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Lucknow Orbital Rail Corridor/ विशाल रघुवंशी: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को आउटर रिंग रोड की तर्ज पर बाहर से ही एक मजबूत रेल नेटवर्क से जोड़ने की योजना रफ्तार पकड़ रही है. राजधानी में प्रस्तावित 'ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर' के पहले चरण का सर्वे पूरा हो चुका है. इसके बाद रूट में थोड़ा बदलाव किया गया है. अब यह ट्रेन लाइन सफेदाबाद की जगह बाराबंकी में रसौली के पास से गुजरेगी और आगे जहांगीराबाद को भी जोड़ेगी.
क्यों बनाया जा रहा है यह कॉरिडोर?
लखनऊ शहर के अंदर यातायात का बहुत ज्यादा दबाव रहता है. इसे कम करने और औद्योगिक विकास के लिए रेल मंत्रालय ने मार्च 2025 में इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी थी. इस नए रास्ते के बन जाने से मालगाड़ियां और दूसरी बाहरी ट्रेनें शहर के अंदर आए बिना बाहर-बाहर ही निकल जाएंगी. इस कॉरिडोर को लखनऊ जिले के सीमावर्ती सात रेलखंडों से जोड़ा जाएगा. साथ ही सुल्तानपुर रेलखंड पर बड़ा व्यापारिक टर्मिनल बनेगा. मोहनलालगंज और मोहान रोड के वेयर हाउस भी इससे जुड़ेंगे.
क्या है कॉरिडोर की खासियत?
जानकारी के मुताबिक, पहले यह कॉरिडोर 170 किलोमीटर प्रस्तावित था, लेकिन अब 17 किलोमीटर और इसका विस्तार हो सकता है. इस प्रोजेक्ट को 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. यह कॉरिडोर 7 रेलखंड को एक साथ जोड़ेगा.
बताया जा रहा है कि सुल्तानपुर रेलखंड पर 30 लाइनों का ग्रीनफील्ड मेगा टर्मिनल बनेगा. इस टर्मिनल के 20 से ज्यादा प्लेटफॉर्म होंगे. आगरा एक्सप्रेसवे के पास 1 मेगा रेल लॉजिस्टिक पार्क बनेगा. इस कॉरिडोर को बनाने में 7500 करोड़ रुपये की लागत आएगी.
कॉरिडोर का संशोधित रूट मैप
रसौली से अर्जुनगंज-32 किलोमीटर
अर्जुनगंज से मोहनलाल गंज-16 किलोमीटर
मोहनलाल गंज से पिपरसंड-25 किलोमीटर
पिपरसंड से काकोरी-21 किलोमीटर
काकोरी से बीकेटी-22 किलोमीटर
बीकेटी से जहांगीराबाद-45 किलोमीटर
जहांगिराबाद से रसौली-9 किलोमीटर
लिडार तकनीक और जमीनी सर्वे
कॉरिडोर के सर्वे के लिए रेलवे की संस्था राइट्स, उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल की टीम, रेलवे इंजीनियरों के साथ कंसलटेंट एजेंसी ने एलडीए का सहयोग लिया था. जिन हिस्सों में आबादी नहीं बसी है, वहां से ही कॉरिडोर को निकालने के लिए लिडार तकनीक और जमीनी सर्वे किया गया.
लखनऊ का यह ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर न सिर्फ मालगाड़ियों और बाहरी ट्रेनों के लिए एक बाईपास के रूप में काम करेगा, बल्कि क्षेत्र के औद्योगिक और व्यापारिक परिदृश्य को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा.