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विवेक तिवारी हत्याकांड में सजा का ऐलान: सिपाही प्रशांत चौधरी को 10 साल की जेल, कोर्ट का बड़ा फैसला

Vivek Tiwari Murder Case: 8 साल पहले लखनऊ के गोमती नगर विस्तार में एप्पल के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.

Written By Amitesh Pandey
Published: Sep 21, 2026, 04:01 PM IST | Updated: Sep 21, 2026, 04:42 PM IST
Image Credit: Vivek Tiwari (File Photo)
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Vivek Tiwari Murder Case: लखनऊ में एप्पल मैनेजर विवेक तिवारी हत्याकांड में कोर्ट ने सजा सुनाई है. कोर्ट ने विवेक तिवारी हत्याकांड में दोषी सिपाही प्रशांत चौधरी 10 साल की सजा और 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है. 8 साल बाद कोर्ट ने दो​षी को सजा सुनाई है. इससे पहले कोर्ट ने प्रशांत चौधरी को दोषी ठहराया था.

यह है पूरा मामला 
28 सितंबर 2018 को गोमती नगर विस्तार में एप्पल के एरिया सेल्स मैनेजर अपने महिला कर्मी सना खान के साथ कार से जा रहे थे. इसी दौरान गोमती नगर थाने में तैनात सिपाही प्रशांत चौधरी और संदीप कुमार रात में गश्त कर रहे थे. सिपाही प्रशांत चौधरी ने विवेक की कार रोक कर गोली मार दी थी. इसमें विवेक तिवारी की मौत हो गई थी. मामले में विवेक की पत्नी कल्पना ने एफआईआर दर्ज कराई थी.

कोर्ट ने 10 साल कैद की सजा सुनाई 
मामले में 8 साल सुनवाई के बाद पिछले दिनों कोर्ट ने सिपाही प्रशांत चौधरी को गैर इरादतन हत्या का दोषी ठहराया. वहीं, संदीप कुमार को कोर्ट ने बरी कर दिया था. 8 साल तक लंबी लड़ाई के बाद विवेक तिवारी के परिवार को न्याय मिला है. कोर्ट ने प्रशांत चौधरी को 10 साल की कारावास की सजा सुनाई है. 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है.

कोर्ट के फैसले को ऊपरी अदालत में चैलेंज करेगा परिवार 
वहीं, मामले में संदीप कुमार के बरी होने पर विवेक की पत्नी कल्पना और भाई ने सवाल खड़े किए थे. कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में संदीप कुमार को बरी कर दिया था. विवेक तिवारी के परिवार ने कोर्ट के फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत जाने की बात कही. उनका कहना है कि संदीप कुमार भी दोषी है. उसे भी सजा मिलनी चाहिए. विवेक तिवारी जेल में बंद है. उसे बर्खास्त भी कर दिया गया है. संदीप कुमार बाहर है.

विवेक के परिवार ने उठाए ये सवाल 
विवेक तिवारी के परिवार का कहना है कि दोनों को उम्र कैद की सजा मिलनी चाहिए थी. परिवार ने फैसले पर सवाल खड़े किए हैं. परिवार का कहना है कि प्रदीप चौधरी ने गोली मारी तो संदीप उस समय क्या कर रहा था? संदीप की भी पूरी संलिप्तता थी. परिवार कानूनी लड़ाई जारी रखने का फैसला किया है.

मजिस्ट्रीयल जांच में हुआ था ये खुलासा 
विवेक तिवारी हत्याकांड में मजिस्ट्रीयल जांच के भी आदेश दिए गए थे. इसमें प्रशांत चौधरी को मुख्य आरोपी बनाया गया था. जांच में पता चला कि ज्वाइनिंग के बाद सिपाही प्रशांत चौधरी को आर्म्स ट्रेनिंग नहीं दी गई. बिना आर्म्स ट्रेनिंग के पिस्टल दे दी थी. इस पर पुलिस के उच्च अधिकारियों पर सवाल खड़े हुए थे. प्रशांत ने भी स्वीकार किया था कि उसे पिस्टल चलाने की ट्रेनिंग नहीं दी गई थी.

 

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About the Author

अमितेश कुमार पांडेय डिजिटल पत्रकार हैं और ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड (Zee UP-UK) की डिजिटल टीम में सीनियर सब-एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से ताल्लुक रखने वाले अमितेश को मीडिया जगत में 8 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है. वे उत्तर प्रदेश की हाइपर-लोकल खबरों, क्राइम, प्रशासनिक गतिविधियों, राजनीतिक उठापटक और खेल जगत के मुद्दों पर पैनी नजर रखते हैं. खबरों की गहराई, ग्राउंड रियलिटी और तथ्य-आधारित डिजिटल कवरेज के लिए वे जाने जाते हैं.अमितेश के पास डेस्क एडिटिंग के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों से ग्राउंड रिपोर्टिंग का भी व्यावहारिक अनुभव है. अमितेश ने उत्तर प्रदेश के तीन प्रमुख शहरों- लखनऊ, प्रयागराज और गाज़ियाबाद में जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग की है. स्थानीय प्रशासन, जनसमस्याओं और राजनीतिक हलचलों की बेहतर समझ उन्हें ज़मीनी वास्तविकताओं को सटीक रूप से प्रस्तुत करने में मदद करती है. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने भारत के लिडिंग हिंदी न्यूज़ पेपर अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान में काम करने का अनुभव है. अमितेश ने पत्रकारिता की पढ़ाई प्रयागराज से की है.अमितेश पांडेय से आप amitesh.pandey@india.com पर सीधे ईमेल कर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप अमितेश से एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर कनेक्ट कर सकते हैं.
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