जिससे परिवार और गांव में खुशी का माहौल है. मुस्कान पहले ही प्रयास में अपने परिवार की 11वीं अफसर बनी हैं.
Muskan Solanki Success Story/ अजीत सिंह (जौनपुर): देश भर में 'अधिकारियों के गांव' के नाम से मशहूर उत्तर प्रदेश के माधोपट्टी गांव ने एक बार फिर देश भर में अपनी चमक बिखेरी है. इस बार इस गांव की एक और बेटी ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प के दम पर बड़ी सफलता हासिल की है. इस गांव की बेटी मुस्कान सोलंकी ने हरियाणा पीसीएस परीक्षा में शानदार कामयाबी हासिल की है.
गुरुवार शाम जैसे ही रिजल्ट जारी हुआ, परिवार और पूरे गांव में जश्न का माहौल बन गया. रिश्तेदारों, शुभचिंतकों और स्थानीय लोगों ने मुस्कान के घर पहुंचकर उन्हें बधाइयां दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की.
अधिकारियों की इस अनूठी परंपरा को आगे बढ़ाया
माधोपट्टी गांव को प्रशासनिक अधिकारियों की उपलब्धियों के लिए देशभर में जाना जाता है. इस छोटे से गांव के अब तक 53 से अधिक लोग देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रशासनिक अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. गांव की इसी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए मुस्कान सोलंकी ने हरियाणा पीसीएस परीक्षा में सफलता का परचम लहराया है. उनकी इस कामयाबी से एक बार फिर साबित हो गया है कि अगर लगन सच्ची हो, तो संसाधनों का दायरा सफलता के रास्ते में कभी बाधा नहीं बन सकता.
पिता रह चुके हैं पुलिस अधिकारी
मुस्कान सोलंकी का पारिवारिक बैकग्राउंड भी देश सेवा से जुड़ा रहा है. उनके परिवार में पहले से ही 10 सदस्य आईएएस, आईपीएस और पीसीएस जैसी सेवाओं में अधिकारी रह चुके हैं. अब मुस्कान परिवार की 11वीं अफसर बन गई हैं. उनके पिता नवीन सोलंकी पंजाब पुलिस में अधिकारी रह चुके हैं. उनके दादा वशिष्ठ नारायण सिंह सेना में थे.
पिता के अनुशासन और प्रेरणा का असर मुस्कान के जीवन पर साफ देखा जा सकता है. उनकी पढ़ाई पंजाब में ही हुई. पढ़ाई के दौरान ही मुस्कान ने प्रशासनिक सेवा में जाने का लक्ष्य बना लिया था. उस सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने लगातार कड़ी मेहनत की और अपनी तैयारी पर पूरा फोकस बनाए रखा.
अब आईएएस बनने का है सपना
उनकी इसी लंबी और निरंतर तपस्या का परिणाम है कि आज उन्होंने हरियाणा पीसीएस परीक्षा में बाजी मार ली है. हरियाणा पीसीएस परीक्षा में सफलता हासिल करने के बाद भी मुस्कान का सफर यहां थमता नहीं है. उन्होंने अपने सपनों के दायरे को सीमित नहीं किया है, बल्कि उनकी अगली और बड़ी निगाहें IAS पर टिकी हैं. उनका मानना है कि यह सफलता उनके बड़े लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण सीढ़ी भर है. वह भविष्य में प्रशासनिक सेवा के सर्वोच्च पद पर पहुंचकर देश और समाज की और अधिक प्रभावी ढंग से सेवा करने का जज्बा रखती हैं.
बेटी की सफलता पर क्या बोले पिता?
मुस्कान के पिता नवीन सिंह का कहना है कि बेटी की सफलता पर पूरे परिवार को बहुत गर्व है. उनके परिवार में 1942 में उनके बड़े बुजुर्ग तहसीलदार बने थे. इसके बाद परिवार के कई सदस्य प्रशासनिक और पुलिस सेवाओं में पहुंचे. परिवार में एसपी सिंह आईएएस अधिकारी रहे, जबकि विशाल विक्रम सिंह एसपी हैं. मुस्कान के चयन से अगली पीढ़ी में भी अधिकारी बनने की परंपरा आगे बढ़ी है.
मुस्कान सोलंकी की यह सफलता उन तमाम युवाओं और छात्र-छात्राओं के लिए एक बेहतरीन मिसाल है, जो विपरीत परिस्थितियों के बीच बड़े सपने देखते हैं. स्पष्ट लक्ष्य, पक्का इरादा और लगातार प्रयास ही सफलता की असली कुंजी है, जिसे मुस्कान ने अपनी इस उपलब्धि से सच साबित कर दिखाया है.