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दिवाली को एकदम शांतिपूर्ण, सुरक्षित और बिना किसी टेंशन के मनाने के लिए यूपी पुलिस ने हाई-लेवल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की है. बैठक की अध्यक्षता पुलिस महानिदेशक (DGP) यूपी-112 बिनोद कुमार सिंह ने की. वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए प्रदेश के सभी जनपदों के 112 नोडल अधिकारियों को जोड़ा गया. इसका मकसद यह था कि त्योहार के दौरान किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए इमरजेंसी सर्विसेज एकदम रॉकेट की स्पीड से काम करें. जनता को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.
दिवाली पर भीड़भाड़ वाली जगहों, बाजारों और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कैसी हो, इस पर इस मीटिंग में सबसे ज्यादा फोकस किया गया. 28 अक्टूबर 2026 को जो दीपावली एडवाइजरी भेजी गई थी, उसके आधार पर पास्ट इयर की घटनाओं और इवेंट्स का पूरा कच्चा-चिट्ठा खंगाला गया. इसके बाद तय किया गया कि हर थाना क्षेत्र में खास हॉटस्पॉट की पहचान की जाए. संवेदनशील मार्गों पर यूपी-112 की पीआरवी गाड़ियों की गश्त बढ़ाई जाएगी. साथ ही सभी जिलों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे अपना रिवाइज्ड रूट चार्ट 5 नवंबर 2026 तक हर हाल में मुख्यालय को भेज दें. जिससे किसी भी इमरजेंसी में मूवमेंट एकदम सुपरफास्ट हो सके.
मीटिंग में साफ निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी जिले में स्टाफ की कमी या किसी भी तकनीकी खराबी यानी ब्रेकडाउन की वजह से कोई भी पीआरवी वाहन नॉन-ऑपरेशनल नहीं रहना चाहिए. इसका सीधा सा मतलब यह है कि दीपावली की रात या उसके आसपास जब भी आपको मदद की जरूरत होगी, तो यूपी-112 की गाड़ियां शत-प्रतिशत सड़कों पर मुस्तैद मिलेंगी.
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि आरओआईपी पर तैनात सभी कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर सौ फीसदी मौजूद रहें. इवेंट मॉनिटरिंग को और ज्यादा प्रभावी बनाया जाएगा ताकि शहर के किस कोने में क्या हलचल हो रही है, इसकी लाइव अपडेट कंट्रोल रूम तक तुरंत पहुंचे. इसके अलावा पीआरवी पर तैनात जवानों की रेगुलर ब्रीफिंग और चेकिंग के भी निर्देश दिए गए हैं ताकि टीम पूरी तरह फोकस्ड और एक्टिव रहे.
पिछले साल 16 अक्टूबर को जो संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया यानी SOP जारी की गई थी, उसे अब और भी ज्यादा कड़ाई से फॉलो करने को कहा गया है. डीजी ने सभी जिला अधिकारियों से कहा कि वे नियमों में कोई ढिलाई न बरतें. एक छोटी सी लापरवाही भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है. एसओपी का हर एक पॉइंट सख्ती से लागू होना चाहिए.
पुलिस महानिदेशक ने सभी जनपदों के नोडल अधिकारियों की दिक्कतों और समस्याओं को बहुत ध्यान से सुना. उनकी फील्ड लेवल की प्रॉब्लम्स को समझते हुए डीजी साहब ने उनके तुरंत समाधान का भरोसा भी दिया. इससे पूरी टीम का मोरल काफी हाई हुआ है और सभी ऑफिसर्स ने कहा है कि वे इस त्योहार पर जनता को बिल्कुल निर्बाध और तेज इमरजेंसी सेवाएं मुहैया कराएंगे.