App

फतेहगढ़ कलेक्ट्रेट पर हाई-वोल्टेज ड्रामा: मुख्य चुनाव आयुक्त के पुतले को लेकर पुलिस और कांग्रेसियों में छीना-झपटी

Farrukhabad Congress Protest: फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ कलेक्ट्रेट के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया. यह प्रदर्शन कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी के नेतृत्व में हुआ, जिसमें पूर्व विधायक लुईस खुर्शीद, जिलाध्यक्ष अर्चना राठौर, नगर अध्यक्ष एडवोकेट अंकुर मिश्रा समेत सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए. इस दौरान पुलिस और कांग्रेस पदाधिकारियों के बीच सड़क पर काफी देर तक पुतले को लेकर खींचतान और धक्का-मुक्की होती रही.

फतेहगढ़ कलेक्ट्रेट पर हाई-वोल्टेज ड्रामा: मुख्य चुनाव आयुक्त के पुतले को लेकर पुलिस और कांग्रेसियों में छीना-झपटी

Farrukhabad Congress Protest/ अमर साइमन: उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ कलेक्ट्रेट परिसर अचानक राजनीतिक संग्राम का अखाड़ा बन गया. भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ विरोध जताने पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय पुलिस के बीच सड़क पर ही हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला. 

हाथों में तख्तियां, सिर पर काली पट्टी और जुबान पर तीखे नारों के साथ उतरी कांग्रेस का यह विरोध प्रदर्शन कुछ ही देर में पुलिस के साथ छीना-झपटी और नोकझोंक में बदल गया. जिसका वीडियो भी सामने आया है.

सिर पर काली पट्टी बांध सड़कों पर उतरे कांग्रेसी
कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचे सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. प्रदर्शन में शामिल पूर्व विधायक लुईस खुर्शीद, जिलाध्यक्ष अर्चना राठौर और नगर अध्यक्ष एडवोकेट अंकुर मिश्रा समेत तमाम बड़े चेहरों के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर तीखे नारे लिखे हुए थे. सिर पर बंधी काली पट्टी चुनाव प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों और विरोध के कड़े तेवरों को साफ बयान कर रही थी.

सड़क पर हुई जोरदार धक्का-मुक्की
प्रदर्शन का सबसे नाटकीय मोड़ तब आया, जब कांग्रेसी कार्यकर्ता मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंकने के लिए आगे बढ़े. तभी पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए जिलाध्यक्ष अर्चना राठौर के हाथों से पुतला छीनने का प्रयास किया. देखते ही देखते नगर अध्यक्ष अंकुर मिश्रा और अन्य कार्यकर्ता पुतले को बचाने के लिए आगे कूद पड़े. इसके बाद सड़क के बीचों-बीच पुलिसकर्मियों और कांग्रेस पदाधिकारियों के बीच पुतले को अपने कब्जे में लेने के लिए जबरदस्त खींचतान शुरू हो गई.

काफी देर तक चली इस धक्का-मुक्की और तीखी बहस के बाद आखिरकार पुलिस बल पुतला दहन रोकने में कामयाब रहा और पुतले को अपने कब्जे में ले लिया.

संविधान और कानून से चलेगा देश
पुतला दहन भले ही नाकाम रहा, लेकिन कांग्रेस नेताओं के तेवर ढीले नहीं पड़े. प्रदर्शन को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी ने कहा कि यह देश किसी की तानाशाही से नहीं, बल्कि संविधान और कानून की मर्यादाओं से चलेगा. चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने दोषियों पर तत्काल मुकदमा दर्ज कर उन्हें सलाखों के पीछे भेजने की मांग की है.

कलेक्ट्रेट के बाहर हुआ यह प्रदर्शन लोकतंत्र और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर कांग्रेस के आक्रामक रुख को बयां करता है. हालांकि पुलिस पुतला दहन रोकने और स्थिति को नियंत्रण में लेने में पूरी तरह कामयाब रही, लेकिन सड़क पर हुई तीखी नोकझोंक और छीना-झपटी ने कलेक्ट्रेट परिसर का माहौल काफी देर तक गरमाए रखा. कांग्रेस का यह सख्त संदेश साफ है कि आने वाले दिनों में चुनाव आयोग के खिलाफ यह सियासी जंग और तेज होने वाली है.

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

Pooja Singh

Pooja Singh

पूजा सिंह डिजिटल पत्रकार हैं और ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड (Zee UP-UK) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली से ताल्लुक रखने वाली पूजा को मीडिया जगत में 5 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है. वे उत्तर प्रदेश की हाइपर-लोकल खबरों, क्राइम, प्रशासनिक गतिविधियों, राजनीतिक उठापटक और खेल जगत के मुद्दों पर पैनी नजर रखते हैं. खबरों की गहराई, ग्राउंड रियलिटी और तथ्य-आधारित डिजिटल कवरेज के लिए वे जाने जाते हैं.पूजा के पास डेस्क एडिटिंग का व्यावहारिक अनुभव है.  स्थानीय प्रशासन, जनसमस्याओं और राजनीतिक हलचलों की बेहतर समझ उन्हें ज़मीनी वास्तविकताओं को सटीक रूप से प्रस्तुत करने में मदद करती है. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने भारत के लिडिंग हिंदी न्यूज़ चैनल टीवी 9 डिजिटल और न्यूज नेशन में काम करने का अनुभव है. पूजा ने भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है.पूजा सिंह से आप pooja.singh@india.com पर सीधे ईमेल कर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप पूजा से एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर कनेक्ट कर सकते हैं.
Read More