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गोरखपुर में CISF जवान की हत्या: कालेसर जीरो प्वाइंट के पास मिली लाश, छुट्टी पर घर आ रहे थे परमबीर

Gorakhpur News: गोरखपुर में कालेसर जीरो प्वाइंट पर सीआईएसएफ जवान की लाश मिलने के बाद हड़कंप मच गया. पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच में जुट गई है.

Written By Amitesh Pandey
Published: Oct 07, 2026, 10:21 PM IST | Updated: Oct 07, 2026, 10:26 PM IST
Image Credit: Gorakhpur Police
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नागेन्द्र मणि त्रिपाठी/गोरखपुर: गोरखपुर में CISF जवान की मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. गीडा थाना क्षेत्र में बांध किनारे मृत मिले CISF जवान की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सिर पर चोट के निशान मिले हैं. रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने अब हत्या के एंगल से जांच तेज कर दी है.

4 अक्टूबर को अचेत मिले थे 
धनबाद में तैनात CISF जवान परमबीर यादव छुट्टी लेकर अपने गांव लौट रहे थे. 4 अक्टूबर की देर रात कालेसर जीरो प्वाइंट के पास बोक्टा-बरवार बांध के किनारे वह अचेत अवस्था में मिले थे. पुलिस उन्हें अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. परिजनों की तहरीर पर गीडा पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जवान के साथ रास्ते में क्या हुआ और वारदात में कौन लोग शामिल थे.

धनबाद में सीआईएसएफ में तैनात थे 
परमबीर यादव बाघागाड़ा गांव के रहने वाले थे और धनबाद में CISF में तैनात थे. परिजनों के मुताबिक, छुट्टी लेकर वह गांव लौट रहे थे. ट्रेन छूट जाने के बाद उन्होंने किराये की गाड़ी से घर आने का फैसला किया था. रात करीब 12 बजे बांध के किनारे उनके अचेत पड़े होने की सूचना पुलिस को मिली. पुलिस ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। जेब से मिले CISF पहचान पत्र के जरिए उनकी पहचान हुई.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर चोट
मामले में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद जांच की दिशा बदल गई है. रिपोर्ट में सिर पर चोट के निशान मिले हैं और सिर में चोट लगने से मौत की पुष्टि हुई है. इसके बाद पुलिस ने हत्या के मुकदमे की जांच तेज कर दी है. मृतक के पिता दिनेश चंद्र यादव की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा परमबीर के भाई धर्मबीर के मुताबिक, देर रात परिवार के लोग लगातार उनके मोबाइल पर फोन कर रहे थे, लेकिन कोई जवाब नहीं मिल रहा था. काफी देर बाद एक पुलिसकर्मी ने फोन रिसीव कर परिवार को घटना की जानकारी दी. इसके बाद धर्मबीर मौके पर पहुंचे और फिर परिजन अस्पताल गए.

गांव निकलने से पहले पत्नी से हुई थी बात 
परमबीर की पत्नी प्रतिमा यादव ने बताया कि गांव निकलने से पहले पति ने फोन कर घर आने की जानकारी दी थी. उन्होंने बेटी रिया से भी बात करने की इच्छा जताई थी, लेकिन उस वक्त बेटी सो रही थी. पत्नी के मुताबिक, इसके बाद उन्होंने कई बार पति को फोन किया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ. अब पुलिस उस किराये की गाड़ी की जानकारी जुटा रही है, जिससे परमबीर धनबाद से गोरखपुर आए थे. गाड़ी में जवान के साथ और कौन लोग मौजूद थे, गाड़ी रास्ते में कहां-कहां रुकी और कालेसर तक कैसे पहुंची—इन सभी सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं.

सीसीटीवी कैमरों की जांच की जाएगी 
पुलिस कालेसर और आसपास के टोल प्लाजा पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगालेगी. पुलिस को उम्मीद है कि CCTV और दूसरे साक्ष्यों से जवान की मौत की पूरी कड़ी सामने आ सकती है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में चोट लगने से मौत की पुष्टि हुई है। अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. पुलिस टीम घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों और मृतक के संपर्क में रहे लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है. उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई
CISF जवान का शव तिरंगे में लिपटकर गांव पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया. पत्नी समेत परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा. इसके बाद पुलिस और CISF जवानों की मौजूदगी में परमबीर यादव का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. पिता दिनेश चंद्र यादव ने मुखाग्नि दी. अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल है कि CISF जवान के सिर पर चोट कैसे लगी, वारदात किसने की और जवान को बांध किनारे किसने पहुंचाया. 

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About the Author

अमितेश कुमार पांडेय डिजिटल पत्रकार हैं और ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड (Zee UP-UK) की डिजिटल टीम में सीनियर सब-एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से ताल्लुक रखने वाले अमितेश को मीडिया जगत में 8 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है. वे उत्तर प्रदेश की हाइपर-लोकल खबरों, क्राइम, प्रशासनिक गतिविधियों, राजनीतिक उठापटक और खेल जगत के मुद्दों पर पैनी नजर रखते हैं. खबरों की गहराई, ग्राउंड रियलिटी और तथ्य-आधारित डिजिटल कवरेज के लिए वे जाने जाते हैं.अमितेश के पास डेस्क एडिटिंग के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों से ग्राउंड रिपोर्टिंग का भी व्यावहारिक अनुभव है. अमितेश ने उत्तर प्रदेश के तीन प्रमुख शहरों- लखनऊ, प्रयागराज और गाज़ियाबाद में जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग की है. स्थानीय प्रशासन, जनसमस्याओं और राजनीतिक हलचलों की बेहतर समझ उन्हें ज़मीनी वास्तविकताओं को सटीक रूप से प्रस्तुत करने में मदद करती है. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने भारत के लिडिंग हिंदी न्यूज़ पेपर अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान में काम करने का अनुभव है. अमितेश ने पत्रकारिता की पढ़ाई प्रयागराज से की है.अमितेश पांडेय से आप amitesh.pandey@india.com पर सीधे ईमेल कर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप अमितेश से एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर कनेक्ट कर सकते हैं.
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