बलरामपुर में छात्रा की मौत का मामला: धार्मिक आयोजन पर DJ बजाने पर रोक, नगर पालिका का बड़ा फैसला
Balrampur News: बलरामपुर में क्लासरूम के अंदर कक्षा 2 की छात्रा की मौत के बाद नगर पालिका एक्शन में आ गया है. नगर पालिका ने धार्मिक आयोजनों के दौरान डीजे बजाने पर रोक लगा दी है.
Balrampur News: बलरामपुर में डिवाइन पब्लिक स्कूल में कक्षा-2 की 7 वर्षीय छात्रा की मौत के बाद धार्मिक आयोजनों में बजने वाले डीजे को लेकर नगर पालिका ने बड़ा फैसला लिया है. मंगलवार को नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. धीरेंद्र प्रताप सिंह ‘धीरू’ ने आपात बैठक बुलाकर विभिन्न धर्मों के लोगों के साथ चर्चा की. बैठक के बाद नगर क्षेत्र में धार्मिक आयोजनों के दौरान डीजे के प्रवेश पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया.
सभी धर्मों के लोगों के साथ बैठक की
नगर पालिका अध्यक्ष ने कहा कि सोमवार को हुई घटना ने सभी को झकझोर दिया है. घटना के बाद सभी धर्मों के लोग मौके पर पहुंचे और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इस पर चर्चा हुई. इसके बाद जनसुरक्षा और नगर की व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए डीजे को नगर क्षेत्र में प्रवेश नहीं देने का निर्णय लिया गया है.
नियम तोड़ा तो 25 हजार का जुर्माना और जेल का प्रस्ताव
अध्यक्ष डॉ. धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि प्रतिबंध के बावजूद यदि कोई डीजे नगर क्षेत्र में प्रवेश करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. इसके लिए 25 हजार रुपये जुर्माना और जेल की कार्रवाई का प्रावधान किए जाने का प्रस्ताव प्रशासन के सामने रखा जाएगा. उन्होंने कहा कि नियम सभी के लिए समान होगा. कोई व्यक्ति कितना भी प्रभावशाली हो या किसी संगठन से जुड़ा हो, नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी.
धार्मिक आयोजनों में बिजली कटौती नहीं करने की मांग
नगर पालिका अध्यक्ष ने बताया कि धार्मिक आयोजनों के दौरान विद्युत कटौती नहीं किए जाने की मांग भी प्रशासन के समक्ष रखी जाएगी. उनका कहना है कि कार्यक्रमों के दौरान पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था रहने से सुरक्षा और यातायात प्रबंधन में मदद मिलेगी. साथ ही धार्मिक आयोजनों को यथासंभव नगर क्षेत्र के बाहर कराने पर भी जोर दिया जाएगा, ताकि जुलूस और कार्यक्रमों से यातायात प्रभावित न हो.
बुधवार को डीएम को सौंपेंगे ज्ञापन
अध्यक्ष ने बताया कि बुधवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर धार्मिक जुलूसों और आयोजनों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की जाएगी. उन्होंने कहा कि नगर पालिका द्वारा पहली बार इस तरह का निर्णय लिया गया है. उद्देश्य किसी धर्म के आयोजन पर रोक लगाना नहीं, बल्कि सभी धर्मों के आयोजनों में जनसुरक्षा, सामाजिक सौहार्द और नगर की व्यवस्था बनाए रखना है.