दिव्या मित्तल की मीरजापुर वापसी के क्या हैं मायने? विंध्याचल में जोरदार स्वागत से सियासी हलचल
Former IAS Divya Mittal: सियासी एंट्री मारने के बाद पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल पहली बार मीरजापुर पहुंचीं. समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया.
राजेश मिश्र/मीरजापुर: मीरजापुर की पूर्व जिलाधिकारी दिव्या मित्तल रविवार को मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन के लिए विंध्याचल धाम पहुंचीं. उनके आगमन पर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला. जगह-जगह लोगों ने माला पहनाकर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. बड़ी संख्या में लोग उनके स्वागत के लिए पहुंचे और उनसे मुलाकात कर अपना लगाव जताया. दिव्या मित्तल ने कलश स्थापना किया. नवरात्र में वह विंध्याचल में ही रुकेगी.
प्रथम आगमन पर जोरदार स्वागत
पूर्व जिलाधिकारी का जिले में राजनैतिक क्षेत्र में आने की घोषणा के बाद प्रथम आगमन पर लोगों ने जोरदार स्वागत किया. सितंबर 2022 से सितंबर 2023 तक जिले की कमान संभालने वाली दिव्या मित्तल ने अपने कार्यकाल के दौरान कुछ ऐसे कार्य किए, जिनकी चर्चा जिले से बाहर तक हुई. खासकर दूरस्थ पहाड़ी गांव लहुरियादह में पेयजल पहुंचाने की पहल ने उन्हें व्यापक पहचान दिलाई.
लहुरियादह गांव में पहुंचा था पानी
दिव्या मित्तल के कार्यकाल की सबसे चर्चित पहलों में लहुरियादह गांव तक पाइपलाइन से पेयजल पहुंचाना शामिल रहा. गांव के लोग लंबे समय से पेयजल संकट का सामना कर रहे थे और पानी के लिए टैंकरों सहित दूसरे साधनों पर निर्भर थे. कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण गांव तक पानी पहुंचाना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती थी. इस समस्या के समाधान के लिए दिव्या मित्तल ने संबंधित विभागों और विशेषज्ञों के साथ समन्वय कर प्रयास किए.
2023 में बस्ती हो गया था तबादला
आखिरकार अगस्त 2023 में गांव में पाइपलाइन से पानी पहुंचा. इस पहल के बाद ग्रामीणों में खुशी देखने को मिली और तत्कालीन जिलाधिकारी के प्रयासों की काफी चर्चा हुई. लहुरियादह गांव की यह कहानी उनके कार्यकाल की पहचान बन गई. जिले में लगभग एक साल तक जिलाधिकारी रहने के बाद सितंबर 2023 में दिव्या मित्तल का तबादला बस्ती कर दिया गया था. उनके स्थानांतरण की खबर के बाद जिले में उनके कार्यकाल और खासकर लहुरियादह में पेयजल उपलब्ध कराने के प्रयासों को लेकर काफी चर्चा हुई. ग्रामीणों और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रियाओं ने भी इस बात को सामने रखा कि जिले में उनके काम को याद किया जा रहा था.
विंध्याचल पहुंचने पर लोगों ने किया स्वागत
अब मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन के लिए विंध्याचल पहुंचीं पूर्व जिलाधिकारी दिव्या मित्तल का लोगों ने गर्मजोशी से स्वागत किया. जगह-जगह माला पहनाकर उनका अभिनंदन किया गया. उनके आगमन पर लोगों का उत्साह यह दिखाता है कि उनके मीरजापुर कार्यकाल से जुड़ी यादें अब भी चर्चा में हैं. दिव्या मित्तल का यह दौरा धार्मिक आस्था से जुड़ा रहा. मां विंध्यवासिनी के दरबार में दर्शन-पूजन के साथ उनके आगमन ने मीरजापुर में उनके पुराने कार्यकाल की यादों को भी फिर से चर्चा में ला दिया.
कहां से लड़ सकती हैं चुनाव?
सियासी जानकारों का कहना है कि दिव्या मित्तल मीरजापुर से चुनाव लड़ सकती हैं. हालांकि, कुछ लोगों का ये भी मानना है कि वह बलिया की मुफीद विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतर सकती हैं. ऐसे में अगर पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल सक्रिय राजनीति में उतरती हैं तो मीरजापुर की चुनावी लड़ाई का समीकरण काफी दिलचस्प होगा. मीरजापुर सीट की बात करें तो पिछले दो बार से यहां बीजेपी का कब्जा है. रत्नाकर मिश्रा यहां से विधायक हैं. इससे पहले 2002 से 2012 तक यह सीट सपा के खाते में थी.