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Lucknow News: लखनऊ के इंदिरा नगर के सेंट्रल एकेडमी स्कूल से हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां कक्षा 9 की एक नाबालिग छात्रा को पानी की बोतल में कथित तौर पर यूरिन मिलाकर पिलाने का आरोप उसके ही सहपाठी पर लगा है. बताया जा रहा है कि एक बच्चे को मोटा कहे जाने को लेकर हुए विवाद के बाद गुस्से में छात्र ने यह हरकत की है. घटना की जानकारी मिलने के बाद स्कूल प्रशासन ने आरोपी छात्र को स्कूल से निष्कासित कर दिया.
स्कूल प्रशासन ने दी सफाई
वहीं, छात्रा के पिता ने आरोपी बच्चे का भविष्य खराब न हो, इस वजह से पुलिस कार्रवाई से इनकार कर दिया. स्कूल के प्रिंसिपल का डीपी सिंह बताया घटना को तुरंत संज्ञान लेकर कार्यवाही की है. साथ ही बताया दोबारा इस तरह की घटना न हो उसके लिए सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ा दी गई है. साथ ही स्टाफ को भी बच्चों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए हैं. यह पूरा मामला लखनऊ के इंदिरा नगर के सेंट्रल एकेडमी स्कूल का बताया जा रहा है.
मोटा कहने पर हुआ विवाद
जानकारी के मुताबिक, पिछले गुरुवार को स्कूल में दो नाबालिग छात्रों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ. आरोप है कि इसी विवाद से नाराज एक नाबालिग छात्र ने अपनी सहपाठी छात्रा की पानी की बोतल में यूरिन मिला दिया और उसे पिला दिया. घटना की जानकारी जब स्कूल प्रशासन को हुई, तो स्कूल में हड़कंप मच गया. बताया जा रहा है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए स्कूल प्रशासन ने संबंधित छात्र को स्कूल से निष्कासित कर दिया.
छात्रा के परिजनों ने नहीं की शिकायत
वहीं, छात्रा के पिता ने आरोपी छात्र के भविष्य को ध्यान में रखते हुए पुलिस कार्रवाई नहीं करने का फैसला लिया. हालांकि, इस मामले में पुलिस में कोई शिकायत दर्ज हुई है या नहीं, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है. लखनऊ पुलिस ने घटना को लेकर अनभिज्ञता प्रकट की है. पुलिस के मुताबिक, इस संबंध में परिजनों या स्कूल प्रबंधन की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है. अगर शिकायत मिलती है तो कार्यवाही की जाएगी.
बच्चों को जरूर समझाएं ये बातें
विशेषज्ञों के मुताबिक, किसी बच्चे के मोटापे, रंग, कद या आर्थिक स्थिति पर टिप्पणी करना कितना नुकसानदेह हो सकता है? इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता. ऐसे में बच्चों को यह समझाने की कोशिश की जाए कि किसी के वजन, रंग, कद, भाषा, परिवार या कमजोरियों पर टिप्पणी करना गलत है. साथ ही ये भी बताएं कि नाराज होना स्वाभाविक है, लेकिन बदला लेना, अपमान करना या किसी को नुकसान पहुंचाना सही नहीं है. इसमें स्कूल के शिक्षकों की भी मदद ली जा सकती है.