ग्रेटर नोएडा बस अग्निकांड: ‘जलने की बदबू आ रही थी’, यात्रियों ने चालक को चेताया; FIR में लापरवाही के गंभीर आरोप
Greater Noida bus accident: यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात राज कल्पना ट्रेवल्स की स्लीपर बस में हुए भीषण अग्निकांड में अब तक 9 यात्रियों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं. इस दर्दनाक हादसे में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
ग्रेटर नोएडा: यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात हुए भीषण बस अग्निकांड में अब तक नौ यात्रियों की मौत हो चुकी है, जबकि कई यात्री घायल हुए हैं. हादसे के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. एफआईआर में बस चालक और परिचालक पर यात्रियों की सुरक्षा के प्रति लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं.
‘जलने की बदबू आ रही थी, फिर भी बस नहीं रोकी’
पुलिस को दी गई एक यात्री की तहरीर के मुताबिक, बस के यमुना एक्सप्रेसवे पर किलोमीटर 33 के पास पहुंचने से पहले ही ड्राइवर केबिन की तरफ से जलने जैसी तेज बदबू आने लगी थी. यात्रियों ने चालक और परिचालक को इसकी जानकारी भी दी थी. आरोप है कि शिकायत के बावजूद चालक ने बस नहीं रोकी और बदबू को सामान्य बताते हुए कहा कि बस में ऐसी गंध आती रहती है. यात्रियों का दावा है कि अगर उसी समय बस रोककर जांच की जाती तो स्थिति को गंभीर होने से पहले संभाला जा सकता था.
चालक-परिचालक पर बीड़ी-सिगरेट पीने का भी आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि चालक और परिचालक अपने केबिन में बीड़ी-सिगरेट पी रहे थे. कुछ देर बाद ड्राइवर सीट के पास से अचानक आग की लपटें निकलने लगीं. आग देखकर यात्रियों में अफरातफरी मच गई और उन्होंने बस रोकने के लिए शोर मचाना शुरू कर दिया.
तहरीर में चालक और परिचालक के यात्रियों की बात को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया गया है. शिकायतकर्ता ने चालक के कथित तौर पर आपत्तिजनक बात कहने का भी आरोप लगाया है. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी.
आग और धुएं से मची चीख-पुकार
यात्री के मुताबिक, आग तेजी से बस के दूसरे हिस्सों में फैल गई. देखते ही देखते बस के अंदर धुआं भर गया. यात्रियों ने किसी तरह दरवाजे और खिड़कियों के रास्ते बाहर निकलने की कोशिश की. शिकायतकर्ता सुनील कुमार समेत कई यात्रियों ने किसी तरह बस से बाहर निकलकर जान बचाई, लेकिन कई यात्री आग और धुएं के बीच अंदर फंस गए. हादसे में नौ लोगों की मौत हो गई.
बस पर 155000 का था चालान
बस मध्य प्रदेश के छतरपुर की है.बस का मालिक वहीं का रहने वाला है ,चालक का नाम पवन और परिचालक का नाम योगेश है. बस पर 155000 का चालान था.
पुलिस जांच में जुटी
घटना के बाद घायलों को कैलाश अस्पताल, जेवर समेत अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया. पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है. अब पुलिस बस में आग लगने की वजह, चालक और परिचालक की भूमिका, बस की तकनीकी स्थिति और यात्रियों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है. पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यात्रियों की ओर से कथित तौर पर पहले दी गई चेतावनी के बाद बस को क्यों नहीं रोका गया.