हापुड़, अभिषेक माथुर: हापुड़ के कुचेसर रोड चौपला पर महात्मा गंगादास की स्मृति में हुए 54वें विशाल कुश्ती दंगल में देश भर से आए पहलवानों ने अपनी फुर्ती और दांव-पेच से ऐसा समां बांधा कि दर्शक दांतों तले उंगलियां दबाने को मजबूर हो गए. मैट पर उतरते ही जब पहलवानों ने ताल ठोकी, तो अखाड़े का कोना-कोना जोश से भर उठा.
हापुड़ के अखाड़े में काजल का जलवा
इस महादंगल में बेटियों ने भी साबित कर दिया कि कुश्ती की माटी में उनका दमखम किसी से रत्ती भर भी कम नहीं है. दंगल के सबसे बड़े महिला केसरी खिताबी मुकाबले में सोनीपत की पहलवान काजल ने ओलंपियन रितिका हुड्डा को अपने फुर्तीले दांव में फंसाकर चारों खाने चित कर दिया और महिला केसरी का खिताब अपने नाम कर लिया.
विक्की हुड्डा के सिर सजा पुरुष केसरी का ताज
वहीं पुरुष केसरी के महामुकाबले में विक्की हुड्डा ने दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम के पहलवान अनिरुद्ध को पटखनी देकर केसरी का ताज पहना. इस मौके पर पहुंचीं वर्ल्ड कप बॉक्सिंग की गोल्ड मेडलिस्ट नूपुर श्योरान ने कहा कि हर बेटी को आत्मरक्षा और मानसिक मजबूती के लिए खेलों में कदम रखना चाहिए.
युवाओं को प्रभारी मंत्री की सलाह
वहीं प्रदेश के प्रभारी मंत्री केपी मलिक ने युवाओं से मोबाइल की लत और नशे की गर्त से बाहर निकलकर अखाड़े में पसीना बहाने का आह्वान किया, जिससे शरीर तंदुरुस्त रहे और भविष्य भी संवरे. हापुड़ के इस महादंगल ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि कुश्ती सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि अनुशासन, जज्बे और माटी से जुड़ा एक ऐसा संस्कार है, जो युवाओं को सही दिशा देता है. काजल और विक्की हुड्डा की यह जीत एक प्रेरणा का स्रोत बनेगी.