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UP Sarkari Naukri 2026/ विशाल रघुवंशी: उत्तर प्रदेश के बेरोजगार युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए गुड न्यूज है. प्रदेश में 19 सितंबर से युवाओं को सरकारी नौकरियां देने का नया 'महाअभियान' शुरू होने जा रहा है. इस अभियान के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद राजधानी लखनऊ में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान 4 प्रमुख सरकारी विभागों में चयनित हुए अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र (Appointment Letters) सौंपेंगे.
गोरखपुर से हुआ था बड़ा ऐलान, 19 सितंबर से प्रक्रिया शुरू
इस महाअभियान का खाका मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते 16 सितंबर को गोरखपुर दौरे के दौरान ही खींच दिया था. वहां उन्होंने सार्वजनिक मंच से यह बड़ा ऐलान किया था कि प्रदेश सरकार आगामी 6 महीनों के भीतर 1 लाख युवाओं को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से सरकारी नौकरी देने जा रही है. 19 सितंबर को नियुक्ति पत्र वितरण के साथ ही इस भर्ती प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत हो जाएगी.
4 विभागों के अभ्यर्थियों को मिलेंगे नियुक्ति पत्र
लखनऊ में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में अलग-अलग परीक्षाओं और साक्षात्कारों के माध्यम से अंतिम रूप से चयनित हुए 4 प्रमुख विभागों के अभ्यर्थियों को सम्मानित किया जाएगा. फिर उनके सपनों की चाबी दी जाएगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद अपने हाथों से सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपेंगे और उन्हें राज्य सेवा में आने के लिए शुभकामनाएं देंगे.
शिक्षक, पुलिस और राजस्व विभाग में बंपर भर्तियां
युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में यूपी सरकार पूरी रफ्तार से आगे बढ़ रही है. हाल ही में 16 सितंबर से 15,012 शिक्षक भर्ती पदों के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है. इसके अलावा, प्रदेश सरकार की योजना पुलिस विभाग और राजस्व विभाग (लेखपाल/अमीनों) में भी जल्द से जल्द हजारों रिक्त पदों पर नई भर्तियों की अधिसूचना जारी करने की तैयारी है, ताकि समयबद्ध तरीके से 1 लाख नौकरियों का लक्ष्य पूरा किया जा सके.
9 साल में साढ़े 9 लाख सरकारी नौकरियों का रिकॉर्ड
कार्यक्रम के दौरान सरकार अपने पिछले कार्यकाल और वर्तमान कार्यकाल के रोजगार आंकड़ों को भी जनता के सामने रखेगी. प्रदेश सरकार के आंकड़ों के अनुसार, बीते 9 सालों के दौरान उत्तर प्रदेश में बिना किसी भेदभाव, रिश्वतखोरी और धांधली के पूरी पारदर्शिता के साथ साढ़े 9 लाख से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं. योगी सरकार का दावा है कि इस महाअभियान के जरिए प्रदेश के हर जिले के युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे.
युवाओं का भरोसा वापस जीतने की कोशिश
सीएम योगी आदित्यनाथ के इस लक्ष्य में सबसे बड़ा हिस्सा यूपी पुलिस और होमगार्ड विभाग का है, जिसके तहत अकेले 77,000 से अधिक पद शामिल हैं. योगी सरकार का यह फैसला सिर्फ एक बड़ा चुनावी दांव ही नहीं, बल्कि प्रदेश के युवाओं का भरोसा वापस जीतने की एक बड़ी रणनीतिक कोशिश है, जहां एक तरफ पुलिस और होमगार्ड की 77 हजार भर्तियों का रिजल्ट जारी कर युवाओं का इंतजार खत्म किया जा रहा है. वहीं, दूसरी तरफ शिक्षा, UPSSSC और UPPSC के जरिए 38 हजार से अधिक नए पदों के दरवाजे खोले जा रहे हैं.
साफ है कि 2027 के रण में उतरने से पहले सरकार युवाओं के हाथ में 'नियुक्ति पत्र' थमाकर जमीनी माहौल अपने पक्ष में करना चाहती है. अब देखना यह होगा कि शिक्षा सेवा चयन आयोग और UPSSSC इन भर्तियों की चयन प्रक्रिया को कितनी तेजी और पारदर्शिता के साथ तय समय-सीमा के भीतर पूरा कर पाते हैं.