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नागेन्द्र मणि त्रिपाठी/गोरखपुर: गोरखपुर में दुर्गा पूजा के दौरान पंचामृत बनाने में इस्तेमाल किए गए दूध को लेकर रेबीज संक्रमण की आशंका से हड़कंप मच गया. गोला क्षेत्र के डाड़ी गांव में एक गाय की तबीयत बिगड़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया. पंचामृत और दूध के संपर्क में आए लोगों की सुरक्षा को देखते हुए टीकाकरण अभियान चलाया गया. बुधवार शाम तक करीब 400 लोगों को एंटी-रेबीज वैक्सीन लगाई गई. भीड़ बढ़ने पर स्वास्थ्य विभाग को अतिरिक्त वैक्सीन की व्यवस्था करनी पड़ी. हालांकि, गाय में रेबीज की पुष्टि हुई थी या नहीं, इसकी आधिकारिक जानकारी स्पष्ट होना जरूरी है.
गोरखपुर के गोला क्षेत्र के डाड़ी गांव में दुर्गा पूजा के आयोजन के दौरान पंचामृत बनाने के लिए इस्तेमाल किए गए दूध को लेकर रेबीज की आशंका जताई गई. बताया जा रहा है कि जिस गाय का दूध इस्तेमाल हुआ था, उसकी तबीयत बिगड़ गई थी. लक्षणों के आधार पर रेबीज की आशंका सामने आने के बाद ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई. मामला सामने आने के बाद पंचामृत और दूध के संपर्क में आए लोगों को एहतियातन एंटी-रेबीज वैक्सीन लगाई गई.
जानकारी के मुताबिक, गाय का दूध कुछ चाय की दुकानों तक भी पहुंचा था. इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित लोगों तक पहुंचकर टीकाकरण अभियान चलाया और अब तक तक लगभग 400 से अधिक लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है. टीकाकरण केंद्र पर लोगों की भीड़ बढ़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अतिरिक्त वैक्सीन की व्यवस्था की, ताकि जरूरतमंद लोगों को समय पर टीका लगाया जा सके.
फार्मासिस्ट सिद्धार्थ सिंह के नेतृत्व में पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम में सीएचओ राजेश यादव के साथ फार्मासिस्ट शामिल रहे. टीम ने लोगों को टीका लगाने के साथ ही रेबीज से बचाव और जरूरी सावधानियों की जानकारी भी दी.फिलहाल इस मामले में गाय में रेबीज की आधिकारिक पुष्टि और दूध के सेवन से संक्रमण के वास्तविक जोखिम की स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है. स्वास्थ्य विभाग की सलाह के अनुसार, संबंधित लोगों को आगे की चिकित्सा संबंधी कार्रवाई करनी चाहिए.