NDA दलों की यूपी में नजर: पूर्वांचल से होगी निशांत कुमार की सियासी एंट्री, चिराग पासवान भी बिगाड़ेंगे BJP का खेल?
Varanasi News: चिराग पासवान के बाद अब बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे यूपी दौरे पर आ रहे हैं. निशांत कुमार वाराणसी से चुनावी शंखनाद करने जा रहे हैं. एनडीए के सहयोगी दलों का इस तरह से यूपी में सियासी एंट्री से बीजेपी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.
जयपाल/वाराणसी: उत्तर प्रदेश के 2027 विधानसभा चुनाव का बिगुल अभी से बज चुका है. इसका सबसे बड़ा सियासी केंद्र पूर्वांचल बना है. बिहार में NDA के सहयोगी JDU और चिराग पासवान की LJP अब यूपी के सियासी मैदान में उतरने की तैयारी में हैं. 25 अक्टूबर को रोहनिया में एक बड़ी जनसभा से नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार यूपी में JDU का शंखनाद करने जा रहे हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ सीटों की दावेदारी है या फिर NDA के भीतर दबाव बनाने का कोई बड़ा सियासी गणित?
नीतीश कुमार के बेटे करेंगे चुनावी शंखनाद
पूर्वांचल की धरती से 2027 के महामुकाबले की बिसात बिछने लगी है. वाराणसी के रोहनिया विधानसभा क्षेत्र में 25 अक्टूबर को कुर्मी वोट बैंक को लामबंद करने के लिए JDU का एक विशाल सम्मेलन होने जा रहा है. इस मंच से नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार यूपी की राजनीति में अपनी सीधी एंट्री करेंगे. JDU प्रदेश की करीब 40 से 60 सीटों पर अपना दावा ठोक रही है.
यूपी में कुर्मी वोट बैंक
यूपी में कुर्मी वोटर का प्रभाव 128 सीटों पर है. वहीं, 50 सीटों पर सीधे निर्णायक माने जाते हैं. वहीं, पासी समाज अवध और मध्य यूपी की सीटों पर मजबूत पकड़ रखता है. निषाद/मल्लाह समाज गंगा-यमुना तटीय और पूर्वांचल के जिलों में बड़ा सियासी जनाधार है. लेकिन सिर्फ JDU ही नहीं, चिराग पासवान की LJP (रामविलास) और मुकेश सहनी की VIP पार्टी भी पूर्वांचल के पासी और निषाद वोटरों को साधने के लिए सक्रिय हो चुकी हैं.
सहयोगी दल सीटों के बंटवारे पर मोल भाव में जुटे
उधर, बीजेपी के पुराने सहयोगी अनुप्रिया पटेल, संजय निषाद और ओम प्रकाश राजभर भी सीटों के बंटवारे पर अभी से मोल-भाव में जुट गए हैं. वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनितिक विश्लेषक अमित सिंह ने बताया कि बिहार के नेताओं का यूपी में आना दरअसल भाजपा पर सीट-शेयरिंग के लिए दबाव बनाने का एक बड़ा जरिया है. कुर्मी, पासी और निषाद जैसे अति-पिछड़े वोट बैंक पर हर किसी की नजर है, जो पूर्वांचल की 100 से अधिक सीटों के नतीजे तय करते हैं.
विपक्ष सरकार को घेरने में जुटा
एक तरफ जहां NDA के घटक दलों में 'प्रेशर पॉलिटिक्स' चरम पर है. वहीं, दूसरी तरफ विपक्षी दल सपा और कांग्रेस बेरोजगारी, भर्तियों में पारदर्शिता और कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर सरकार को घेरने में लगे हैं. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने पिछले दिनों प्रयागराज में युवाओं से संवाद किया था. उन्होंने बेरोजगारी और भर्ती प्रक्रिया में होने वाली गड़बड़ी का मुद्दा उठाया था. यूपी में पेपर लीक भी बड़ा मुद्दा रहा है, जिसे विपक्ष भुनाना चाहेगा.