ढाई साल का प्यार, सजा मंडप और भागा दूल्हा: संभल में कार की जिद ने उजाड़े दुल्हन के सारे अरमान
Sambhal Dowry Case: संभल में निकाह में कार की मांग पूरी नहीं होने पर दूल्हा बरात लेकर नहीं पहुंचा. नाराज दूल्हा घर से गायब हो गया. जिससे सजी-धजी दुल्हन इंतजार करती रही. दहेज में कार की मांग ने शादी की तैयारी पर पानी फेर दिया. हैरानी की बात यह है कि ढाई साल के प्रेम प्रसंग के चलते दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से दोनों का निकाह तय किया था. अब यह मामला थाने जा पहुंचा है.
Sambhal Dowry Case/ सुनील सिंह: आज समाज चाहे कितनी भी आधुनिकता की बातें कर ले, लेकिन दहेज का दानव आज भी कई हंसते-खेलते रिश्तों को निगल रहा है. उत्तर प्रदेश के संभल जिले से एक ऐसा ही हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां लंबे प्रेम प्रसंग के बाद तय हुआ रिश्ता ऐन मौके पर दहेज की भेंट चढ़ गया. कार की मांग पूरी न होने पर दूल्हा बारात लेकर नहीं पहुंचा और घर से गायब हो गया. इस घटना ने दोनों परिवारों की खुशियों और अरमानों पर पानी फेर दिया है.
ढाई साल से चल रहा था प्रेम प्रसंग
यह पूरा मामला संभल जिले के रायसत्ती थाना क्षेत्र के परियावली गांव का है. यहां एक युवक और युवती के बीच पिछले ढाई साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था. दोनों के परिवारों ने आपसी रजामंदी से इस रिश्ते को पवित्र बंधन में बांधने का फैसला किया और दोनों का निकाह तय हो गया. निकाह की तारीख नजदीक आते ही घर में जश्न का माहौल बन गया। शादी के कार्ड रिश्तेदारों तक पहुंच चुके थे, घर के आंगन में टेंट-मंडप सज चुका था, मेहमानों का तांता लग चुका था और दुल्हन के हाथों में मेहंदी भी रच चुकी थी. हर तरफ बस खुशियों की गूंज थी.
दूल्हा कार के लिए घर से गायब
लेकिन, कहते हैं ना कि लोभियों की भूख का कोई अंत नहीं होता. बारात आने से ठीक पहले दूल्हे पक्ष की ओर से अचानक दहेज में कार की डिमांड सामने आ गई. जब लड़की पक्ष ने यह मांग पूरी करने से इनकार किया, तो लालची दूल्हे ने अपनी असलियत दिखा दी. वह बारात लेकर आने से मुकर गया और अपना मोबाइल फोन बंद करके घर से फरार हो गया.
लड़की वालों की चौंकाने वाली जिद
तय समय पर सजी-धजी दुल्हन और उसके परिजन बारात का इंतजार करते रहे, लेकिन जब दूल्हा नहीं आया तो खुशियों का यह माहौल मातम में बदल गया. शादी की तैयारियों में पानी की तरह बहाया गया पैसा और अरमान एक झटके में बिखर गए. जब बात हाथ से निकल गई, तो बेबस परिवार न्याय की गुहार लगाने पुलिस के पास पहुंचा. संभल पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है. वहीं, लोग दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने का प्रयास कर रहे हैं. चौंकाने वाली बात यह है कि तमाम जिल्लत और धोखे के बावजूद लड़की पक्ष के लोग अभी भी उसी लड़के से निकाह की जिद पर अड़े हुए हैं.
यह घटना एक बार फिर समाज के माथे पर दहेज जैसी कुप्रथा का काला धब्बा उजागर करती है, जहां प्यार, विश्वास और सात फेरों जैसे पवित्र वादे चंद रुपयों और गाड़ियों की भेंट चढ़ जाते हैं. समाज को झकझोर देने वाली यह कहानी हर किसी को सोचने पर मजबूर कर रही है कि आखिर कब तक बेटियां इस दानव की बलि चढ़ती रहेंगी?