महराजगंज में नशीली दवाओं पर बड़ा एक्शन! 7 मेडिकल स्टोरों पर एक साथ छापा, 4 दवाओं के सैंपल सील
Maharajganj News: महराजगंज में नकली और नशीली दवाओं के नेटवर्क पर प्रशासन ने शिकंजा कस दिया है. ड्रग विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में एक साथ 7 मेडिकल स्टोरों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की. अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के मुताबिक, लैब रिपोर्ट आते ही फर्जीवाड़ा और नकली दवाएं बेचने वालों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
महराजगंज/अमित त्रिपाठी: महराजगंज जिले में नशीली दवाओं के अवैध भंडारण, संदिग्ध दवाओं की बिक्री और बिलिंग में धांधली की शिकायतों पर ड्रग विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ा एक्शन लिया है. टीम ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में स्थित सात मेडिकल स्टोरों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की. इस अचानक हुई प्रशासनिक कार्रवाई से पूरे जिले के मेडिकल स्टोर संचालकों में हड़कंप मच गया.
स्टॉक रजिस्टर खंगाले, 4 संदिग्ध दवाओं के सैंपल लैब भेजे
संयुक्त टीम ने होलसेल और फुटकर मेडिकल दुकानों पर पहुंचकर दवाओं के स्टॉक का मिलान खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड से किया. जांच के दौरान फार्मेसी संचालन के नियमों, कोल्ड चेन व्यवस्था और लाइसेंस की गहनता से पड़ताल की गई. टीम ने मौके से बिक्री बिल, स्टॉक रजिस्टर और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए हैं.
अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) का बयान
मामले की जानकारी देते हुए पुलिस प्रशासन ने साफ किया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ ने बताया कि विभिन्न थाना क्षेत्र के होलसेल और फुटकर मेडिकल की दुकानों पर आकस्मिक जांच की गई. चेकिंग के दौरान उनके भंडारण लाइसेंस और कोल्ड चैन की व्यवस्था फार्मासिस्ट की व्यवस्था तथा खरीद और विक्री के रिकॉर्ड चेक किए गए. कुछ औषधि के सैंपल संदिग्ध पाए जाने के बाद चार सैंपल लिए गए हैं जिन्हें सील कर गवर्नमेंट लैबोरेट्री के लिए भेजा गया है. रिपोर्ट आने के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि बिना वैध बिल, अमानक गुणवत्ता या नशीली दवाओं का अवैध भंडारण करने वाले दवा विक्रेताओं के लाइसेंस रद्द किए जाएंगे और लैब रिपोर्ट में गड़बड़ी मिलते ही दोषियों पर कड़ी कानूनी धाराओं के तहत केस दर्ज कर जेल भेजा जाएगा. पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने साफ किया है कि जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वाले किसी भी मेडिकल स्टोर संचालक को बख्शा नहीं जाएगा और लैब रिपोर्ट के आधार पर मुकदमे दर्ज किए जाएंगे.
जागरूक रहें: नकली दवाओं से बचने के उपाय
हमेशा रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट और प्रामाणिक मेडिकल स्टोर से ही दवाएं लें. बिना बिल के दवा कभी न खरीदें. बिल पर बैच नंबर और एक्सपायरी डेट दर्ज होनी चाहिए. दवा की सील, स्पेलिंग (जैसे प्रिंटिंग में गलती), क्यूआर कोड (QR Code/Track & Trace System) और बारकोड की बारीकी से जांच करें. यदि दवा लेने के बाद भी बीमारी में कोई सुधार न हो या अचानक कोई अजीब साइड-इफेक्ट दिखे, तो तुरंत डॉक्टर को सूचित करें और ड्रग विभाग में शिकायत दर्ज कराएं.