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किस बूथ पर किस जाति का दबदबा? 2027 जीत के लिए बीजेपी का नया फॉर्मूला, समझें चुनावी रणनीति

यूपी बीजेपी ने 2027 विधानसभा जीत के लिए बूथ लेवल पर काम शुरू कर दिया है. बीजेपी अपने हर मोर्चे को बूथ लेवल पर उतारने जा रही है. इसके तहत बीजेपी हर वर्ग को साधने की कोशिश की जाएगी.

Written By Amitesh Pandey
Published: Oct 18, 2026, 04:13 PM IST | Updated: Oct 18, 2026, 04:26 PM IST
Image Credit: Z Creative (AI Image)
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भाजपा 2027 विधानसभा चुनाव के लिए नई रणनीति अपना रही है. बीजेपी ने बूथ लेवल को मजबूत करने के लिए माईक्रोमैनेजमेंट प्लान तैयार कर लिया है. पार्टी अपने पांचों मोर्चे युवा, किसान, ओबीसी, महिला और एससी एसटी से हर बूथ पर 2-2 वालंटियर तैनात करेगी. बूथों पर जिन जातियों की संख्या ज्यादा होगी, उसी जाति के वालंटियर रखे जाएंगे.  बाद में विशेष समिति की निगरानी में मोर्चों की ओर से सम्मेलन कराया जाएगा. इसमें प्रदेश और केंद्रीय टीम के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे.

माइक्रोमैनेजमेंट पर जोर 
बीजेपी प्रवक्ता अवनीश त्यागी ने बताया कि भाजपा के 98 संगठनात्मक जिलों के 1918 मंडलों में 1.77 लाख बूथ माने जाते हैं. 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा माइक्रोमैनेजमेंट पर जोर दे रही है. पिछले दिनों एक साथ सभी बूथों पर बैठकें हुईं. बूथ समितियों का दो स्तरों पर सत्यापन किया गया. पार्टी की रचना के अनुसार, एक बूथ में अध्यक्ष समेत 11 से 20 सदस्यों की टीम होती है. इस बार बूथ अध्यक्षों से अपने यहां का जातीय गणित भी मांगा गया है.

वालंटियर पार्टी की नीतियों को अपने वर्ग के बीच पहुंचाएंगे
भाजपा की प्रदेश इकाई ने सभी मोर्चों को हर बूथ पर उस क्षेत्र में प्रभाव रखने वाली जातियों के वालंटियर बनाने के लिए कहा है. हर बूथ पर मोर्चों के 2-2 वालंटियर बनाए जाएंगे, जो पार्टी की नीतियों को अपने वर्ग के बीच पहुंचाएंगे. चुनाव से पहले ये वालंटियर अपने क्षेत्रों की सर्वे रिपोर्ट पार्टी को उपलब्ध कराएंगे. पार्टी बूथों की रिपोर्ट का अध्ययन कर विधानसभा क्षेत्र में नए उम्मीदवारों को अवसर दे सकती है.

​ओबीसी और अनुसूचित मोर्चा पर ज्यादा फोकस
इस बार बीजेपी का विशेष फोकस ओबीसी और अनुसूचित मोर्चा पर होगा. इनकी वोटों की संख्या सबसे ज्यादा है. सवर्णों को अपने पाले में करने के लिए प्रबुद्ध सम्मेलन कराए जाएंगे. पिछले दिनों लखनऊ पहुंचे राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष ने भी बूथ मैनेजमेंट का पाठ पढ़ाया था.

कमजोर बूथों पर खास नजर
इसके अलावा बीजेपी कमजोर बूथों की भी पहचान कर रही है. पिछले विधानसभा चुनाव 2022 की बात करें तो यूपी में बीजेपी को 18 हजार से बूथों पर या तो हार का सामना करना पड़ा था या कम वोट मिले थे. वहीं, 2024 के लोकसभा चुनाव में भी भी यही देखने को मिला. अब बीजेपी 2027 चुनाव में यह गलती नहीं करना चाहती. इसलिए वह कमजोर बूथों पर खास नजर बनाए हुए है. शीर्ष नेतृत्व की भी नजर इन बूथों को मजबूत करने पर है.


(लखनऊ से विशाल सिंह की रिपोर्ट)

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About the Author

अमितेश कुमार पांडेय डिजिटल पत्रकार हैं और ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड (Zee UP-UK) की डिजिटल टीम में सीनियर सब-एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से ताल्लुक रखने वाले अमितेश को मीडिया जगत में 8 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है. वे उत्तर प्रदेश की हाइपर-लोकल खबरों, क्राइम, प्रशासनिक गतिविधियों, राजनीतिक उठापटक और खेल जगत के मुद्दों पर पैनी नजर रखते हैं. खबरों की गहराई, ग्राउंड रियलिटी और तथ्य-आधारित डिजिटल कवरेज के लिए वे जाने जाते हैं.अमितेश के पास डेस्क एडिटिंग के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों से ग्राउंड रिपोर्टिंग का भी व्यावहारिक अनुभव है. अमितेश ने उत्तर प्रदेश के तीन प्रमुख शहरों- लखनऊ, प्रयागराज और गाज़ियाबाद में जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग की है. स्थानीय प्रशासन, जनसमस्याओं और राजनीतिक हलचलों की बेहतर समझ उन्हें ज़मीनी वास्तविकताओं को सटीक रूप से प्रस्तुत करने में मदद करती है. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने भारत के लिडिंग हिंदी न्यूज़ पेपर अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान में काम करने का अनुभव है. अमितेश ने पत्रकारिता की पढ़ाई प्रयागराज से की है.अमितेश पांडेय से आप amitesh.pandey@india.com पर सीधे ईमेल कर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप अमितेश से एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर कनेक्ट कर सकते हैं.
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