6 साल बाद मिला इंसाफ! गोंडा में तीन सगी बहनों पर तेजाब फेंकने वाले को उम्रकैद, 2 लाख का जुर्माना
गोंडा जिले की विशेष अदालत (एससी/एसटी एक्ट) ने तीन सगी बहनों पर तेजाब फेंकने के सनसनीखेज मामले में दोषी 24 वर्षीय युवक को 6 साल बाद कल 30 अक्टूबर को देर शाम 5 बजे के करीब आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.
अतुल कुमार यादव/गोंडा: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले की विशेष अदालत (एससी/एसटी एक्ट) ने लगभग 6 साल पुराने बहुचर्चित तेजाब कांड में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. अदालत ने तीन सगी बहनों पर सोते समय तेजाब फेंकने के दोषी 24 साल के युवक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. विशेष न्यायाधीश आलोक शर्मा की अदालत ने दोषी पर 2 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है, और जुर्माना न भरने पर दो साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी.
एकतरफा प्यार और शादी तय होने पर दिया था खौफनाक वारदात को अंजाम
विशेष लोक अभियोजक कृष्ण प्रताप सिंह के अनुसार, घटना 12-13 अक्टूबर 2020 की रात की है. परसपुर थाना क्षेत्र के पसका गांव निवासी गुरई ने अज्ञात हमलावर के खिलाफ मामला दर्ज कराया था. तहरीर के मुताबिक रात में छत पर सो रही उनकी तीन बेटियों खुशबू, कोमल और आंचल पर किसी ने तेजाब उड़ेल दिया था. इस हमले में तीनों बहनें गंभीर रूप से झुलस गई थीं. हमले में सबसे बड़ी बेटी खुशबू का चेहरा बुरी तरह खराब हो गया और उसकी एक आंख की रोशनी चली गई.
पुलिस मुठभेड़ में पकड़ा गया था आरोपी
पुलिस विवेचना के दौरान गांव के ही निवासी आशीष जायसवाल की संलिप्तता सामने आई. पुलिस मुठभेड़ में 14 अक्टूबर 2020 को ही पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था. जांच में पता चला था कि आरोपी खुशबू से एकतरफा प्रेम करता था और युवती का विवाह कहीं और तय हो जाने से आक्रोशित होकर उसने इस वारदात को अंजाम दिया था. सत्र परीक्षण के दौरान विशेष न्यायाधीश आलोक शर्मा ने अभियोजन और बचाव पक्ष के गवाहों के बयान, पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों और वकीलों की दलीलों पर विचार करते हुए आशीष जायसवाल को दोषी करार दिया.
अदालत का कड़ा रुख: पीड़ित बहनों को मिलेगा पूरा मुआवजा
कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास और दो लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई. जुर्माना नहीं भरने की स्थिति में दोषी को दो साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा. अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि जुर्माने की पूरी राशि बीएनएसएस की धारा 395 के तहत पीड़ित बहनों को मुआवजे (प्रतिकर) के तौर पर प्रदान की जाए.