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बस्ती में खाकी पर खादी का वार: अपनी ही सरकार के खिलाफ उतरे विधायक, CM योगी को लिखा पत्र

बस्ती पुलिस पर जबरन वसूली और आम आदमी से बदसलूकी का आरोप लगा है. महादेवा ​विधानसभा सीट से विधायक पुलिस की कार्यशैली के खिलाफ सड़क पर उतर आए हैं.

बस्ती में खाकी पर खादी का वार: अपनी ही सरकार के खिलाफ उतरे विधायक, CM योगी को लिखा पत्र
Image Credit: Z Creative (AI Image)

बस्ती में अब खाकी और खादी के बीच टकराव खुलकर सामने आ गया है. सत्ता के गठबंधन में शामिल सुभासपा विधायक ने अपनी ही सरकार के पुलिस सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. महादेवा विधानसभा से सुभासपा विधायक दूध राम ने नगर थाना प्रभारी राम प्रसाद यादव के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शिकायती पत्र भेज दिया है. विधायक ने थानेदार पर जनता से बदसलूकी, फरियादियों की अनदेखी और जबरन वसूली जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं. यहां तक कि पुलिस की कार्यशैली से सरकार की छवि धूमिल होने की बात कहते हुए थाना प्रभारी को तत्काल हटाने की मांग कर दी है विधायक का यह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे से लेकर सियासी गलियारों तक हलचल तेज हो गई है.

मुख्यमंत्री को लिखा पत्र  

बस्ती में वर्दी की कार्यशैली पर अब जनप्रतिनिधि ने ही सवालों की बौछार कर दी है. मामला नगर थाने का है, जहां के थाना प्रभारी राम प्रसाद यादव को लेकर सुभासपा विधायक दूध राम ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत की है. मुख्यमंत्री को भेजे गए शिकायती पत्र में विधायक ने आरोप लगाया है कि नगर थाना प्रभारी की कार्यशैली लगातार जनता के बीच असंतोष पैदा कर रही है. थाने पर अपनी फरियाद लेकर पहुंचने वाले लोगों की शिकायतों को गंभीरता से नहीं सुना जाता. आरोप तो यहां तक है कि न्याय की उम्मीद लेकर थाने पहुंचने वाले फरियादियों को राहत मिलने के बजाय उल्टा कार्रवाई का डर दिखाया जाता है.

जबरन वसूली के आरोप  

सुभासपा विधायक ने थाना प्रभारी पर जनता से खराब व्यवहार करने और जबरन वसूली के भी गंभीर आरोप लगाए हैं. साथ ही जनप्रतिनिधियों के प्रोटोकॉल की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा है कि जब एक निर्वाचित विधायक की बात को पुलिस अधिकारी तवज्जो नहीं दे रहे हैं, तो आम आदमी की सुनवाई का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है. विधायक ने मुख्यमंत्री योगी से नगर थाना प्रभारी को तत्काल थाना क्षेत्र से हटाने की मांग की है. उनका आरोप है कि पुलिस अधिकारी की ऐसी कार्यशैली से न सिर्फ जनता परेशान है, बल्कि प्रदेश सरकार की छवि भी प्रभावित हो रही है.

पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल  

सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि यह शिकायत किसी विपक्षी दल के नेता ने नहीं, बल्कि प्रदेश की सत्ता में शामिल सुभासपा के विधायक ने अपनी ही सरकार के मुखिया से की है. विधायक का पत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इसने पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली को लेकर नई बहस छेड़ दी है. फिलहाल बड़ा सवाल यही है कि विधायक के इन गंभीर आरोपों पर पुलिस के उच्चाधिकारी क्या संज्ञान लेते हैं? क्या नगर थाना प्रभारी पर कार्रवाई होगी या फिर यह शिकायत भी सरकारी फाइलों तक ही सीमित रह जाएगी? अब सबकी निगाहें मुख्यमंत्री कार्यालय और पुलिस के आला अधिकारियों के अगले कदम पर टिकी हैं.

(बस्ती से राघवेंद्र सिंह की रिपोर्ट)

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About the Author

Amitesh Pandey

Amitesh Pandey

अमितेश कुमार पांडेय डिजिटल पत्रकार हैं और ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड (Zee UP-UK) की डिजिटल टीम में सीनियर सब-एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से ताल्लुक रखने वाले अमितेश को मीडिया जगत में 8 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है. वे उत्तर प्रदेश की हाइपर-लोकल खबरों, क्राइम, प्रशासनिक गतिविधियों, राजनीतिक उठापटक और खेल जगत के मुद्दों पर पैनी नजर रखते हैं. खबरों की गहराई, ग्राउंड रियलिटी और तथ्य-आधारित डिजिटल कवरेज के लिए वे जाने जाते हैं.अमितेश के पास डेस्क एडिटिंग के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों से ग्राउंड रिपोर्टिंग का भी व्यावहारिक अनुभव है. अमितेश ने उत्तर प्रदेश के तीन प्रमुख शहरों- लखनऊ, प्रयागराज और गाज़ियाबाद में जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग की है. स्थानीय प्रशासन, जनसमस्याओं और राजनीतिक हलचलों की बेहतर समझ उन्हें ज़मीनी वास्तविकताओं को सटीक रूप से प्रस्तुत करने में मदद करती है. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने भारत के लिडिंग हिंदी न्यूज़ पेपर अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान में काम करने का अनुभव है. अमितेश ने पत्रकारिता की पढ़ाई प्रयागराज से की है.अमितेश पांडेय से आप amitesh.pandey@india.com पर सीधे ईमेल कर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप अमितेश से एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर कनेक्ट कर सकते हैं.
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