कुशीनगर में बांध टूटा: 30 से ज्यादा गांवों पर नारायणी नदी का कहर, सीएम योगी ने संभाला मोर्चा
Kushinagar News: नारायणी नदी में अचानक पानी आ जाने से एपी बांध टूट गया. इससे 30 से ज्यादा गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं. बाढ़ का जायजा लेने मंगलवार को सीएम योगी कुशीनगर पहुंचे.
प्रमोद कुमार/कुशीनगर: कुशीनगर में नारायणी नदी ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाया है. तमकुहीराज तहसील के जवहीं दयाल एहतमाली के पास एपी तटबंध टूटने से कई गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं. हालात का जायजा लेने और बाढ़ पीड़ितों का दर्द बांटने खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौके पर पहुंचे. सीएम ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से तटबंध टूटने की वजह जानी और पीड़ित परिवारों के लिए राहत का ऐलान किया.
सीएम योगी ने लिया हवाई जायजा
कुशीनगर में जवहीं दयाल एहतमाली के पास एपी तटबंध टूटने के बाद पानी तेजी से गांवों की तरफ बढ़ रहा है. कई गांव पानी से घिर गए हैं. ग्रामीणों ने सुरक्षित जगह की तलाश में बंधे पर ही शरण ले ली. बाढ़ की इस स्थिति के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद मौके पर पहुंचे. सीएम ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई जायजा लिया और सिंचाई विभाग के अधिकारियों से तटबंध टूटने की वजह और बचाव कार्यों की जानकारी ली.
5 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से टूटा तटबंध
सीएम योगी ने कहा कि सामान्य दिनों में नारायणी नदी में 3 से 4 लाख क्यूसेक पानी रहता है, लेकिन अचानक करीब 5 लाख क्यूसेक पानी आने से एपी तटबंध पर दबाव बढ़ा और तटबंध टूट गया. सीएम योगी ने साफ किया कि सरकार बाढ़ पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है. राहत और बचाव के लिए NDRF, SDRF और PAC की टीमें लगाई गई हैं. प्रभावित लोगों के बीच राहत सामग्री भी पहुंचाई जा रही है. मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि राहत कार्य शुरू कर दिए गए हैं और पीड़ित परिवारों को राहत पैकेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं.
बाढ़ प्रभावित लोगों को आर्थिक मदद का ऐलान
मुख्यमंत्री ने बाढ़ में जनहानि होने पर 4 लाख रुपये की सहायता देने की बात कही है. मकान पूरी तरह नष्ट होने पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने और क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत के लिए आर्थिक मदद का भरोसा दिया है. बाढ़ से बर्बाद हुई फसलों का आकलन कर किसानों को मुआवजा देने का भी ऐलान किया है. बाढ़ प्रभावित इलाके में अगले 6 दिनों तक स्वास्थ्य शिविर लगाने की बात कही गई है.
राहत शिविरों में रहने की अपील की
सीएचसी और पीएचसी पर एंटी-वेनम और एंटी-रेबीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं. जिन गांवों में पानी पहुंच गया है, वहां लोगों को राहत शिविरों में रखने और बिजली की व्यवस्था करने की भी बात कही गई है. सीएम योगी ने सिंचाई विभाग को नारायणी नदी के बहाव और तटबंध की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं. साथ ही टूटी सड़कों को दुरुस्त कराने का आदेश दिया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि नेपाल से ज्यादा पानी आने के कारण हालात बिगड़े हैं.