'सत्ता हासिल करने के लिए रची जा रही साजिश'...दिल्ली प्रदर्शन के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का विपक्ष पर बड़ा राजनीतिक प्रहार
Rajnath singh press conference in lucknow: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दिल्ली में हालिया घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर निशाना साधा है. लखनऊ स्थित प्रदेश भाजपा मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि दिल्ली में पिछले दिनों हुए घटनाक्रम कई गंभीर सवाल खड़े करते हैं.
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक उच्चस्तरीय प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने देश की वर्तमान राजनीतिक स्थिति, हालिया दिल्ली के घटनाक्रम और विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस पार्टी पर तीखे राजनीतिक प्रहार किए. रक्षा मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दिल्ली में हाल के दिनों में जो कुछ भी हुआ है, वह देश की आंतरिक सुरक्षा और व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े करता है.
"नौजवानों को अराजकता की तरफ ले जाने की कोशिश"
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए देश के युवाओं को भड़का रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों की यह सोची-समझी रणनीति है कि वे देश के नौजवानों को विकास के रास्ते से हटाकर अराजकता की तरफ धकेलें.
देश में सत्ता हासिल करने की साजिश
विपक्ष पर हमला बोलते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि, ऐसा प्रतीत होता है कि कांग्रेस और उनके राजनीतिक सहयोगी प्रत्यक्ष रूप से और अपने समर्थित संगठनों के माध्यम से युवाओं की ऊर्जा को रचनातत्मक कार्यों और राष्ट्र निर्माण में लगाने की जगह राजनीतिक टकराव और अराजकता को फैलाने की कोशिश की जा रही है, एक पीसी में वो खुलकर कहते हैं कि बांग्लादेश की तरह रिजम क्षेत्र कराना चाहते हैं. वहीं, दूसरा गुट डंके की चोट पर सरकार को गिराने की बात करता है. यह स्पष्ट है एक मात्र एजेंडा लोकतांत्रिक संस्थाओं को ध्वस्त करना है. इससे साफ है कि यह उनकी लड़ाई चुनाव सुधार और एसआईआर के लिए नहीं, ज्ञानेश कुमार के लिए नहीं, देश के युवाओं के उज्ज्वल भषिष्य के लिए नहीं बल्कि देश में सत्ता हासिल करने की साजिश है. राजनाथ सिंह ने कहा कि तथ्यों और तर्कों की जगह दुराग्रहों और दुष्प्रचार का शिकार हो जाता है.
"विपक्ष का एकमात्र एजेंडा देश में आग लगाना"
रक्षा मंत्री ने कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर देश की शांति और स्थिरता को भंग करने का बड़ा आरोप लगाया. उन्होंने कहा, "दिल्ली में जो पिछले दिनों घटनाक्रम हुए, वे कई गंभीर सवाल खड़े करते हैं. कांग्रेस और उनके सहयोगी देश के नौजवानों को अराजकता की तरफ ले जाने की कोशिश कर रहे हैं. इनका एकमात्र एजेंडा देश में आग लगाने का है।"
राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि केवल और केवल सत्ता हासिल करने के लालच में इस प्रकार की साजिशें रची जा रही हैं, जिन्हें देश की जनता भली-भांति समझ रही है और इसका लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दे रही है. रक्षा मंत्री के इस तीखे बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है. अभी तक किसी भी दल की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
राहुल गांधी को आत्ममंथन की आवश्यकता
कानून व्यवस्था को बनाये रखने के लिए कानून का सम्मान करना भी आवश्यक है. राहुल गांधी को सुझाव अपनी राजनीतिक भूमिका पर मंथन करना चाहिए.राहुल गांधी संविधान को जेब मे रख कर अराजकता फैलाने का काम कर रहे हैं.राहुल गांधी को जनमत का सम्मान करते हुए आत्ममंथन की आवश्यकता है.भारत के भविष्य की जिम्मेदारी सबकी है. हमें टकराव नही राष्ट्र निर्माण का मार्ग चुनना है. 1975 मे इमरजेंसी 1984 मे सिख दंगा, 1990 मे कारसेवकों का खून बहाने वालों को बचाना कांग्रेस के तीन सबसे अक्षम्य अपराध हैं.
इंदिरा जी ने लोकतंत्र को सलाखों के पीछे डालने का काम किया
कांग्रेस ने चुनाव आयोग को कठपुतली बना रखा था. 1993 में चुनाव आयोग में रातोंरात दो चुनाव आयुक्त नियुक्त किए. राष्ट्रपति को पत्र लिखकर नवीन चावला को पद हटाने के लिए तत्कालीन मुख्य चुनाव आयुक्त ने पत्र लिखा था. कांग्रेस ने नेहरू गांधी परिवार के करीबी नवीन चावला को देश का चीफ इलेक्शन कमिश्नर बनाया. 1993 से वोटर आईडी कार्ड होता ही नहीं था. जबसे वोटर आईडी कार्ड आया तब से कांग्रेस ने अपने देश में सरकार बनाई ही नहीं. यूपी में आखिरी बार 1985 के बाद विजय हासिल नहीं हुई. 1984 के बाद देश में कांग्रेस की सरकार नहीं आईं है. राहुल गांधी बताएं ये वोट चोरी है या कामचोरी...
राहुल गांधी का हाइड्रोजन बम दिवाली का पटाखा निकला
किसी प्रत्याशी की मृत्यु के बाद सिर्फ उस सीट का चुनाव स्थगित होता है लेकिन कांग्रेस ने राजीव गांधी की मृत्यु के बाद एक सीट के लिए पूरे देश में चुनाव करवा दिया था. आज भारत डिजिटल ट्रांजेक्शन मामले में दुनिया का नंबर 1 देश बना है. भारत अंतरिक्ष में झंडे गाड़ रहा है. प्रधानमंत्री को 35 देशों का सम्मान प्राप्त हुआ. उन्होंने कहा कि विपक्ष प्रधानमंत्री को बदनाम कर रहा है. रक्षा क्षेत्र में देश ने बड़े आयाम गढ़े है.
दिल्ली में जो हो रहा है वो भारत की अर्थव्यवस्था को पटरी से उतारने का एक निंदनीय अपराध है.ये कांग्रेस के नैतिक मूल्यों की पराकाष्ठा है. कांग्रेस गांधी नाम प्रयोग करने का अधिकार खो चुकी है.
यह भी पढ़ें- 'साइकिल का टायर ही नहीं, रिम-फ्रेम सब टेढ़ा होने वाला है': 2027 से पहले राजभर ने अखिलेश को घेरा!