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प्रेमानंद महाराज के आश्रम में क्या चल रहा है? अब पुलिस करेगी जांच, बाहरी शिष्यों पर सवाल

Premanand Maharaj: प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी की मौत मामला अभी शांत नहीं हुआ है कि हिंदू संगठनों ने उनके बाहरी शिष्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़ा किया है.

Written By Amitesh Pandey
Published: Oct 08, 2026, 09:31 PM IST | Updated: Oct 08, 2026, 09:37 PM IST
Image Credit: Premanand Maharaj
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कन्हैया लाल शर्मा/मथुरा: वृंदावन ​में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्यों की जांच कराने की मांग उठी है. वृंदावन और सनातन संस्कृति की छवि को धूमिल होने से बचाने के लिए अखिल भारत हिंदू महासभा और श्री परशुराम शोभायात्रा समिति आगे आए हैं. दोनों समिति का एक प्रतिनिधिमंडल मथुरा एसपी श्लोक कुमार से मुलाकात की है. प्रतिनिधिमंडल ने प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़े बाहर शिष्यों की गतिविधियों की जांच की मांग की है.

एसपी श्लोक कुमार से मिला प्रति​निधिमंडल 
गुरुवार को अखिल भारत हिंदू महासभा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष पंडित संजय हरियाणा और श्री परशुराम शोभायात्रा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामगोपाल शर्मा पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार से मुलाकात की. प्रतिनिधिमंडल ने संत प्रेमानंद जी महाराज के आश्रम से जुड़े बाहरी शिष्यों की गतिविधियों, वित्तीय लेनदेन और आश्रम व्यवस्था की बिंदुवार निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करने की मांग की है.

बाहरी शिष्यों पर उठे गंभीर सवाल
प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार को सौंपे पत्र में आरोप लगाया कि वृंदावन में संत प्रेमानंद जी महाराज के केलि कुंज और नए आश्रम में व्यवस्थाएं संभाल रहे बाहरी शिष्यों द्वारा कई संदिग्ध कार्य किए जा रहे हैं. रामगोपाल शर्मा और पंडित संजय हरियाणा ने कहा कि आश्रम में रहने वाले शिष्यों और शिष्याओं का कोई आधिकारिक रजिस्टर मेंटेन नहीं किया जा रहा है और न ही उनके परिजनों को कोई सूचना दी जा रही है. इसके अतिरिक्त, खादर की गौचारण भूमि को बेचने, आम जनता और परिजनों के साथ शिष्यों द्वारा मारपीट करने तथा हाल ही में एक शिष्य की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु जैसे गंभीर मामलों में पुलिस प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की अपील की गई है.

प्रेमानंद महाराज के स्वास्थ्य सुरक्षा की जांच की मांग
नेताओं ने संत प्रेमानंद महाराज जी के नाम पर जुटाए जा रहे धन और गाड़ियों के काफिले पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब महाराज श्री स्वयं कोई दान स्वीकार नहीं करते, तो फिर शिष्यों द्वारा चंदा इकट्ठा करने और संपत्ति बनाने का वित्तीय स्रोत क्या है? इसकी गहन जांच होनी चाहिए. उन्होंने यह भी आशंका जताई कि गंभीर बीमारी से जूझ रहे महाराज श्री को भ्रमित कर भीड़भाड़ वाले इलाके में ले जाया गया है, जिससे उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा होता है.

पुलिस अधीक्षक ने दिया निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन
पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को ध्यानपूर्वक सुनने के बाद सभी बिंदुओं पर उचित और निष्पक्ष जांच कराकर सख्त वैधानिक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है. प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन पर भरोसा जताते हुए कहा कि मथुरा-वृंदावन की पवित्रता और छवि बनाए रखने के लिए न्यायोचित कार्रवाई आवश्यक है. इस दौरान अजय शर्मा, आशीष शर्मा, केके शर्मा, लब्बू पंडित, राज शर्मा, हरीश शर्मा और अभिषेक शर्मा समेत दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे. 

दिनेश फलाहारी महाराज ने प्रेमानंद से मांगी माफी
वहीं, कथावाचक दिनेश फलाहारी महाराज ने हाल ही में प्रख्यात संत प्रेमानंद महाराज जी के प्रति अपने बयानों पर खेद व्यक्त करते हुए उनसे सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है. दिनेश फलाहारी महाराज ने एक बयान जारी कर स्वीकार किया कि उनसे अनजाने में ऐसी बातें निकल गईं, जिनसे भक्तों की भावनाएं आहत हुईं. 
 

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About the Author

अमितेश कुमार पांडेय डिजिटल पत्रकार हैं और ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड (Zee UP-UK) की डिजिटल टीम में सीनियर सब-एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से ताल्लुक रखने वाले अमितेश को मीडिया जगत में 8 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है. वे उत्तर प्रदेश की हाइपर-लोकल खबरों, क्राइम, प्रशासनिक गतिविधियों, राजनीतिक उठापटक और खेल जगत के मुद्दों पर पैनी नजर रखते हैं. खबरों की गहराई, ग्राउंड रियलिटी और तथ्य-आधारित डिजिटल कवरेज के लिए वे जाने जाते हैं.अमितेश के पास डेस्क एडिटिंग के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों से ग्राउंड रिपोर्टिंग का भी व्यावहारिक अनुभव है. अमितेश ने उत्तर प्रदेश के तीन प्रमुख शहरों- लखनऊ, प्रयागराज और गाज़ियाबाद में जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग की है. स्थानीय प्रशासन, जनसमस्याओं और राजनीतिक हलचलों की बेहतर समझ उन्हें ज़मीनी वास्तविकताओं को सटीक रूप से प्रस्तुत करने में मदद करती है. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने भारत के लिडिंग हिंदी न्यूज़ पेपर अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान में काम करने का अनुभव है. अमितेश ने पत्रकारिता की पढ़ाई प्रयागराज से की है.अमितेश पांडेय से आप amitesh.pandey@india.com पर सीधे ईमेल कर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप अमितेश से एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर कनेक्ट कर सकते हैं.
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