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समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला की रिहाई तय है. सूत्रों का कहना है कि शनिवार को दोनों जेल से बाहर आ सकते हैं. रामपुर कोर्ट के फैसले के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में आपराधिक पुनरीक्षण याचिका (Criminal Revision Petition) दायर की गई थी. जिसपर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पिता-पुत्र दोनों को दो पैन कार्ड मामले में जमानत दे दी.
इस फैसले के बाद उनकी जेल से रिहाई का रास्ता साफ हो गया है. रिहाई के शुरुआती आदेश (रिहाई परवाने) रामपुर जेल प्रशासन तक पहुंच भी चुके हैं.
15 अक्टूबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस समित गोपाल की एकल पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी, एनआई जाफरी और एडवोकेट शाश्वत आनंद की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा था. कोर्ट ने निर्णय सुनाते हुए आजम खान और उनके बेटे की सजा को तो निलंबित (Sentence Suspended) कर दिया, लेकिन उनकी दोषसिद्धि (Conviction) पर रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया.
इसका सीधा मतलब यह है कि निचली अदालत द्वारा दोषी ठहराया जाने का फैसला कानूनन बरकरार रहेगा, लेकिन जब तक उच्च अदालत में इस मामले का अंतिम निस्तारण नहीं होता, तब तक दोनों जमानत पर बाहर रह सकते हैं.
यह पूरा विवाद साल 2019 का है, जब बीजेपी नेता आकाश सक्सेना ने एफआईआर दर्ज कराई थी. आरोप था कि अब्दुल्ला आजम ने चुनाव लड़ने के लिए अपनी सही उम्र छिपाने और गलत फायदा उठाने के लिए दो अलग-अलग जन्म तिथियों वाले पैन कार्ड बनवाए और उनका इस्तेमाल किया. इस आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी में आजम खान को भी नामजद किया गया था.
इस मामले की सुनवाई करते हुए रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने दोनों को दोषी पाया था और आजम खान को 10 साल और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को 7 साल की कैद की सजा सुनाई थी.
नवंबर 2025 से रामपुर जिला कारागार में बंद दोनों सपा नेताओं के लिए रिहाई के आदेश जारी हो चुके हैं. रामपुर कोर्ट से शुरुआती चरण में पांच मामलों में रिहाई के परवाने जेल प्रशासन को मिल गए हैं. हालांकि, जेल में रहने के दौरान आजम परिवार ने अपने खिलाफ दर्ज कई अन्य मुकदमों में भी पुरानी जमानतें तुड़वा ली थीं. इसी वजह से अब समर्थकों और कानूनी टीम को बाकी सभी मुकदमों में नए जमानतियों के सत्यापन (Verification) और बाकी बची अदालती कागजी औपचारिकताओं को पूरा करना होगा.
जैसे ही सभी मुकदमों में सत्यापन का काम पूरा होगा, वैसे ही आजम खान और अब्दुल्ला आजम रामपुर जेल से बाहर आ जाएंगे.