Meerut News: मेरठ में Axis Bank की करेंसी चेस्ट में मिले 4.63 लाख के नकली नोट, मचा हड़कंप
Axis Bank Meerut: मेरठ के एक्सिस बैंक की करेंसी चेस्ट में बड़ी संख्या में जाली नोट मिलने से हड़कंप मच गया. मंगलपांडे नगर स्थित एक्सिस बैंक के करेंसी चेस्ट में जांच के दौरान करीब 4.63 लाख रुपये मूल्य के जाली नोट बरामद हुए हैं. फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
Meerut News: उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक्सिस बैंक की करेंसी चेस्ट में बड़ी संख्या में नकली नोट मिलने से हड़कंप मच गया। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के मंगल पांडे नगर स्थित बैंक की करेंसी चेस्ट में जांच के दौरान कुल 4 लाख 63 हजार 650 रुपये के नकली नोट पाए गए. मामला सामने आने के बाद करेंसी चेस्ट के प्रबंधक ने सिविल लाइंस थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है.
जांच के दौरान मिले नकली नोट
जानकारी के मुताबिक, करेंसी चेस्ट में नोटों की जांच की जा रही थी. इसी दौरान बड़ी संख्या में नोट नकली पाए गए. इन सभी नकली नोटों की कुल कीमत 4,63,650 रुपये बताई गई है.
मामले में केस दर्ज
नकली नोट मिलने के बाद बैंक अधिकारियों में हड़कंप मच गया. बैंक प्रबंधन की ओर से इसकी सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद सिविल लाइन पुलिस ने मामले को दर्ज कर जांच शुरू कर दी.
500, 200, 100 और 50 रुपये के जाली नोट
जांच के दौरान करेंसी चेस्ट में 500, 200, 100 और 50 रुपये के जाली नोट मिलने की बात सामने आई है. इनमें कुछ नोट पुराने बताए जा रहे हैं, जबकि कुछ नोट दो टुकड़ों में कटे हुए और दोबारा चिपकाए गए मिले हैं. बैंक प्रबंधन के मुताबिक, कुल 1,323 नकली नोट बरामद हुए हैं, जिनकी कुल कीमत 4 लाख 63 हजार 650 रुपये है। इनमें 500 रुपये के 805, 200 रुपये के 142, 100 रुपये के 279 और 50 रुपये के 97 नोट शामिल बताए गए हैं.
करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचे नकली नोट?
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी संख्या में नकली नोट बैंक की करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचे. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि नोटों की पहचान करने में कहां चूक हुई और इस मामले में किसी की लापरवाही तो नहीं हुई.
पुलिस करेंसी चेस्ट में नोटों के पहुंचने से लेकर उनकी जांच तक की पूरी प्रक्रिया की जानकारी जुटा रही है. मामले से जुड़े बैंक कर्मचारियों और अन्य संभावित लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है. फिलहाल पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. जांच पूरी होने के बाद ही नकली नोटों के स्रोत और मामले में जिम्मेदारी तय हो सकेगी. पुलिस नोटों के स्रोत और पूरे नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही है. जांच पूरी होने के बाद ही मामले की तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकेगी.